जानें कर्नाटक राजनीति के समुद्रगुप्त कहे जाने वाले संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की जीवनी


जानें कर्नाटक राजनीति के समुद्रगुप्त कहे जाने वाले संसदीय मंत्री प्रह्लाद जोशी की जीवनी

देश के वर्तमान संसदीय कार्य एवं प्रणाली मंत्री एवं भारतीय जनता पार्टी के प्रमुख राजनीतिज्ञ श्री प्रह्लाद जोशी एक कुशल राजनेता हैं। इन्होने अपनी राजनितिक सूझ बुझ से कर्नाटक एवं देश की राजनीति में अहम स्थान प्राप्त किया है। आज हम आपको संसदीय कार्य एवं प्रणाली मंत्री श्री प्रह्लाद जी की जीवनी बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं।

 

संसदीय कार्य एवं प्रणाली मंत्री प्रह्लाद जोशी का जन्म 27 नवम्बर 1962 को कर्नाटक के विजयापुर में हुआ था। इनके पिता का नाम श्री वेंकटेश जोशी है और माता का नाम श्रीमती मालती बाई है। इन्होने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई विजयपुर से ही की है। जबकि माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा बी.ए., के.एस. आर्ट कॉलेज और कर्नाटक विश्‍वविद्यालय, धारवाड़ से प्राप्त की है। इन्होने श्रीमती ज्‍योति‍ जोशी से विवाह किया है और इनके परिवार में कुल तीन बेटियां है।

 

 

राजनैतिक करियर

प्रह्लाद जोशी ने अपने राजनैतिक करियर की शुरुआत 90 के दशक में बीजेपी पार्टी ज्वाइन की और कार्य कुशलता से वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का दिल जीतने में कामयाब हुए और इन्ह्ने पहले 1995 में बीजेपी, कर्नाटक का महासचिव और फिर 1998 में बीजेपी, धारवाड़ का अध्यक्ष नियुक्त किया गया। इस पद पर वे 2003 रहे और फिर 2004 में चौदहवीं लोक सभा के लिए धारवाड़ से निर्वाचित हुए। इसके दो वर्ष बाद 2 जनवरी 2006 को उन्हें यूपीए सरकार में रसायन और उर्वरक संबंधी स्‍थायी समिति का सदस्‍य और वक्‍फ संबंधी संयुक्‍त संसदीय समिति का सदस्य बनाया गया।

 

इसी वर्ष बीजेपी की राष्टीय इकाई ने बड़ी जिम्मेवारी देते हुए बीजेपी, कर्नाटक का महासचिव नियुक्त किया। इस पद पर वे 2013 तक रहे और फिर 2013 में बीजेपी, कर्नाटक इकाई के अध्यक्ष चुने गये। वहीं, इसी बीच 2009 में पन्‍द्रहवीं लोक सभा के लिए पुन: धारवाड़ से निर्वाचित किये गये। इस दरम्यान उन्हें यूपीए सरकार में 31 अगस्‍त 2009 में सदस्‍य, रेल संबंधी स्‍थायी समिति का सदस्य बनाया गया और फिर 21 अप्रैल 2010सदस्‍य, सभा की बैठकों से सदस्‍यों की अनुपस्‍थिति संबंधी समिति का सदस्य बनाया गया।

 

 

प्रह्लाद जोशी मई, 2014 में 16वीं लोक सभा चुनाव में फिर से धारवाड़ से विजयी होने में सफल हुए और उन्होंने इस तरह लगातार तीसरी बार धारवाड़ के सांसद बने इस जीत के बाद मोदी सरकार में उन्हें कैबिनेट मंत्री बनाया गया और 13 जून 2014 से कार्य मंत्रणा समिति का सदस्‍य बनाया गया और फिर 1 सितम्‍बर 2014 से सभापति, पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस संबंधी स्‍थायी समिति के सदस्य बने।

 

इसके बाद 15 सितम्‍बर 2014 से आचार समिति के सदस्य बने और 29 जनवरी 2015 से सामान्‍य प्रयोजनों संबंधी समिति के सदस्य बने और 7 सितम्बर 2018 से विशेषाधिकार सम्‍बन्‍धी समिति के सदस्य बनाये गये। मई, 2019सत्रहवीं लोक सभा चुनाव में वे एक बार फिर से धारवाड़ से निर्वाचित हुए और वर्तमान में संसदीय कार्य एवं प्रणाली मंत्री है। प्रहलाद जोशी का भारतीय राजनीति में शानदार करियर रहा है।

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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