विज्ञापन पर खर्च कर अब भीख मांग रहे हैं- अनिल चौधरी


विज्ञापन पर खर्च कर अब भीख मांग रहे हैं- अनिल चौधरी

नई दिल्ली, 1 जून, 2020 - दिल्ली कांग्रेस अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार ने आरोप लगाया कि दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने अपनी पब्लिसिटी के लिए विज्ञापनों पर करदाताओं के 2500-3000 करोड़ खर्च कर दिए और अब अपने कर्मचारियों के वेतन हेतू केन्द्र सरकार से 5000 करोड़ रुपये की भीख मांग रहे है। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यदि सरकारी खजाने के सही वितिय प्रबंधन के साथ इस बेबुनियादी खर्चे पर अंकुश लगाया होता तो कोविड-19 लॉकडाउन महामारी संकट के समय में सरकार के राजस्व संग्रह में मदद मिलती।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल द्वारा लॉकडाउन नियमों में ढील देने का परिणाम यह हुआ कि दिन प्रतिदिन कोरोना मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने संवाददाता सम्मेलन में घोषणा की कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा जब-जब दिशा निर्देश दिए गए दिल्ली राज्य ने उसका ही अनुपालन किया, जिसमें बाजारों का खोलना, दुकानों के लिए ऑड-ईवन मापदंड को खत्म करना, सार्वजनिक परिवहन जैसे ऑटो-टैक्सी में सवारी बैठाने में पूरी छूट देना आदि में लॉकडाउन के नियमों का पालन नही किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मानो दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल अपने विवेक से फैंसले न लेकर सब कुछ केन्द्र सरकार के इशारे पर कर रहे है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल ने दिल्ली के बॉर्डरों को बिना सोचे समझे सील कर दिया जबकि कई लोग दिल्ली में दूसरे राज्यों से काम करने के लिए आते है और जाते है, इससे बार्डर पर अराजकता की स्थिति पैदा उत्पन्न हो गई है, और अब केजरीवाल इस बारे में लोगों से सुझाव मांग रहे है, जबकि उन्होंने न कभी अपने विधायकों, विपक्षी पार्टियों या किसी अन्य से चर्चा करने की जरुरत समझी। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि जब सब कुछ खोल दिया गया है तो दिल्ली के बार्डर सील करने का क्या औचित्य है?


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि केजरीवाल पूरी तरह भ्रमित है, उन्हें यह मालूम नही कि कोरोना के बढ़ते संक्रमण को कैसे रोकना है। उन्होंने कहा कि जब शराब की दुकानें खोली गई तो केजरीवाल ने किसी से सुझाव नही लिए और जब शराब की प्रति बोतल पर कोरोना टैक्स लगाया था, उस समय भी केजरीवाल ने लोगों से सुझाव नही मांगे थे। अब जब स्थिति दिल्ली सरकार के हाथ से निकल चुकी है तो केजरीवाल लोगों से सुझाव मांग रहे है, ताकि केजरीवाल अपनी सरकार की प्रशासनिक विफलताओं का ठीकरा लोगों के सर पर फोड सकें।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि इन्हीं विफलताओं को देखते हुए दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी सोशल मीडिया विभाग ने आज #FailKejriwalSarkar नाम से अभियान चलाया, जो लगभग 5 घंटे तक ट्वीटर पर ट्रेंड किया। इस अभियान में दिल्ली के लोगों ने केजरीवाल सरकार की विफलताओं पर चर्चा की, जिसमें लगभग 20 हजार लोगों ने अपने मतों को ट्वीट किया।

 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

फ़िल्म 'द जोया फैक्टर' और अभिनेत्री सोनम कपूर से जुड़ी रोचक बात

 

दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

पुराने से पुराने पिंपल्स और झाइयां के दाग को जड़ से मिटाने का नुश्खा

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×