मायागंज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग को मिलेगा जल्द नया आईसीयू


मायागंज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग को मिलेगा जल्द नया आईसीयू

मातृत्व मृत्यु दर को कम करने में मिलेगी मदद

एक जुलाई से शुरू होने की उम्मीद

भागलपुर, 27 जून

मायागंज अस्पताल के स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग को अब जल्द ही नया आईसीयू मिलने वाला है। 32 बेड वाले इस आईसीयू में वो सब सुविधाएं होंगी जो कि सामान्य आईसीयू में आज की तारीख में उपलब्ध है। इससे गंभीर महिला मरीजों को न केवल समय पर बेहतर इलाज मिल सकेगा बल्कि जिले में मातृत्व मृत्यु दर में कमी लायी जा सकेगी।

 

स्त्री एवं प्रसव रोग विभाग में पहले से ही 100 बेड का महिला वार्ड संचालित है। इसके अलावा 12 बेड का पेइंग वार्ड भी चल रहा है। अब 32 बेड का आईसीयू शुरू हो जाने से एक साथ 144 महिला मरीजों का इलाज किया जा सकेगा। महिला वार्ड के बगल में ही नया आईसीयू तैयार हो रहा है। मायागंज अस्पताल के अधीक्षक डॉ. आरसी मंडल ने कहा कि वार्ड को न केवल पूरी तरह से तैयार कर लिया गया है बल्कि बिछाने के लिए नये बेड-गद्दे भी आ चुके हैं, जिन्हें आईसीयू में शनिवार को बिछाया गया। आईसीयू में हर बेड पर कॉर्डियक मानिटर व वार्ड में दस वेंटिलेटर लगाया गया है। अभी बेड टू बेड तक ऑक्सीजन आपूर्ति की व्यवस्था नहीं हो पा रही है। दो दिन के अंदर 32 बेड तक पाइप से ऑक्सीजन की आपूर्ति व्यवस्था को पूरा कर लिया जायेगा। पूरा प्रयास होगा कि एक जुलाई से इस आईसीयू को जनता को समर्पित कर दिया जाये। मायागंज अस्पताल की महिला चिकित्सक डॉ. शीला कुमारी बताती हैं कि आईसीयू के शुरू हो जाने के बाद करीब दस प्रतिशत असमय होने वाली मातृत्व मृत्यु को रोका जा सकेगा।

 झारखंड समेत 15 जिलों से आते हैं मरीज: मायागंज अस्पताल में भागलपुर और आस-पास जिलों समेत कोशी और  सीमांचल के जिलों से भी मरीज यहां पर आते हैं। साथ ही झारखंड के  गोड्डा, साहेबगंज से भी बड़ी संख्या में भी मरीज यहां इलाज कराने के लिए आते हैं। पास के किसी जिले में इतनी सुविधाओं वाला सरकारी या निजी अस्पताल नहीं है इस वजह से भी यहां पर इलाज कराने के लिए आने वाले मरीजों की भीड़ बढ़ती है. इस वजह से यहां पर अस्पताल प्रशासन को व्यवस्था को दुरस्त रखना पड़ता है। ताकि मरीजों को उत्तम सुविधाएं मिले और वे स्वस्थ हों।

 

अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस है मायागंज अस्पताल: यहां पर मरीजों की भीड़ बढ़ने का एक यह भी कारण है कि यहां जांच और इलाज की अत्याधुनिक सुविधाएं  उपलब्ध हैं। कई आधुनिक फीचर के साथ उपकरण लगाए गए हैं। अस्पताल लेटेस्ट उपकरणों से लैस है। यहां पर लगभग हर तरह की जांच मरीजों को कम कीमत पर उपलब्ध हो जाती है। विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य स्टाफ के जरिए तथा विभिन्न प्रकार के उपकरणों की सहायता से रोगियों का  इलाज किया जाता है। इस अस्पताल में मरीज को बचान के लिए हर संभव साजो सामान उपलब्ध है जिससे मरीजों को काफी लाभ हो रहा हैं। वहीं अस्पताल को कीटाणुरहित के लिए हर तरह की तैयारी की गई है जिससे मरीजों को कोई असुविधा नहीं होती है। मायागंज अस्पताल जैसी इतनी सुविधाओं वाला आस-पास अस्पताल नहीं है।

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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