रंजन गोगोई ने 3 दिन के भीतर ही सरकारी आवास को किया खाली


रंजन गोगोई ने 3 दिन के भीतर ही सरकारी आवास को किया खाली

अयोध्या राम जन्म और बाबरी मस्जिद पर ऐतिहासिक फैसले के बाद सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस रंजन गोगोई रिटायरमेंट हो गए. मगर आज उन्की एक खबर काबीले तारीफ है. दरअसल, भारत में न्यायधीशों को रिटायरमेंट के बाद अपने सरकारी बंगले को खाली करने के लिए 1 महीने की समय सीमा तय की जाती है.

 

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस रंजन गोगोई ने तय समय सीमा के पहले ही सरकारी बंगले को खाली कर दिया. जहां वे 3 दिन के भीतर ही सरकारी बंगले को छोड़ गवाहाटी चले गये. सीजेआई गोगोई 17 नवंबर 2019 को रिटायर्ड हुए हैं. गोगोई ने 3 अक्टूबर 2018 को सुप्रीम कोर्ट में मुख्य न्यायधीश का पद ग्रहण किया था. आपको बता दें कि अपने कार्यकाल में रंजन गोगोई ने कई बड़े फैसले सुनाए हैं, जिनमें से एक राफेल डील भी है.

 

Breaking News : BHU में फिरोज खान के संस्कृत पढ़ाने पर विवाद के बाद हुआ बड़ा खुलासा

 

इसके अलावा इस वर्ष सुप्रीम कोर्ट ने तीन तलाक से लेकर अयोध्या जैसे बड़े निर्णय लिये. ये ऐसे मुद्दे थे जो लंबे समय से चले आ रहे थे. इसके अलावा सबरीमाला अयप्पा मंदिर में हर आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश की अनुमति देने के फैसले के खिलाफ समीक्षा याचिकाओं पर भी फैसला सुनाया. 15 नवंबर 2019 को गोगोई का कोर्ट में आखिरी दिन था. जाते-जाते चीफ जस्टिस ने ऐसे ऐतिहासिक फैसले सुनाए जो लोगों को याद रहेंगे.

 

आपको बता दें कि चीफ जस्टिस रिटायरमेंट के बाद बीते बुधवार को अपने गवाहाटी वाले घर में पहुंच गये हैं. जहां कल सुबह करीब 5 बजे वे अपने बेटे और पत्नी के साथ लोकप्रिया गोपीनाथ बोरदोलोई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पहुंचे. इसके बाद LGBI से परिवार के साथ सीधे गुवाहाटी के गीतानगर इलाके में स्थित अपने घर चले गये.

 

घरेलु नुस्खे : चेहरे की झाइयों Pigmentation का रामबाण नुस्खा |

 

Ranjan Gogoi Hindi News, हिंदी न्यूज़, Latest News in Hindi, Ranjan Gogoi Latest Hindi News, Hindi News Headlines, हिन्दी ख़बर, Breaking News in Hindi, Ranjan Gogoi news headlines in hindi, Taja Samachar, Ranjan Gogoi Hindi Samachar

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×