क्यों एक्शन मूवी बनकर रहे गई 'साहो'


क्यों एक्शन मूवी बनकर रहे गई 'साहो'

बाहुबली के बाद प्रभास ढाई सालों तक फिल्म साहो में जुटे रहें। उनके फैंस का इंतजार खत्म हुआ और फिल्म सिनेमाघरों में आ गई लेकिन साहों देखने के बाद फैंस का कहना है की उन्होंने अपने ढाई साल बर्बाद किए। 350 करोड़ की फिल्म साहो की लागत है। फिल्म के हर सीन पर जमकर पैसा बहाया गया है। प्रभास की फिल्म साहो से उम्मीदें बहुत थी लेकिन दर्शकों की उम्मीद चकनाचूर हो गई।

 

यह भी पढ़ें:एक क्लिक में पाएं सरकारी नौकरियाँ | 31st August 2019

 

आपको  बता दे,  साहो सिर्फ एक एक्शन फिल्म बनकर रह गई है। कहानी के नाम पर कुछ भी नहीं है। चार भाषाओं में साहो रिलीज हुई हैं। हिंदी, तेलुगू, तमिल और मलयालम में ये फिल्म रिलीज हुई है। सभी भाषाओं के लिए फिल्म अलग से शूट हुई है। प्रभास ने अपने डॉयलॉग्स खुद बोले हैं और यहीं वो मात खा गए हैं। 

देखा जाये तो फिल्म की सबसे कमजोर कड़ी है कहानी। फिल्म की कहानी हर 5 मिनट में बदल जाती है और दर्शक खुद को कंफ्यूज पाता है। निर्देशन भी काफी कमजोर है। गाने भी ऐसे नहीं कि आपको सिनेमा हॉल से बाहर आने पर आपको याद रहे। फिल्म का सिनेमैटोग्राफी बहुत शानदार है। मूवी में VFX भी ठीक ठाक है। प्रभास इस फिल्म में एक्टिंग कम और एक्शन ज्यादा कर रहे हैं। श्रद्धा कपूर के साथ उनकी जोड़ी कुछ खास जमी नही। अगर आपको एक्शन फिल्में पसंद है तो जरूर देखिए साहो। फिल्म में एक्शन कमाल का है। हमारी तरफ से फिल्म को 2.5 स्टार।  

 

यह भी पढ़ें: एलोवेरा एनर्जी ड्रिंक बनाने का तरीका

और पढ़ें »

खास आपके लिए

-
-

रेसिपी

वायरल न्यूज़

×