घाटशिला: सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स छत के नीचे छाता लगाकर पढ़ने को बेबस


घाटशिला: सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स छत के नीचे छाता लगाकर पढ़ने को बेबस

उतर प्रदेश के मिर्जापुर मिड डे मील के बाद एक बार फिर एक और लापरवाही का मामला सामले आया है, मगर यह मामला नमक रोटी का नहीं बल्कि कुछ और ही है. दरअसल, झारखंड घाटशिला के गुडाबांधा प्रखंड के मुड़ाठाकरा उत्क्रमित उच्च विद्यालय के बच्चे बरसात होने पर छाता खोल कर पढ़ने में मजबूर रहते हैं.

 

स्कूल भवन का हाल यह है कि बरसात में छत से पानी टपकता रहता है, जिससे बच्चों को क्लास के अंदर ही छाता खोल कर पढ़ने की नौबत आ जाती है. बच्चों के एक हाथ में छाता तो दूसरे हाथ में किताबें होती हैं. यह हाल स्कूल का आज से नहीं बल्कि बीते 3 वर्षों से है.

 

यह मामला जिले के गुडाबांधा प्रखंड का है. गुडाबांधा में मौजूद मुड़ाठाकरा उत्क्रमित उच्च विद्यालय के जर्जर भवन में एक नहीं बल्कि कई समस्याएं देखने को मिली हैं. स्कूलों की हालत इतनी जर्जर है कि मासूम छात्र जान जोखिम में डालकर यहां पढ़ने को मजबूर हैं, क्योंकि यहां की छत और दीवारों की हालत बेहद खराब है. 

 

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क्लास रूम भी ऐसा कि जहां छत से पानी ऐसे टपकता हैं जैसे बारिश हो रही हो. स्कूल के भवन में खिड़की, दरवाजे तक टूटे हुए है. यहां तक बारिश के दिनों में क्लास रूम में बिजली की सप्लाई भी काट दी जाती है. जबकी स्कूल के प्रिंसिपल बताते है कि प्रत्येक महीने मीटिंग में विधायक-सांसद समेत विभाग को स्कूल के जर्जर भवन के मामले से अवगत कराया जाता है, लेकिन अब तक किसी ने इस पर कोई कार्रवाई नहीं की.

 

वहीं गुडाबांधा प्रखंड की बीडीओ सीमा कुमारी ने कहा कि जर्जर भवन के बारे में उन्हें अवगत कराया गया है. इससे पहले भी प्रधानाध्यापक को मरम्मत के लिए कहा गया था, लेकिन सही तरीके से मरम्मत नहीं किए जाने के कारण यह समस्या अभी तक बनी हुई है. 

 

इसके अलावा उन्होंने कहा कि समस्या को लेकर संबंधित विभाग को सूचित कर दिया गया और जल्द ही इसे हर किया जाएगा. अब देखना यह है की प्रशासन इन बच्चों को सुविधा कब तक दे रही है क्योंकि आज के बच्चे हमारे कल के भविष्य है.

 

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