आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त : कृषि उद्योग और खेती को लेकर बड़े ऐलान, लोकल से ग्लोबल पर जोर


आर्थिक पैकेज की तीसरी किस्त : कृषि उद्योग और खेती को लेकर बड़े ऐलान, लोकल से ग्लोबल पर जोर

आवश्यक वस्तुओं के लिए जो कानून 1955 में बनाया गया था, उसमें बदलाव किया जा रहा है। इससे किसानों की आय में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ेगी।

 

टॉप-टू-टोटल योजना में 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। यह पहले टमाटर, प्याज, आलू के लिए था। ऑपरेशन ग्रीन का विस्तार टमाटर, प्याज और आलू के अलावा बाकी सभी फल और सब्जियों के लिए भी किया जाएगा। इसको संकट की घड़ी में पायलट योजना के रूप में देखा जाएगा और इसको आगे बढ़ाया भी जा सकता है। इसमें 50 फीसदी सब्स्डी मालभाड़े पर दी जाएगी और 50 फीसदी स्ब्सिडी स्टोरेज के लिए होगी। इसमें कोल्ड स्टोरेज भी शामिल है।

 

मधुमक्खी पालन के लिए 500 करोड़ की योजना लेकर आए हैं। इससे दो लाख मधुमक्खी पालकों की आय में वृद्धि होगी और उपभोक्ताओं को बेहतर शहद मिलेगा। ग्रामीण क्षेत्र के लिए यह आय का अतिरिक्त साधन होगा। लोकल से ग्लोबल की दिशा में यह बड़ा कदम होगा।

 

हर्बल कल्टीवेशन की प्रमोशन के लिए लगभग 4,000 करोड़ रुपये का प्रावधान इस प्रोजेक्ट के माध्यम से किया जाएगा। 10 लाख हेक्टेयर जमीन में इसकी खेती होगी। इससे 5,000 करोड़ रुपये की आय किसानों की होगी। गंगा किनारे भी ऐसे हजारों एकड़ में प्लांटेशन की ड्राइव चलाई जाएगी।

 

पशु पालन सेक्टर में आधारभूत ढांचे के लिए विकास फंड बनाया गया है। इसके लिए 15,000 करोड़ का प्रावधान किया गया है। ताकि जो दूध उत्पादन होता है, उसकी प्रोसेसिंग करने के लिए इंडस्ट्री लग सके। इससे निर्यात के भी अवसर मिलेंगे।

 

53 करोड़ पशुओं के टीकाकरण की योजना हम लेकर आए हैं। इसके लिए लगभग 13,343 करोड़ रुपये खर्च होगा। हम इनको रोग मुक्त करेंगे। इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग बढ़ेगी। पशुओं को अच्छा जीवन जीने का अवसर मिलेगा। साथ ही दूध उत्पादन में बढ़ोतरी होगी।

 

20,000 करोड़ रुपये की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना लेकर आए हैं। इससे मछुआरों का विकास होगा। इसमें से 11,000 करोड़ रुपये समुद्री और अंतर-देशीय मत्स्य पालन के लिए मिलेगा। 9,000 करोड़ रुपये इसके आधारभूत ढांचे।

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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