ढाई महीने बाद सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत


ढाई महीने बाद सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत

गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व हुई जांच

ढाई महीने बाद सुरक्षित मातृत्व अभियान की शुरूआत

सदर अस्पताल समेत स्वास्थ्य केंद्रों में की गई थी तैयारी

भागलपुर, 9 जून

जिले के सरकारी अस्पतालों में मंगलवार को ढाई महीने बाद गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की गई। कोरोना संकट के कारण बीच में कुछ दिनों के लिए यह सेवा स्थगित थी। 

सिविल सर्जन डॉ. विजय कुमार सिंह ने बताया प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान कार्यक्रम का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं को गुणवत्तापूर्ण प्रसव पूर्व जांच की सुविधा उपलब्ध कराना है। साथ ही उन्हें बेहतर परामर्श देना है। सभी गर्भवती महिलाओं को जांच के बाद पोषण के बारे में भी जानकारी दी जाती है। अभियान को दोबारा शुरू करने को लेकर सदर अस्पताल समेत जिले के सभी सरकारी अस्पतालों में तैयारी की गई थी। 

 

स्त्री रोग विशेषत्रों ने की जांच: स्वास्थ्य केंद्रों पर चल रहे इस कार्यक्रम के तहत अस्पतालों में शिविर लगाकर स्त्री रोग विशेषज्ञों ने गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच की। इस दौरान महिलाओं को होने वाली परेशानी की पहचान कर उन्हें उचित परामर्श दिया गया। महिलाओं की बीपी, सुगर, एचआईवी व यूरिन समेत अन्य तरह की जांच की गई। सभी को दवा के साथ बेहतर जरूरी परामर्श दिए गए। इस दौरान एनीमिक महिला को आयरन फोलिक एसिड की दवा देकर इसका नियमित सेवन करने की सलाह दी गयी। एनीमिक महिलाओं को हरी साग- सब्जी, दूध व सोयाबीन खाने की सलाह दी गयी। साथ ही उन्हें गर्भावस्था के आखिरी दिनों में कम से कम चार बार खाना खाने की भी सलाह दी गयी।

 

सामाजिक दूरी का किया गया पालन: गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच के दौरान सामाजिक दूरी का ख्याल रखा गया। कोरोना के संक्रमण से बचाने के लिए अस्पतालों में विशेष तरह की व्यवस्था की गई। एक से दूसरी महिलाओं की बीच दो मीटर की दूरी का ख्याल रखा गया था। साथ ही डॉक्टर समेत अन्य स्वास्थ्यकर्मी भी इसका ख्याल रख रहे थे।

 

ग्रामीण महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही यह योजना: सिविल सर्जन ने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व योजना प्रभावी रूप से सुदूर गांवों में रहने वाली महिलाओं के लिए वरदान साबित हो रही है। इससे मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में भी अंकुश लागने में सफलता मिल रही है। अत्यधिक रक्त स्त्राव से महिला की जान जाने का खतरा सबसे अधिक होता है। प्रसव पूर्व जांच में यदि खून सात ग्राम से कम पाया जाता है, तब ऐसी महिलाओं को आयरन की गोली के साथ पोषक पदार्थों के सेवन के विषय में सलाह भी दी जाती है।

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बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय


बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय

दोस्तों आज जो नुस्खा मैं आपके लिए लेकर आया हूँ वो है बालों का झड़ना, बालों में डैंड्रफ, रूखापन और असमय सफ़ेद होने जैसे समस्या के उपाय के सम्बन्ध में।

सबसे पहले हमें चाहिए : 

  • 2 चम्मच दही
  • 1 चम्मच निम्बू का रस
  • 1 मुठ्ठी करी पत्ता
  • 1 मुठ्ठी भृंगराज के पत्ते

अब क्या करें की करी पत्ता और भृंग राज के पत्ते को कूट पिस कर बारीक़ पाउडर बना लें फिर इसमें दही और निम्बू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें।

अब आप इसे अपने बालों में अच्छे तरह से लगा कर 25 – 30 मिनट छोड़ दें।

 

 

फिर सैम्पू से बाल धो कर नाहा लें। इस विधि को वीक में एक बार लगातार करने से आपके बालों की सभी समस्याएँ जैसे बालों में रुसी, डैंड्रफ, बालों का रूखापन, बाल झाड़ना, असमय सफ़ेद होना आदि ख़त्म हो जाते हैं।

 

दोस्तों ये घरेलु उपाय है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है इसलिए आप इसे बिना किसी संकोच के इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि पुराने ज़माने के लोग इन्हीं विधियों का यूज करते थे और उनका बाल 50 साल तक सफ़ेद नहीं होता था। दोस्तों उपरोक्त औषधियों में पाए जाने वाले तत्व से हमारे बाल न केवल मजबूत होते हैं बल्कि बालों में चमक सायनिंग भी आता है।

 

तो दोस्तों ये था हमारा आज का बालों से सम्बंधित स्पेशल रेमेडी और ये उपाय आपको कैसा लगा आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताएं और अगर अच्छा लगा हो तो ज्यादा से ज्यादा लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर लें व घंटी को दबा कर आल पर क्लिक कर दें।

 

दोस्तों मैं हमेशा के तरह यही चाहता हूँ की आप सभी स्वस्थ्य रहें सुखी रहें और आपको डॉक्टर के पास न जाना परे इसी शुभकामनाओं के साथ नमस्कार धन्यवाद।

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जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips


जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips

घरेलु नुस्खा चैनल में आप सभी का एकबार फिर से स्वागत है. दोस्तों आज जिस टॉपिक पर मैं बात करने वाला हूँ वो है खड़े हो कर खाना खाने के नुक्सान। जी हाँ दोस्तों आज कल ये चलन हो गया है. वेस्टर्न लिफ़ स्टाइल के कारन लोग पार्टी में खड़े होकर खाना खाना स्टैण्डर्ड समझते हैं. और नीचे ज़मीं पर बैठ कर खाना खाने वालों को लोग गवार समझते हैं.

 

लेकिन अब ये एक रिसर्च में ये साफ़ हो गया है और वैज्ञानिकों ने भी ये मान लिया है के खड़े होकर खाना खाने से बहुत सारे नुक्सान होते हैं. खड़े होकर खाने से आपका पाचन तंत्र ख़राब होने लगता है और इतना ही नहीं, आपको खाने में स्वाद भी नहीं मिलता है. और जब आपको खाने में स्वाद नहीं लगेगा तो आपका खाने से भी मन उठता चला जायेगा.

 

जिससे आपके लिवर पर भी असर हो सकता है और आपका हॉर्मोन सिस्टम भी कमजोर हो सकता है, साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकता है. जी हाँ दोस्तों, जैसे हमारे पूर्वज पालथी मार कर खाना खाया करते थे, अगर आप भी वही तरीका अपनाएं तो न केवल आपके शरीर में खाना लगता है बल्कि आपको भोजन करने में भी रूचि बनी रहती है. रुखा सूखा खाना भीं आपको स्वादिष्ट लगने लगता है.

 

पूरी रिसर्च पढ़ें: जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान

 

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