मैं भी हुई थी कास्टिंग काउच की शिकार : विद्या बालन


मैं भी हुई थी कास्टिंग काउच की शिकार : विद्या बालन

बॉलीवुड अभिनेत्री विद्या बालन ने एक ऐसा धमाका किया है कि जिससे जल्द ही इंडस्ट्री के कुछ अभिनेताओं, डायरेक्टरों की जुबान पर ताला लग सकता है. हालांकि जो बात हम आपको बताने जा रहे हैं वैसी बाते आए दिन मीडिया में सुर्खियां बनी रहती हैं लेकिन जब इन्हीं बातों को कोई बड़ा स्टार बोल दे तो वही बात काफी अहमियत वाली हो जाती है.

 

दरअसल हम बात कर रहे हैं बॉलीवुड कास्टिंग काउच की. जी हां कास्टिंग काउच इसका नाम सुनते ही किसी भी लड़की रूह एक बारगी कांप जाती है क्योंकि यह बालीवुड की दुनिया का काला सच है. जहां फिल्मों में काम दिलाने के बदले अभिनेत्रियों को बिस्तर गर्म करने के लिए मजबूर किया जाता है उन्हें सफलता दिलाने के लिए कास्टिंग काउच का शिकार बनाया जाता है. और ये इस इंडस्ट्री का एक काला स्याह सच है.

 

इसे भी पढ़ें: कश्मीर की आखरी हिंदू रानी 'कोटा रानी' की कहानी अब बड़े परदे पर

 

हाल ही में फिल्म मिशन मंगल से एक बार फिर बालीवुड में अपना जलवा बिखेर रही अभिनेत्री विद्या बालन भी इंडस्ट्री के इसी काले सच से दो-चार हो चुकी हैं. विद्या उन एक्ट्रेसेस में से हैं जो कि चुनिंदा फिल्में करती हैं. इन्होने वर्ष 2005 में अपने करियर की शुरुआत फिल्म परिणीता से की. इसके बाद उनके हिस्से में कई हिट फिल्में भी आयीं, और बड़े-बड़े प्रोजेक्ट मिलने लगे. लेकिन करियर के शुरुआत का एक ऐसा दौर भी रहा जब उन्हें कास्टिंग काउच का सामना करना पड़ा. अपने इसी अनुभव का खुलासा करते हुए विद्या बालन ने एक वेबसाइट को दिए इंटरव्यू में किया है.

 

विद्या बालन ने बताया कि ये तब की बात है जब उनके पास एक या दो नहीं बल्कि 12 प्रोजेक्ट्स चले गए थे. तब वह काम के सिलसिले में लगातार लोगों से मिल रही थीं. विद्या बालन ने बताया कि इस हादसे के बाद वह खुद का चेहरा आइना में नहीं देख पा रही थीं, और पर्दे के पीछे अपने आप को काफी कोसती थी. अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए विद्या बालन कहती हैं कि एक वक्त था जब वो चेन्नई में काम के सिलसिले में एक निर्देशक से मिलने गई थीं. डायरेक्टर ने उनसे ऐसी बात कही जिससे साफ पता चल रहा था कि वह उनका फायदा उठाना चाहता था.

 

इसे भी पढ़ें: मात्र 20 मिनट में पाएं गोरा और चमकदार चेहरा

 

विद्या बालन ने अपने साथ घटे उस हादसे का जिक्र करते हुए कहा कि मुझे याद है कि एक दिन मैं चेन्नई में काम के सिलसिले में एक डायरेक्टर से मिलने गई थी. मेरी डायरेक्टर से मुलाकात कॅाफी शॅाप में हुई. अपनी बातों में वह मुझे बार-बार कमरे में जाने के लिए बोल रहा था. वो एक नहीं कई बार कह रहा था कि उसे मुझसे बात करनी है और हमें कमरे में चलना चाहिए. विद्या आगे कहती हैं कि मैं उस डायरेक्टर की सोच को पढ़ते हुए मैं कमरे में गई, लेकिन मैंने दरवाजा खुला छोड़ दिया. फिर क्या डायरेक्टर 5 मिनट में बिना कुछ बोले भाग गया.

 

इसके बाद उन्होंने एक और खुलासा करते हुए कहा कि एक बार तमिल फिल्म के निर्देशक ने मुझे फोन किया. फिल्म की कहानी सुनाई. कुछ दिन बाद मेरा ऑडिशन फिक्स हुआ. लेकिन जब मैं वहां पहुंची तो ऐसा कुछ था ही नहीं. वह आगे बताती हैं कि मैं जब ऑडिशन की जगह पर पहुंची तो वहां कुछ था नहीं. डायरेक्टर ने मुझे एक ड्रेस और कुछ डायलॅाग्स दिए. वो डायलॅाग्स इतने भद्दे थे कि मैं उन्हें बोल भी नहीं सकती थी. मैं तुरंत वहां से निकल आई.

 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

-
-

रेसिपी

वायरल न्यूज़

×