कोहिनूर धोखा-धड़ी के आरोप में फसे राज ठाकरे


कोहिनूर धोखा-धड़ी के आरोप में फसे राज ठाकरे

मुंबई: पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबम के बाद अब महाराष्ट नवनिर्माण सेना राज ठाकरे की भी मुश्किलें बढ़ गई है. बता दें कि, इनके उपर कोहिनूर इमारत की धोखा-धड़ी का आरोप है. फिलहाल महाराष्ट्र पुलिस ने इनके उपर कार्रवाई शुरू कर दी है. एक ताजा जानकारी के अनुसार राज ठाकरे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में पेश होने के लिए अपने दादर स्थित घर से निकल चुके हैं.

 

बताया जा रहा है कि, राज ठाकरे को आज 11 बजे प्रवर्तन निदेशालय के दफ्तर में हाजिर होना है. इसी के मद्देनजर मुंबई पुलिस ने गुरुवार को एमएनएस के कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया है. इसके साथ ही उनके घर की तरफ आने वाले दोनों तरफ के रास्ते पर पुलिस ने बैरिकेडिंग की है ताकि इस दौरान समर्थकों का भिड़ न हो सके.

 

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गौरतलब है कि, प्रवर्तन निदेशालय कोहिनूर मिल खरीदने के मामले में हुए फण्ड रेगुलरटीज के तहत पीएमएलए के तहत मामले की जांच कर रही है. वर्ष 2003 में मनोहर जोशी के बेटे उन्मेश जोशी ने राज ठाकरे और राजन शिरोडकर के साथ मिलकर अपनी कम्पनी कोहिनूर सिटीएनएल के जरिए कोहिनूर मिल खरीदी.

 

पूरी डील 421 करोड़ में तय हुई थी जिसमें सभी पार्टनर बराबर के हिस्सेदार थे. इस डील में ILFS 225 करोड़ रुपये इक्विटी के तौर पर निवेश किए और कोहिनूर सिटीएनएल को फंड भी किया. लेकिन, साल 2008 में ILFS ने अपने 225 करोड़ के इक्विटी शेयर्स महज 90 करोड़ में बेच दिए जिसके चलते 135 करोड़ का लोन डिफाल्ट हुआ.

 

कुछ समय बाद राज ठाकरे ने भी इस शेयर होल्डिंग पैटर्न में अपने शेयर बेच दिए और डील से निकल गए और लोन डिफॉल्ट की रकम कर्ज के तौर पर चुकाई नहीं गई. इसी वजह से ILFS अब सन्देह के घेरे में है.

 

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