जानिए कौन है 'नमस्ते ट्रंप' का आयोजक 


जानिए कौन है 'नमस्ते ट्रंप' का आयोजक 

डोनाल्ड ट्रंप दो दिवसीय भारत दौरे पर अपनी पत्नी, बेटी और दमाद के साथ 24 फरवरी को अहमदाबाद पहुंचेंगे। ट्रंप के इस भारत दौरे को लेकर तैयारियां जोरो पर है। इस कार्यक्रम को अमेरिका के ह्यूस्टन में हुए 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम की तरह भव्य बनाने की तैयारी हो रही है। 'हाउडी मोदी' कार्यक्रम को टेक्सास इंडिया फोरम ने आयोजित करवाया था।

 


ट्रम्प के भारत दौरे को लेकर अहमदाबाद में 'नमस्ते ट्रंप' नामक कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है जिसका आयोजन 'डोनाल्ड ट्रंप नागरिक अभिनंदन समिति' ने किया है। हालाँकि इस समिति को लेकर सवाल भी उठने लगे हैं।डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति और खर्च को लेकर उठ रहे  जिसमे कहा जा रहा है कि अहमदाबाद में डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति के बुलावे पर अमेरिकी राष्ट्रपति आ रहे हैं।

 

 


 यह समिति ही मोटेरा स्टेडियम में आयोजन का खर्च उठा रही है। इस बात की पुष्टि करते हुए विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रवीश कुमार ने बताया कि प्रोटोकॉल, सिक्योरिटी, सड़क, संसाधन इत्यादि से जुड़े खर्च सरकार उठा रही है, लेकिन मोटेरा स्टेडियम में आयोजन का खर्च डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति उठा रही है।

 

 

हालांकि रवीश कुमार द्वारा डोनाल्ड ट्रंप अभिनंदन समिति के चेयरमैन या अन्य सदस्यों के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। रवीश कुमार के बयान से पहले तक कभी इस समिति के बारे में कोई चर्चा तक नहीं थी। यहां तक कि सरकार ने भी इससे पहले इस समिति के बारे में कोई जानकारी नहीं दी। सोशल मिडिया पर भी इस समिति  का कोई एकाउंट नहीं है।

 

 

सरकारी वेबसाइट पर  उठा सवाल 
सवाल यह  उठता है कि कार्यक्रम की आयोजक जब समिति है तो वेबसाइट सरकार ने क्यों बनाई? दरअसल 'नमस्ते ट्रंप' कार्यक्रम के लिए जो वेबसाइट namastepresidenttrump.in बनाई गई है उसे गुजरात सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी ने विकसित किया है। वहीं इस वेबसाइट पर "About Us' का पेज ही नहीं है। इस वेबसाइट के नाम से ट्विटर और फेसबुक पर भी अकाउंट बनाया गया है।

 

 


कहाँ मिलेंगे कार्यक्रम के निमंत्रण पास
कार्यक्रम के निमंत्रण पास एएमसी और कलेक्टर के पास से मिल रहे हैं
अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर आशीष भाटिया पहले ही बता चुके हैं कि कार्यक्रम के लिए इन्विटेशन पास अहमदाबाद म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन (एएमसी) या कलेक्टर से ले सकते हैं। अब सवाल यह उठता है कि अगर कार्यक्रम का आयोजक समिति है तो पास एएमसी और कलेक्टर ऑफिस से क्यों मिल रहे हैं?
 


सरकारी खर्च पर भी संदेह 
अहमदाबाद के नगर निगम से जुड़े एक अधिकारी का कहना है कि सड़कों के सौंदर्यीकरण, साज सज्जा, चौड़ीकरण या दीवार के निर्माण का काम नगर निगम के खर्च पर हुआ है। बताते हैं 30 करोड़ रुपये की लागत से तमाम काम कराए जा चुके हैं। करीब डेढ़ दर्जन सड़कों को सुंदर स्थाई बनाया गया है। नगर निगम ने इसके अलावा अन्य मदों में भी खर्च किया है। कुछ खर्च राज्य सरकार ने भी उठाया है। 

 

-राज कमल

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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