कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए होगी अलग वार्ड की व्यवस्था


कोविड-19 पॉजिटिव गर्भवती महिलाओं के प्रसव के लिए होगी अलग वार्ड की व्यवस्था

प्रसव संबंधी विशेष सुविधाएँ होंगी बहाल, कार्यपालक निदेशक ने पत्र लिखकर दिए निर्देश • प्रसव के आखिरी दिनों में गर्भवती महिला को मिलेगी विशेष सुविधा 

• प्रसव संबंधी कार्य की संजीवनी व ई-जननी पोर्टल पर होगी एंट्री  

 

 

जमुई/ 21 मई:

कोरोना संकटकाल के बीच मातृत्व स्वास्थ्य सेवाओं को व्यवस्थित एवं सुदृढ करने के मकसद से राज्य स्वास्थ्य समिति के कार्यपालक निदेशक मनोज कुमार ने सभी जिला पदाधिकारी व सिविल सर्जन को पत्र लिखकर आवश्यक निर्देश दिया है. पत्र में कहा गया है कि राज्य सरकार के समाज कल्याण विभाग द्वारा आंगनबाड़ी द्वारा कॉमन एप्पलीकेशन सॉफ्टवेयर के माध्यम से संकलित डाटा जिलावार व प्रखंडवार एवं आंगनबाड़ी केंद्रवार बांट कर सभी जिलों को भेजा गया है. जिसमें हर जिले में अगले तीन माह के दौरान अपेक्षित प्रसव की जानकारी दी गयी है. साथ ही आरसीएच पंजी में भी गर्भवती महिलाओं के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गयी है।  ऐसे में उनके लिए जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग को करना है। 

 

गर्भवती महिलाओं का लिया जाएगा मोबाइल नंबर: 

 

पत्र में कहा गया है आशा एवं आंगनबाड़ी सेविका की मदद से सभी गर्भवती महिलाओं जिनका प्रसव का समय अगले तीन माह में अपेक्षित है उनका मोबाइल नंबर एवं पता की जानकारी गृह भ्रमण कर एकत्रित कराया जाये तथा इससे स्वास्थ्य संस्थान स्तर पर संकलित किया जाये।  दूरभाष के माध्यम से सभी गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नियमित रूप से प्राप्त की जाये। 

 

 

गंभीर गर्भावस्था में विशेष निगरानी: 

 

गंभीर गर्भावस्था वाली महिलाओं की विशेष निगरानी के निर्देश दिए गए हैं एवं संबंधित आशा व एएनएम को प्रसव की तारीख से एक सप्ताह पूर्व से लगातार हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं के घर प्रतिदिन भ्रमण करने एवं उनको ईडीडी(एस्टीमेटेड डिलीवरी डेट) के कम से कम तीन दिन पूर्व अस्पताल में लाकर प्रसव के लिए आवश्यक व्यवस्था कराने में सहयोग करने के विषय में निर्देशित किया गया है. इसकी पूरी जानकारी पूर्व में ही अस्पताल के प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों एवं अन्य स्वास्थ्यकर्मियों को देने की बात बताई गयी है. 

 

कोरोना संक्रमित गर्भवती के लिए अलग वार्ड: 

 

पत्र में बताया गया है कि अगर किसी गर्भवती महिला को कोविड 19 संक्रमण के लक्षण हो, ट्रेवल हिस्ट्री के आधार पर लक्षण दिखते हों या कोविड पॉजिटिव के साथ कॉनटैक्ट हिस्ट्री हो एवं स्क्रीनिंग के दौरान इनकी जांच नहीं हो पायी है तो प्रसव के दौरान सभी संलग्न स्वास्थ्य कर्मी भारत सरकार द्वार बताये गये इंफेक्शन प्रीवेंशन एंड कंट्रोल गाइडलाइन में निहित प्रावधान का अनुसरण करना है. उक्त गर्भवती माताओं के प्रसव के लिए अस्पताल के अलग कमरे को चिन्हित कर एक लेबर टेबल और एक बेड तैयार रखा जाये. इन गर्भवती माताओं के प्रसव कार्य में कम से कम चिकित्सा कर्मियों का उपयोग किया जाये और जब तक उक्त मरीज का कोविड जांच निगेटिव नहीं आ जाये तब तक संक्रमण से सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रसव कक्ष का उपयोग अन्य चिकित्सीय कार्य में नहीं किया जाये. चिकित्साकर्मी भी मरीज के निगेटिव रिजल्ट आने तक क्वारेंटाइन में रहेंगे. प्रसव के बाद संस्थान में कोरोना वायरस के संक्रमण के प्रसार को रोकने के उद्देश्य से प्रसव गृह , ऑपरेशन थियेटर एवं वार्ड को अच्छी तरह सैनिटाइज कराना सुनिश्चित करेंगे. 

 

पोर्टल पर अपलोड करने का निर्देश: 

 

प्रसव संबंधी कार्य को संजीवनी व ई जननी पोर्टल पर प्रविष्टि की जाये ताकि किये गये कार्रवाई एवं प्रगति से मुख्यालय को अवगत कराया जा सके. इस पत्र के साथ स्वास्थ्यकर्मियों के लिए एडवाइजरी भी भेजी गयी है. एडवाइजरी को प्रमुखता से अस्पताल के दीवारों पर लगाया जाना है और इसमें दी गयी जानकारी का व्यापक प्रचार प्रसार भी करना है.

