पीएम राहत के नाम पर वसूली करता रंगे हाथ पकड़ा गया


पीएम राहत के नाम पर वसूली करता रंगे हाथ पकड़ा गया

महामारी काल में गरीबों के लिए आम आदमी ही नहीं सरकार ने भी खजाना खोल रखा है। मगर आपदा की इस मुश्किल घड़ी में भी लोग पीएम राहत के नाम पर गरीब मजदूरों से अवैध वसूली करने में लगे हुए हैं। ताजा मामला यूपी के बुलंदशहर का है, जहां नगर पालिका दफ्तर में नगरपालिका का कर्मचारी बनकर एक युवक ग़रीब मजदूरों से अवैध वसूली करता पकड़ा गया। ईओ ने आरोपी युवक को पकड़वाकर पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया है। पुलिस जांच में जुटी है।

 

पुलिस हिरासत में खड़े जिस युवक को आप अपनी टीवी स्क्रीन पर देख रहे हैं। दरअसल यह युवक सरकार की तरफ से मिलने वाली आर्थिक मदद के लिए योजनाओं के फार्म भरवाने के नाम अवैध वसूली कर रहा था। जैसे ही इसकी शिकायत नगर पालिका प्रशासन के पास पहुंची। ईओ नगर पालिका निहाल चंद कर्मचारियों के साथ वहां पहुंचे और युवक को गरीबों से अवैध वसूली करते रंगे हाथ पकड़ लिया। पूछताछ के बाद ईओ ने मौक़े पर पुलिस को बुलाया और युवक को पुलिस की सुपुर्दगी में दे दिया।

 

आपकी बता दें आरोपी युवक गरीब मजदूरों से 20, 30 औऱ 50 रुपये तक वसूल रहा था। गरीबों को सरकार की तरफ से मिलने वाले एक एक हज़ार रुपये दिलवाने और योजना का फार्म भरवाने के नाम युवक गरीब मजदूरों से पुलिस के हत्थे चढ़ा युवक वसूली कर रहा था। बकौल ईओ निहाल चंद, लगातार शिकायत मिल रही थी कि एक युवक जो पूर्व में नगर पालिका में ही संविदा पर काम करता था। दो साल पहले वसूली की शिकायत के आधार पर युवक को नगर पालिका से बाहर कर दिया गया था।

 

युवक नगर पालिका में सरकारी योजनाओं के फार्म और लाभ दिलवाने के लिए गरीब मजदूरों से अवैध वसूली कर रहा था। आरोपी को पकड़कर पुलिस को सौप दिया गया है। आरोपी युवक का दावा कि वह कागज पूरा कराने के लिए गरीब मजदूरों से रुपये ले रहा था। लोग अपनी मर्ज़ी से उसको 10, 20, 30 औऱ 50 रुपये दे देते हैं।
 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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