पाकिस्तान ने अलग तरह से भारत पर किया हमला, देश के फसल को कर रहा नष्ट


जहां एक तरफ पाकिस्तान लगातार सीज फायर का उल्लंघन कर रहा है बोर्डर पर पार नहीं पाने के कारण वह नए तरीके से हमले कर रहा है। पाकिस्तान ने एक साजिश के तहत टिड्डियों से भारत में हमला कर दिया है। टिड्डियों ने सीधे किसानों के फसल को बर्बाद कर रहे हैं। पहले टिड्डियों ने राजस्थान के फसलों को नष्ट किया उसके बाद मध्यप्रदेश और अब उत्तर प्रदेश के किसानों के फसलों को नष्ट कर रहा है और उसका अगला टारगेट बिहार और प. बंगाल है।

 

जिससे किसानों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। टिड्डियो ने खड़ी फसलों पर सीधे हमले किए हैं देश के हजारों एकड़ की फसल बर्बाद हो गई है। अभी लॉकडाउन है सभी फैक्ट्री और उद्योग बंद हैं ऐसे में कृषि ही देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकता है  और यह भी सर्वविदित है कि भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि पर आश्रित है और ऐसे समय में फसल पर हमले कर पाकिस्तान भारत की कमर तोड़ने की कोशिश कर रहा है। और सेना से सीधे हमले से पार नहीं पाने के बाद उसने नए तरीके को इजाद कर लिया है। और वह टिड्डियों से हमला।

 

पिछले एक दशक में टिड्डियों का फसल पर यह सबसे बड़ा हमला है। ये टिड्डियों ने पहले राजस्थान और मध्य प्रदेश में कहर ढाहे अब अब उन्होंने उत्तर प्रदेश का रुख कर लिया है। इसने राज्य के कई जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है और इसके कारण उत्तर प्रदेश सरकार को पूरे राज्य में अलर्ट घोषित करना पड़ा है। टिड्डियों का झुंड अप्रैल के दूसरे हफ्ते पाकिस्तान से राजस्थान पहुंचा था। राजस्थान के 18 और मध्य प्रदेश के करीब 12 जिलों में फसलों को चौपट करने के बाद अब यह उत्तर प्रदेश के झांसी और आगरा पहुंच चुका है।

 

मध्य प्रदेश में टिड्डियों ने कम से कम 12 जिलों में खड़ी फसलों को चौपट कर दिया। राज्य में टिड्डियों का दल 17 मई को सबसे पहले मंदसौर और नीमच पहुंचा और फिर देखते ही देखते इसने 10 और जिलों को अपनी चपेट में ले लिया। मंदसौर, नीमच, उज्जैन, देवास, शाजापुर, इंदौर, खरगौन, मोरेना और श्योपुर जिले टिड्डियों के हमले से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं।

 

यह समस्या इतनी बड़ी है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने पूरे राज्य में अलर्ट घोषित कर दिया है। टिड्डियों ने उत्तर प्रदेश में 17 जिलों को अपनी चपेट में ले लिया है। इनमें आगरा, अलीगढ़, मथुरा, बुलंदशहर, हाथरस, एटा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, फरुर्खाबाद, औरेया, जालौन, कानपुर, झांसी, महोबा, हमीरपुर और ललितपुर शामिल हैं।

 

उत्तर प्रदेश के कृषि विभाग ने किसानों को जागरूक बनाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। आगरा में जिला प्रशासन ने केमिकल स्प्रे के साथ 204 ट्रैक्टरों को मोर्चे पर लगाया है। 20 मई को टिड्डियों का दल राजस्थान के दौसा जिले में देखा गया था। महज 5 दिन में यह अजमेर से 200 किमी दूर दौसा पहुंचा था और अब उत्तर प्रदेश में आ चुका है।

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मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा


मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा

दिल्ली से मुंबई के बीच काफी तेज़ चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में सफर जल्द ही और छोटा होने वाला है। रेलवे अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को अब और बेहतर कर रहा है। delhi mumbai train

आपको बता दें, रेलवे ने 2023 तक इसके ट्रैवल टाइम को 5 घंटे 45 मिनट कम करने की योजना शुरू कर दी है। फिलहाल, इस सफर में 15 घंटे 45 मिनट लगते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लचर होने के कारण यह ट्रेन अपनी क्षमता के मुताबिक स्पीड नहीं पकड़ पा रही थी।

घर से छिपकली भगाने के घरेलू उपाय।

हालांकि रेलवे ने 2016-17 में बजट मिशन रफ्तार के नाम से रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बदलने का प्लान भी किया था, लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इस पर ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रूट की क्षमता 20 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। लेकिन हर दिन यह सेक्टर 100 पैसेंजर और 80 गुड्स ट्रेनें हैंडल करता है। delhi mumbai train

बता दें, राजधानी एक्सप्रेस रेक जर्मनी की सुपीरियर लिंक हॉफमन बश टेक्नॉलजी से बने होते हैं और यह 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते है लेकिन इसको सपॉर्ट करने वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं है। जिस कारण यह 87 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलते है।

रेलवे के एक विश्लेषण से पता लगा है कि कुल 60,000 किमी के नेटवर्क में से सिर्फ 0.3 प्रतिशत 160 प्रति घंटा की रफ्तार को झेल सकता है, जबकि 5 प्रतिशत 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार का भार उठा सकता है।

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Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?


Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?

अब नहीं चलेगी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज क्योंकी अगर आपके फेसबुक अकाउंट से फेक न्यूज फैलती है तो इसका जवाब आपको खुद देना होगा. इसके अलावा फेसबुक को आधार से जोड़ना पड़ सकता है. इसका प्रयोग फेसबुक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा.

आपको बतादें कि, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दायर की गई थी जिसपर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में यह मामला मद्रास, बॉम्बे और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है. दूसरी तरफ मीडिया का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, गूगल, ट्विटर, यूट्यूब सहित अन्य को नोटिस जारी किया है. facebook aadhar link

इन्हें 13 सितंबर तक इस मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है. बता दें कि, तमिलनाडु सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फेक न्यूज, अश्लील कंटेट, राष्ट्रविरोधी कंटेट पर लगाम कसने के लिए जरूरी है. फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक किया जाए. ऐसा करने से आरोपियों की पहचान आसानी से हो पाएगी. facebook aadhar link

हालांकि, इसके विरोध में फेसबुक ने कोर्ट से कहा कि ऐसा करने से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा पहुंच सकता है. फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है.

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