दंपत्ति ने कोरोना फाइटर्स के पैर धोए, पुष्प वर्षा और आरती की तो भर आई आंखें


दंपत्ति ने कोरोना फाइटर्स के पैर धोए, पुष्प वर्षा और आरती की तो भर आई आंखें

कोरोना से जंग के बीच लॉक डाउन में हर कोई घरों में कैद हैं. ऐसे में बहुत से ऐसे कोरोना फाइटर्स हैं, जो इस बीच भी सड़क पर निकलकर शहर और गली-मोहल्‍लों को साफ रखकर जंग जीतने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं. संकट की इस घड़ी में उनकी कर्तव्‍यनिष्‍ठा के लिए ऐसे फाइटर्स को लोग सिर आंखों पर बैठा रहे हैं. ऐसे ही फाइटर्स हैं हमारे सफाईकर्मी, जो अपनी जान की परवाह किए बगैर दिन-रात शहर को साफ बनाने के लिए ड्यूटी कर रहे हैं. ऐसे ही कोरोना फाइटर्स का जब आज एक दंपत्ति ने पैर धोकर पुष्‍पवर्षा कर उनकी आरती कर सम्‍मान किया, तो खुशी से उनकी आंखें भर आईं. उन्‍होंने उनको इस महामारी से बचने के लिए सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराया है.

 

कोरोना से जंग के बीच लोगों के बीच पैदा हुए सकारात्‍मक भाव ने हमारे भीतर जीत का जज्‍बा भर दिया है. सीएम सिटी में भी लोग इसी भाव के साथ सड़क पर निकलने वाले कोरोना फाइटर्स में हौसला भर रहे हैं. सीएम सिटी में तो ये नजारा किसी ने पहले कभी नहीं देखा होगा. कोरोना से जंग के बीच जब एक दंपत्ति सड़क पर आरती और पुष्‍प से भरी थाली लेकर आ गया, तो लोग हैरान रह गए. लॉक डाउन की वजह से मंदिर के पट बंद होने के कारण उनकी हैरानी जायज भी है. लेकिन, दरअसल वे कोरोना फाइटर्स की उनके जज्‍बे को नमन करने के लिए पुष्‍पवर्षा के साथ आरती करने और उनका हौसला बढ़ाने के लिए सड़क पर आए.

 

दंपत्ति ने बड़े से परात में पहले सभी सफाईकर्मियों का पैर धुलाया. सोशल डिस्‍टेंसिंग को ध्‍यान में रखते हुए बारी-बारी से उन्‍हें बुलाया गया. उनके जज्‍बे और देश और लोगों की सेवा के लिए इस दंपत्ति ने उनके पैर धोने के बाद आरती की थाल लेकर उनकी आरती उतारी. इसके पहले उनके ऊपर पुष्‍पवर्षा कर उनका स्‍वागत और सम्‍मान भी किया. ये दृश्‍य देखकर इन कोरोना फाइटर्स की आंखे खुशी से भर गई. मानों उन्‍हें दुनिया की सारी खुशियां मिल गईं हो. कोरोना से जंग के बीच जहां देश और दुनिया से अच्‍छी और बुरी दोनों तरह की खबरें आ रही हैं. ऐसे में सकारात्‍मक भाव से भरा ये दृश्‍य देश और दुनिया में और लोगों के लिए भी प्रेरणा देने वाला है.

 

इस लॉक डाउन के दौरान गोरखपुर में सफाईकर्मियों की ड्यूटी सबसे महत्वपूर्ण हो गई है. सुबह 5 बजे से लेकर रात के 1:00 बजे तक अलग-अलग शिफ्ट में शहर में सफाईकर्मी सभी वार्डों में सफाई कर रहे हैं. इसके साथ ही वे शहर को पूरी तरह से सैनिटाइज भी कर रहे हैं. सफाईकर्मियों की इस कठिन ड्यूटी को देखकर झरना टोला इलाके के रामनाथ निषाद और उनकी पत्नी माया काफी प्रभावित हुए. इन्होंने सफाईकर्मियों का सम्मान करने का मन बनाया और उसे पूरा भी किया. इन्होंने सफाईकर्मियों के पांव धोकर उन पर पुष्प अर्पित किए और इन्हें गमछा के साथ स्वच्छता किट भी उपलब्ध कराया.

 

रामनाथ ने कहा कि इस कठिन दौर में जिस मेहनत से ही सफाईकर्मी शहर को पूरी तरह से स्वच्छ रखने में अपना योगदान दे रहे हैं, उससे कोई भी प्रभावित हो सकता है. कोरोना के इन वास्तविक योद्धाओं को सम्मानित करते हुए उन्‍हें काफी गर्व हो रहा है.  सबसे ज्यादा असुरक्षित माहौल में सफाईकर्मी दे रहे अपनी सेवा, लोगों को उनका सहयोग करना चाहिए. रामनाथ ने कहा कि भारत इस कोरोनावायरस महामारी की चपेट में है.

 

ऐसे में इस वायरस की चेन को तोड़ने के लिए देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पूरे भारतवर्ष में 21 दिनों का लॉकडाउन घोषित किया है. पुलिस और जिला प्रशासन इस लॉकडाउन का पालन कराने के लिए जी जान से लगा है. वहीं इस महामारी में लोगों की मदद करने के लिए जो लोग अपनी जान की परवाह किए बगैर अपनी ड्यूटी के प्रति सजग होते हुए अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, उसमें पुलिस विभाग, डॉक्टर्स सहित तमाम विभाग के लोग हैं. उन्‍होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों का काम चुनौतीपूर्ण है.

 

माया देवी ने कहा कि बगैर किसी भेदभाव के आम जनमानस की मदद में लगे सफाईकर्मी असली कोरोना फाइटर्स हैं. इनका सम्मान करते हुए सबसे पहले उनका पैर खुद अपने हाथों से धुला है, फिर उनके ऊपर पुष्प अर्पित कर उनको माला पहनाकर काफी खुशी हो रही है. उनके कंधे पर गमछा डालकर उनका सम्मान किया है. साथ ही उनको इस महामारी से बचने के लिए सुरक्षा किट भी उपलब्ध कराया है.

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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