सबरीमाला मंदिर जाने वाले लोग अर्बन, नक्सल और नास्तिक हैं: वी मुरलीधरन


सबरीमाला मंदिर जाने वाले लोग अर्बन, नक्सल और नास्तिक हैं: वी मुरलीधरन

साउथ के फेमस सबरीमाला मंदिर को लेकर केंद्रीय मंत्री वी मुरलीधरन ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि सबरीमाला जाने वाले कुछ लोग अर्बन नक्सल और नास्तिक हैं. उनका यह भी कहना है कि कुछ लोग बस ये साबित करना चाहते हैं कि वो सबरीमाला मंदिर गए हैं. इसके अलावा केंद्रीय मंत्री ने यह भी कहा कि केरल की सरकार सबरीमाला मंदिर की परंपराओं को बनाए रखने के लिए दबाव में हैं.

 

न्यूज एजेंसी ANI से वी मुरलीधरन ने कहा कि, 'जो लोग अब मंदिर जा रहे हैं, वे अर्बन नक्सल, अराजकतावादी और नास्तिक हैं. मुझे नहीं लगता कि वे सच्चे श्रद्धालु हैं. ऐसे लोग सिर्फ ये सबित करना चाहते हैं कि वे सबरीमाला मंदिर गए थे. वे लोग सही मायने में श्रद्धालु हैं या नहीं, इसकी जांच होनी चाहिए.'

 

Breaking News : शरद अरविंद बोबडे बने 47वें प्रधान न्यायाधीश, जाने कौन हैं अरविंद बोबडे

 

बता दें कि केरल में सबरीमला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर के कपाट वार्षिक तीर्थयात्रा मंडल-मकरविलक्कू के लिए बीते शनिवार को कड़ी सुरक्षा के बीच खोल दिए गए. जहां पहले दिन कड़ी सुरक्षा के बीच हजारों श्रद्धालुओं ने दर्शन किए.

 

गौरतलब है कि उच्चतम न्यायालय की 5 सदस्यीय पीठ द्वारा सबरीमला मंदिर में 10 से 50 वर्ष की उम्र की महिलाओं को प्रवेश और अन्य धर्म से जुड़े मामलों को बड़े बेंच को भेजे जाने के कुछ दिन बाद यह मंदिर को खोला गया है. जहां पिछले वर्ष महिलाओं को मंदिर में प्रवेश के लिए प्रतिबंध लगाया गया था.

 

घरेलु नुस्खे : अगर आपकी किडनी में है स्टोन, तो ये है रामबाण इलाज़

 

V Muraleedharan Hindi News, हिंदी न्यूज़, Latest News in Hindi, Sabarimala Mandir Hindi News Headlines, हिन्दी ख़बर, V Muraleedharan Breaking News in Hindi, headlines in hindi, news headlines in hindi, Taja Samachar, V Muraleedharan Hindi Samachar

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×