 

दिये गए ये निर्देश: 

 

• किसी गर्भवती महिला में कोविड 19 के लक्षण पाये जाने पर जाँच के बाद सरकारी स्वास्थ्य संस्थान के आइसोलेशन वार्ड या डेडिकेटेड कोविड हॉस्पीटल के रूप में चिन्हित चिकित्सा महाविद्यालय अस्पताल में उपचार एवं प्रसव के लिए भेजा जाये.  

 

• एक्सपेक्टेड डिलेवरी डेट के एक सप्ताह पूर्व से ही सभी गर्भवती महिलाओं का निरंतर अनुश्रवण दूरभाष के माध्यम से किया जाये ताकि ससमय उनको प्रखंड स्तर पर उपलब्ध एंबुलेंस अथवा अन्य वाहनों से स्वास्थ्य संस्थानों पर प्रसव हेतु लाया जा सके।

 

• एंबुलेंस व स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध वाहन गर्भवती महिलाओं को उपलब्ध नहीं कराये जाने की स्थिति में पूर्व में ही प्राइवेट वाहन को टैग कराया जाये। निजी वाहन से गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य संस्थानों में लाने की स्थिति में गर्भवती महिलाओं को जननी बाल सुरक्षा योजना की राशि के साथ परिवहन के लिए 500 रुपये का भुगतान किया जाये।

 

• लॉकडाउन के दौरान गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच व संस्थागत प्रसव के लिए अस्पताल जाने के समय में आवागमन में परेशानी नहीं हो इसके लिए अस्पताल भ्रमण के दौरान एमसीपी कार्ड रखने का निर्देश दिया जाये।

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बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय


बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय

दोस्तों आज जो नुस्खा मैं आपके लिए लेकर आया हूँ वो है बालों का झड़ना, बालों में डैंड्रफ, रूखापन और असमय सफ़ेद होने जैसे समस्या के उपाय के सम्बन्ध में।

सबसे पहले हमें चाहिए : 

  • 2 चम्मच दही
  • 1 चम्मच निम्बू का रस
  • 1 मुठ्ठी करी पत्ता
  • 1 मुठ्ठी भृंगराज के पत्ते

अब क्या करें की करी पत्ता और भृंग राज के पत्ते को कूट पिस कर बारीक़ पाउडर बना लें फिर इसमें दही और निम्बू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें।

अब आप इसे अपने बालों में अच्छे तरह से लगा कर 25 – 30 मिनट छोड़ दें।

 

 

फिर सैम्पू से बाल धो कर नाहा लें। इस विधि को वीक में एक बार लगातार करने से आपके बालों की सभी समस्याएँ जैसे बालों में रुसी, डैंड्रफ, बालों का रूखापन, बाल झाड़ना, असमय सफ़ेद होना आदि ख़त्म हो जाते हैं।

 

दोस्तों ये घरेलु उपाय है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है इसलिए आप इसे बिना किसी संकोच के इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि पुराने ज़माने के लोग इन्हीं विधियों का यूज करते थे और उनका बाल 50 साल तक सफ़ेद नहीं होता था। दोस्तों उपरोक्त औषधियों में पाए जाने वाले तत्व से हमारे बाल न केवल मजबूत होते हैं बल्कि बालों में चमक सायनिंग भी आता है।

 

तो दोस्तों ये था हमारा आज का बालों से सम्बंधित स्पेशल रेमेडी और ये उपाय आपको कैसा लगा आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताएं और अगर अच्छा लगा हो तो ज्यादा से ज्यादा लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर लें व घंटी को दबा कर आल पर क्लिक कर दें।

 

दोस्तों मैं हमेशा के तरह यही चाहता हूँ की आप सभी स्वस्थ्य रहें सुखी रहें और आपको डॉक्टर के पास न जाना परे इसी शुभकामनाओं के साथ नमस्कार धन्यवाद।

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जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips


जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips

घरेलु नुस्खा चैनल में आप सभी का एकबार फिर से स्वागत है. दोस्तों आज जिस टॉपिक पर मैं बात करने वाला हूँ वो है खड़े हो कर खाना खाने के नुक्सान। जी हाँ दोस्तों आज कल ये चलन हो गया है. वेस्टर्न लिफ़ स्टाइल के कारन लोग पार्टी में खड़े होकर खाना खाना स्टैण्डर्ड समझते हैं. और नीचे ज़मीं पर बैठ कर खाना खाने वालों को लोग गवार समझते हैं.

 

लेकिन अब ये एक रिसर्च में ये साफ़ हो गया है और वैज्ञानिकों ने भी ये मान लिया है के खड़े होकर खाना खाने से बहुत सारे नुक्सान होते हैं. खड़े होकर खाने से आपका पाचन तंत्र ख़राब होने लगता है और इतना ही नहीं, आपको खाने में स्वाद भी नहीं मिलता है. और जब आपको खाने में स्वाद नहीं लगेगा तो आपका खाने से भी मन उठता चला जायेगा.

 

जिससे आपके लिवर पर भी असर हो सकता है और आपका हॉर्मोन सिस्टम भी कमजोर हो सकता है, साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकता है. जी हाँ दोस्तों, जैसे हमारे पूर्वज पालथी मार कर खाना खाया करते थे, अगर आप भी वही तरीका अपनाएं तो न केवल आपके शरीर में खाना लगता है बल्कि आपको भोजन करने में भी रूचि बनी रहती है. रुखा सूखा खाना भीं आपको स्वादिष्ट लगने लगता है.

 

पूरी रिसर्च पढ़ें: जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान

 

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