कोरोना संकट में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का रखा जायेगा विशेष ख्याल


कोरोना संकट में नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य का रखा जायेगा विशेष ख्याल

• एसएनसीयू, पोषण पुनर्वास केंद्र में मिलेगी विशेष सुविधाएं

• राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक ने पत्र जारी कर दिया निर्देश

• जन्म के एक घंटे के अंदर स्तनपान कराना किया जायेगा सुनिश्चित

• 102 एंबुलेंस की सुविधा मिलेगी नि:शुल्क

 

 बांका, 4 जून-

 वैश्विक महामारी कोरोना संकट में भी बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयासरत है। ऐसी परिस्थिति में भी शिशुओं के स्वास्थ्य को लेकर विभाग चिंतित है। कोरोना महामारी में शिशुओं के लिए जरुरी स्वास्थ्य सेवाएं जैसे एसएनएससीयू एवं एनआरसी की सुविधा पहले की तरह प्रदान की जाएगी. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार पत्र लिखकर सभी जिले के सिविल सर्जन को निर्देश जारी किया है। जारी पत्र में  शिशुओं के स्वास्थ्य संबंधित गतिविधियों के संचालित करने के लिए प्रावधान व मार्गदर्शन दिये गयें हैं। जिसमें कंटेंमेंट जोन तथा बफर जोन व ग्रीन जोन में शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन को लेकर दिशा निर्देश दिया गया है। 

 

बीमार नवजात शिशु की देखभाल, डिस्चार्ज शिशु का फॉलो-अप तथा फैमली पार्टीसिपेट्री केयर कराना: 

 

कॉनटेनमेंट जोजन तथा बफर जोन में बीमार नवजात शिशु को नजदीक के एसएनसीयू में चिकित्सकीय सुविधा प्रदान किया जायेगा। प्रत्येक एसएनसीयू(स्पेशल न्यू बोर्न केयर यूनिट) में प्रवेश द्वार के पास ट्राइजिंग के लिए एक रेडिंयट वार्मर भी उपलब्ध कराया जायेगा। कोविड-19 के संदिग्ध मरीज के लिए स्टेप डाउन/ फैमली पार्टीसिपेट्री केयर कमरे को दो रेडियण्ट वार्मार के साथ तैयार रखने के भी निर्देश दिए गए हैं. एसएनसीयू में फैमली पार्टीसिपेट्री केयर को वर्तमान परिस्थितियों स्थगित रखा जायेगा। बफर जोन से बाहर यानि ग्रीन जोन मंस सामान्य दिशा-निर्देशों के अनुसार सभी सेवाओं को जारी रखा जायेगा।

 

कोविड-19 पॉजिटिव नवजात किया जायेगा पटना रेफर:

पत्र के माध्यम से बताया गया है कि कोविड-19 के पॉजिटिव नवजात को  स्थिरीकरण करने के उपरांत राज्य सरकार के कोविड-19 के दिशा-निर्देश के आलोक में कोविड-19 के मरीजों के लिए चिन्हित संस्थानों एनएमसीएच, एएनएमएमसीएच एवं जेएलएनएमसीएच तथा नजदीकी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में उचित व्यवस्था के साथ रेफर किया जायेगा। 

 

एसएनसीयू से डिस्चार्ज शिशुओं का फॉलो-अप:

 

पत्र के अनुसार एसएनसीयू से डिस्चार्ज नवजात शिशुओं के संबंध में उनक माता या देखभालकर्ता के साथ एसएनसीयू के डाटा इंट्री ऑपरेटर के द्वारा फैसलिटी फॉलो-अप तथा आशा कार्यकर्ता के द्वारा सामुदायिक फॉलोअप दूरभाष के माध्यम से सुनिश्चित किया जायेगा. सिर्फ गंभीर नवजातों को हीं उचित वाहन के माध्यम से एसएनसीयू में भर्ती कराया जायेगा। 

 

घर-घर जाकर स्वास्थ्य कार्यकर्ता करेंगे पूछताछ:

 

कोविड-19 के बचाव के उद्देश्य से स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के द्वारा गृह भ्रमण के दौरान ही शिशुओं के स्वास्थ्य संबंधित आवश्यक पूछताछ की जायेगी और आवश्यक सेवा के लिए सुविधाएं प्रदान की जायेगी। 

 

गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल:

 

कॉनटेंनमेंट व बफर जोन में नवजात शिशुओं को दूरभाष के माध्यम से नियमित गृह आधारित नवजात शिशु देखभाल की सुविधा मिलेगी। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा नियमित फॉलोअप किया जायेगा। साथ हीं कोविड-19 कार्यकर्ताओं के द्वारा गृह भ्रमण के दौरान शिशुओं के स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधित आवश्यक पूछताछ की जायेगी और आवश्यक सेवाएं उपलब्ध करायी जायेगी। ग्रीन जोन में एचबीएनसी भ्रमण पूर्ववत दिशा-निर्देशों के अनुसार होगा। 

 

 

पोषण पुनर्वास केंद्र पर जटिलयुक्त अतिगंभीर कुपोषित बच्चों का प्रबंधन:

