वर्तमान समय में गुरु नानकदेव की शिक्षाएँ अत्यंत उपयुक्त- डॉ. रमेश पोखरियाल


वर्तमान समय में गुरु नानकदेव की शिक्षाएँ अत्यंत उपयुक्त- डॉ. रमेश पोखरियाल

गुरु नानकदेवजी की 550वीं जयंती के उपलक्ष्य में, भारतीय पाठकों के बीच गुरु नानकदेव जी की लेखनी एवं उनकी शिक्षाओं के प्रसार हेतु राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत द्वारा तीन पंजाबी पुस्तकों का प्रकाशन किया गया है, यथा-गुरु नानक बाणी, नानक बाणी तथा साखियाँ गुरु नानकदेव। गुरु नानक बाणी पुस्तक का उर्दू, ओड़िया, मराठी, हिंदी तथा गुजराती भाषाओं में भी प्रकाशन किया जा चुका है तथा इन पुस्तकों का लोकार्पण भी हुआ। इसका असमिया, बांग्ला, कन्नड़, संस्कृत, कश्मीरी, मलयालम, पंजाबी, तमिल, तेलुगु, सिंधी तथा अंग्रेज़ी भाषाओं में भी अनुवाद कार्य प्रारंभ किया गया है।

 

गुरु नानकदेवजी की 550 वीं जयंती के अवसर पर इन तीन पुस्तकों का प्रकाशन करने हेतु डॉ. रमेश पोखरियाल ने राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत की सराहना की। वर्तमान समय में जटिलताओं के परिवेश में गुरु नानकदेव की शिक्षाएँ अत्यंत उपयुक्त हैं तथा युवाओं एवं संपूर्ण मानवजातिकों उनके ‘एक ईश्वर‘, मानवता तथा समानता के दर्शन का पालन करने की बहुत आवश्यकता है।

 

यहाँ उपस्थित पाठकों एवं दर्शकों को डॉ. पोखरियाल ने यह भी बताया कि भारतीय विश्वविद्यालयों में गुरु नानकदेव की चेयर शामिल करने के साथ-साथ सरकार ने यूनाइटेड किंगडम तथा कनाडा के विश्वविद्यालयों में भी गुरु नानकदेव की चेयर शामिल करने की घोषणा की है। उन्होंने यह भी सूचित किया कि विदेशों में भी भारतीय नियुक्तवद द्वारा विभिन्न पैनल चर्चाओं, विचार-विमर्श, पुस्तक लोकार्पण, संगोष्ठियों आदि के आयोजन का समन्वयन किया जा रहा है।

 

Breaking News : अगले 72 घंटों में महाराष्ट्र में कैसे और किसकी बनेगी 'सरकार'

 

इस अवसर पर अपने विचार प्रस्तुत करते हुए हरसिमरत कौर बादल ने इन पुस्तकों के लोकार्पण के लिए एनबीटी की प्रशंसा करते हुए कहा कि ये पुस्तकें वास्तव में आज के समय की आवश्यकता हैं।वे यह जानकर अत्यंत प्रसन्न थी कि एनबीटी द्वारा गुरु नानक बाणी पुस्तक का पाँच भारतीय भाषाओं में प्रकाशन किया जा चुका है तथा 15 भारतीय भाषाओं में इस पुस्तक के प्रकाशन की योजना है जिससे कि देशभर में लाखों भारतीयों तथा संपूर्ण मानव जाति तक गुरु नानकदेव के ‘एक ईश्वर‘ एवं शांति का संदेश तथा शिक्षाएँ पहुँच सकें।

 

कार्यक्रम में राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत के अध्यक्ष, प्रो. गोविंदप्रसाद शर्मा ने भी लोकार्पित पुस्तकों के बारे में जानकारी दी और साथ ही बताया कि और भी इस तरह की पुस्तकें प्रकाशित की जा रही हैं। गुरु नानकदेवजी की सादगी पर बात करते हुए प्रो. शर्मा ने गुरु नानकदेव के जीवन की कुछ कहानियाँ दर्शकों के साथ साझा कीं तथा कहा कि उनकी शिक्षाएँ सामाजिक, धार्मिक, रंग, संप्रदाय, जाति आदि भेदभावों, राष्ट्रीय बाधाओं तथा सीमांकन से बहुत परे हैं।

