चंद्रयान- 2 : विज्ञान में असफलता नहीं होती बल्कि प्रयास और प्रयोग होते हैं - पीएम मोदी


चंद्रयान- 2 :  विज्ञान में असफलता नहीं होती बल्कि प्रयास और प्रयोग होते हैं - पीएम मोदी

शुक्रवार देर रात चंद्रयान-2 चांद पर लैंड करने ही वाला था कि चंद्रमा के तल से केवल 2.1 किलोमीटर ऊपर चंद्रयान -2 का इसरो से संपर्क हट गया. इस संबंध में चंद्रयान-2 मिशन से जुड़े एक वरिष्ठ इसरो अधिकारी ने आज कहा कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन ने ‘विक्रम’ लैंडर और उसमें मौजूद ‘प्रज्ञान’ रोवर को संभवत: खो दिया है.

 

इससे पहले लैंडर जब चंद्रमा की सतह के नजदीक जा रहा था तभी निर्धारित सॉफ्ट लैंडिंग से चंद मिनटों पहले उसका पृथ्वी स्थित नियंत्रण केंद्र से सपंर्क टूट गया। वहीं इस संबंध में इसरो के अध्यक्ष के़ सिवन ने कहा, ‘‘विक्रम लैंडर चंद्रमा की सतह से 2.1 किलोमीटर की ऊंचाई तक सामान्य तरीके से नीचे उतरा। इसके बाद लैंडर का धरती से संपर्क टूट गया। आंकड़ों का विश्लेषण किया जा रहा है।’’

 

आपको बता दें कि चंद्रयान-2 मिशन के तहत भेजा गया 1,471 किलोग्राम वजनी लैंडर ‘विक्रम’ भारत का पहला मिशन था जो स्वदेशी तकनीक की मदद से चंद्रमा पर खोज करने के लिए भेजा गया था। इस मून मिशन में लैंडर का यह नाम भारतीय अंतरिक्ष कार्यक्रम के जनक डॉ.विक्रम ए साराभाई पर दिया गया था।

 

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इसे चंद्रमा की सतह पर सॉफ्ट लैंडिंग करने के लिए डिजाइन किया गया था और इसे एक चंद्र दिवस यानी पृथ्वी के 14 दिन के बराबर काम करना था. वहीं लैंडर विक्रम के भीतर 27 किलोग्राम वजनी रोवर ‘प्रज्ञान’ था। सौर ऊर्जा से चलने वाले प्रज्ञान को उतरने के स्थान से 500 मीटर की दूरी तक चंद्रमा की सतह पर चलने के लिए बनाया गया था।

 

वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसरो चीफ के. सिवन और उनकी टीम का हौसला बढ़ाते हुए कहा, जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं, आपने जो किया, वह कम बड़ी उपलब्धि नहीं है। जीवन में उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। पीएम मोदी ने वैज्ञानिकों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि आप छोटी-छोटी गलतियों से सीखते हैं। आपने देश की और मानव जाति की बड़ी सेवा की है।

 

वही आज सुबह पीएम मोदी ने इसरो कंट्रोल सेंटर से वैज्ञानिकों को संबोधित करते हुए कहा कि विज्ञान में असफलता नहीं होती बल्कि प्रयास और प्रयोग होते हैं. साथ ही पीएम मोदी ने कहा कि पूरे मिशन के दौरान देश कई बार आनंदित हुआ है और अभी भी ऑर्बिटर पूरी शान से चंद्रमा के चक्कर लगा रहा है। वहीं देश के कई नेताओं ने चंद्रया-2 को सफल बनाने के लिए इसरो के वैज्ञानिकों द्वारा किए गए प्रयास की सराहना की है।

 

इसी कड़ी में उपराष्ट्रपति एम. वैकेया नायडू ने भी कहा कि निराश होने की कोई जरूरत नहीं है। इसरो का केवल लैंडर से संपर्क हटा है, 1.3 अरब भारतीयों की उम्मीद नहीं। ऑर्बिटर अपने पेलोड के साथ अब भी काम कर रहा है.गौरतलब है कि 22 जुलाई को इसरो द्वारा चंद्रयान-2 का सफल प्रक्षेपण किया गया था।

 

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