कॉनटेंनमेंट और बफर जोन में कोविड-19 से बचाव के लिए चिकित्सकीय जटिलता वाले अतिगंभीर कुपोषित बच्चों को पोषण पुनर्वास केंद्र में चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध करायी जायेगी। कुपोषित बच्चों के उचित रेफरल की पूर्ण व्यवस्था सुनिश्चित की जायेगी। 102 एंबुलेंस सेवा मुफ्त में उपलब्ध करायी जायेगी। एनआरसी(पोषण पुनर्वास केंद्र) से डिस्चार्ज बच्चों को नियमित रूप से दूरभाष के माध्यम से फॉलोअप किया जायेगा। ग्रीन जोन में यह सेवा पूर्ववत संचालित किया जायेगा। 

 

स्तनपान को बढ़ावा: 

 

जारी पत्र में निर्देश दिया गया है कि माँ एवं नवजात शिशु को यथासंभव एक साथ रखा जाये तथा कोविड-19 के बावजूद जन्म के 1 घंटे के अंदर स्तनपान शुरू करना सुनिश्चित किया जाये। शिशुओं को हर बार स्तनपान कराते समय माँ द्वारा मास्क का प्रयोग एंव हाथ की स्वच्छता का पालन सुनिश्चित किया जाये।

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बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय


बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय

दोस्तों आज जो नुस्खा मैं आपके लिए लेकर आया हूँ वो है बालों का झड़ना, बालों में डैंड्रफ, रूखापन और असमय सफ़ेद होने जैसे समस्या के उपाय के सम्बन्ध में।

सबसे पहले हमें चाहिए : 

  • 2 चम्मच दही
  • 1 चम्मच निम्बू का रस
  • 1 मुठ्ठी करी पत्ता
  • 1 मुठ्ठी भृंगराज के पत्ते

अब क्या करें की करी पत्ता और भृंग राज के पत्ते को कूट पिस कर बारीक़ पाउडर बना लें फिर इसमें दही और निम्बू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें।

अब आप इसे अपने बालों में अच्छे तरह से लगा कर 25 – 30 मिनट छोड़ दें।

 

 

फिर सैम्पू से बाल धो कर नाहा लें। इस विधि को वीक में एक बार लगातार करने से आपके बालों की सभी समस्याएँ जैसे बालों में रुसी, डैंड्रफ, बालों का रूखापन, बाल झाड़ना, असमय सफ़ेद होना आदि ख़त्म हो जाते हैं।

 

दोस्तों ये घरेलु उपाय है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है इसलिए आप इसे बिना किसी संकोच के इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि पुराने ज़माने के लोग इन्हीं विधियों का यूज करते थे और उनका बाल 50 साल तक सफ़ेद नहीं होता था। दोस्तों उपरोक्त औषधियों में पाए जाने वाले तत्व से हमारे बाल न केवल मजबूत होते हैं बल्कि बालों में चमक सायनिंग भी आता है।

 

तो दोस्तों ये था हमारा आज का बालों से सम्बंधित स्पेशल रेमेडी और ये उपाय आपको कैसा लगा आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताएं और अगर अच्छा लगा हो तो ज्यादा से ज्यादा लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर लें व घंटी को दबा कर आल पर क्लिक कर दें।

 

दोस्तों मैं हमेशा के तरह यही चाहता हूँ की आप सभी स्वस्थ्य रहें सुखी रहें और आपको डॉक्टर के पास न जाना परे इसी शुभकामनाओं के साथ नमस्कार धन्यवाद।

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जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips


जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips

घरेलु नुस्खा चैनल में आप सभी का एकबार फिर से स्वागत है. दोस्तों आज जिस टॉपिक पर मैं बात करने वाला हूँ वो है खड़े हो कर खाना खाने के नुक्सान। जी हाँ दोस्तों आज कल ये चलन हो गया है. वेस्टर्न लिफ़ स्टाइल के कारन लोग पार्टी में खड़े होकर खाना खाना स्टैण्डर्ड समझते हैं. और नीचे ज़मीं पर बैठ कर खाना खाने वालों को लोग गवार समझते हैं.

 

लेकिन अब ये एक रिसर्च में ये साफ़ हो गया है और वैज्ञानिकों ने भी ये मान लिया है के खड़े होकर खाना खाने से बहुत सारे नुक्सान होते हैं. खड़े होकर खाने से आपका पाचन तंत्र ख़राब होने लगता है और इतना ही नहीं, आपको खाने में स्वाद भी नहीं मिलता है. और जब आपको खाने में स्वाद नहीं लगेगा तो आपका खाने से भी मन उठता चला जायेगा.

 

जिससे आपके लिवर पर भी असर हो सकता है और आपका हॉर्मोन सिस्टम भी कमजोर हो सकता है, साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकता है. जी हाँ दोस्तों, जैसे हमारे पूर्वज पालथी मार कर खाना खाया करते थे, अगर आप भी वही तरीका अपनाएं तो न केवल आपके शरीर में खाना लगता है बल्कि आपको भोजन करने में भी रूचि बनी रहती है. रुखा सूखा खाना भीं आपको स्वादिष्ट लगने लगता है.

 

पूरी रिसर्च पढ़ें: जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान

 

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