पीएमएमवीवाई योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण का काम शुरू


पीएमएमवीवाई योजना के तहत गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण का काम शुरू

जिले के 1187 आगनवाड़ी केंद्र योजना के लिए हैं अधिकृत 

 

घर-घर जा कर आंगन​बाड़ी सेविका करा रही हैं पंजीकरण

 

लखीसराय, 8 मई:

जिले में समेकित बाल विकास परियोजना विभाग द्वारा पीएमएमवीवाइ योजना को लेकर पंजीकरण कराने का कार्य शुरू कर दिया गया है. प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत प्रथम बार माँ बनने वाली ​महिलाओं को 5000 रुपये की सहायता राशि दी जाती है. इस योजना के लिए कुल 1187 आंगनबाड़ी केंद्र चुने गये हैं. इन केंद्रों की आंगनबाड़ी सेविका घर घर जाकर ऐसी गर्भवती महिलाओं को चिन्हित करने का काम कर रही हैं जिन्हें योजना का लाभ दिया जाना है. इसके सा​थ ही वे कोरोना संक्रमण से बचाव की जानकारी भी उनके परिवारों को दे रही हैं.  

 

16000  से अधिक परिवार को मिलेगा लाभ:

सूर्यगढ़ा प्रखंड की बाल विकास परियोजना पदाधिकारी बीनु कुमारी ने बताया समाज कल्याण विभाग द्वारा जारी निर्देशों का पालन करते हुए आंगनबाड़ी सेविका घर घर जा पंजीकरण का काम कर रही हैं. उन्होंने बताया जिले में पंजीकरण के लिए 16618 परिवार को चिन्हित किया गया है. इसमें कुल 13545 परिवार का पंजीकरण हो चुका है. कोरोना के समय सोशल डिस्टेन्सिग का पालन करते हुए यह काम किया जा रहा है. आंगनबाड़ी केंद्रों पर पंजीकरण नहीं कर सेविका चिन्हित परिवारों के घर जाकर पंजीकरण करने का काम कर रही हैं. योजना के माध्यम से शत-प्रतिशत लाभुकों को पीएमएमवीवाई एवं कन्या उत्थान योजना का लाभ दिलाने के लिए सीडीपीओ एवं आंगनबाड़ी सेविकाओं को निर्देशित किया गया है. इसके लिए चिन्हित  आंगनवाड़ी क्षेत्र में प्रथम बार माँ बनने वाली महिलाओं एवं 0 से 2 वर्ष की कन्या शिशुओं की सूची उपलब्ध करायी जा रही है. साथ ही योजना का लाभ दिलाने के लिए आंगनवाड़ी सेविकाओं को चिन्हित लाभुकों के आवेदनों को भर कर जरुरी दस्तावेज जैसे आधार कार्ड, जन्म प्रमाण-पत्र, बैंक खाता पासबुक एवं एमसीपी यानी मदर एवं चाइल्ड प्रोटेक्शन कार्ड की छाया प्रति को भी जमा करने के निर्देश दिए गए हैं. विशेष कैंप के माध्यम से भी आंगनवाड़ी सेविकाओं द्वारा दोनों योजनाओं के बारे में आम लोगों को जागरूक भी किया जा रहा है. सूर्यगढ़ा प्रखंड की ममता कुमारी सहित कई महिलाओं को इसका लाभ भी ​मिल चुका है.  

 

 

क्या है योजना: संस्थागत प्रसव में इजाफ़ा एवं गर्भवती महिलाओं को विशेष सुविधा मुहैया कराने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की शुरुआत की गयी है. इस योजना के तहत प्रथम बार माँ बनने वाली माताओं को 5000 रुपये की सहायक धनराशि दी जाती है जो सीधे गर्भवती महिलाओं के खाते में पहुँचती है. इस योजना के तहत दी जाने वाली धनराशि को तीन किस्तों में दिया जाता है. पहली क़िस्त 1000 रुपये की तब दी जाती है जब गर्भवती महिला अपना पंजीकरण कराती है. दूसरी किस्त में 2000 रुपये गर्भवती महिला को छः माह बाद होने प्रसव पूर्व जाँच के उपरान्त दी जाती है. तीसरी और अंतिम किश्त में 2000 रुपये बच्चे के जन्म पंजीकरण के उपरांत एवं प्रथम चक्र का टीकाकरण पूर्ण होने के बाद दिया जाता है

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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