 

नवंबर 2018 में प्रधानमंत्री, श्रीनरेंद्रमोदी की अध्यक्षता में यूनियन कैबिनेट में यह प्रस्ताव पारित किया गया कि राज्य सरकारों तथा विदेशों में भारतीय नियुक्तवद के साथ मिलकर संपूर्ण देश एवं दुनिया भर में वर्ष 2019 को गुरु नानकदेवजी की 550 वीं जयंती के रूप में भव्य तरीके से मनाया जाए। कैबिनेट बैठक में लिए गए निर्णयों में से एक प्रमुख निर्णय यह था कि राष्ट्रीय पुस्तकन्यास, भारत द्वारा गुरबाणी का प्रकाशन विभिन्न भारतीय भाषाओं में किया जाएगा तथा यूनेस्को द्वारा गुरु नानकदेव की लेखनी का प्रकाशन विश्व की प्रमुख भाषाओं में किया जाएगा।

 

उपरोक्त पुस्तकों का लोकार्पण माननीय मानव संसाधन विकासमंत्री, भारत सरकार, डॉ. रमेश पोखरियाल ‘निशंक‘ तथा माननीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, भारत सरकार, श्रीमती हरसिमरत कौर बादल द्वारा अर्थात् 07 नवंबर, 2019 को श्रीगुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय में किया गया। इस अवसर पर अध्यक्ष, राष्ट्रीय पुस्तक न्यास, भारत, प्रो. गोविंद प्रसाद शर्मा; अध्यक्ष, एसजीपीसी, दिल्ली, श्रीमनजिंदर सिंह सिरसा; प्रधानाचार्य, श्रीगुरु तेगबहादुर खालसा कॉलेज, डॉ. जसविन्दर सिंह; पूर्व राज्यसभा सदस्य तथा गुरु तेग बहादुर खालसा कॉलेज के शासी निकाय के अध्यक्ष, एस. तरलोचन सिंह; पूर्व कुलपति, पंजाबी यूनिवर्सिटी, पटियाला तथा एनसीएमईआई सदस्य, डॉ. जसपाल सिंह भी उपस्थित थे।

 

Hindi Samachar : मात्र 20 मिनट में पाएं गोरा और चमकदार चेहरा

 

इससे पूर्व, कार्यक्रमका शुभारंभगुरु तेगबहादुर खालसा कॉलेज, दिल्लीविश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत की गई गुरबाणी से किया गया।

 

राष्ट्रीय पुस्तकन्यास, भारत द्वारा पंजाबी भाषा में प्रकाशित तीन पुस्तकों का विवरण इस प्रकार है-

 

गुरु नानक बाणी नामक पुस्तक भाई जोध सिंह द्वारा संकलित की गई है तथा इसमें गुरु नानकदेव की मूल वाणी से विभिन्न पद विषय वार संकलित किए गए हैं। वर्तमान परिदृश्य में गुरु नानकदेव के लेखन की प्रासंगिकता स्पष्ट दिखाई देती है क्योंकि उनकी लेखनी भ्रमित समाज में एक प्रकाशस्तंभ की भूमिका निभाती है। नानक बाणी शीर्षक पुस्तक (मंजीत सिंह द्वारा संकलित), गुरु नानकदेव के पाँच प्रमुख लेखन (पाँच बनिया) का संकलन है। जन्मसाखियाँ अर्थात् जन्मकथाएँ, गुरु नानक की आत्मकथाएँ हैं। साखियाँ गुरु नानक(जगतारजीत सिंह द्वारा संकलित) पुस्तक, गुरु नानक के जीवन की कहानियों पर आधारितहै। यह विशेषकर बच्चों के लिए एक सचित्र पुस्तक है।

 

Guru Nanak Dev Hindi News, गुरु नानकदेव हिंदी न्यूज़, Guru Nanak jayanti Latest Hindi News, Hindi News Headlines, हिन्दी ख़बर, Breaking News in Hindi, Breaking Hindi News, guru nanak jayanti headlines in hindi, Guru Nanak Dev biography in hindi, guru nanak dev ji story, guru nanak dev ji birthday

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

रेसिपी

वायरल न्यूज़

×
×

Subscibe Our Newsletter

created by CodexWorld