जेल से निकल चिदंबरम ने की प्रेस वार्ता, देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा


जेल से निकल चिदंबरम ने की प्रेस वार्ता, देश की गिरती अर्थव्यवस्था पर सरकार को घेरा

देश के पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम ने महंगाई और RBI की ओर से घटाई गई विकास दर पर प्रेस वार्ता करके केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला है. बता दें कि INX Media Case में सुप्रीम कोर्ट से जमानत पाने के बाद चिदंबरम तिहाड़ जेल से रिहा हुए और फिर आज को संसद पहुंचे. इसके बाद वह कांग्रेस दफ्तर आए जहां महंगाई समेत अन्य मुद्दों पर प्रेस वार्ता की.

 

पी चिदंबरम की प्रेस वार्ता में कही गयी कुछ महत्वपुर्ण बातें:

 

- चिदंबरम ने कहा- 'सरकार गलत है क्योंकि यह विचार शून्य है, बर्बादी के कारणों को खोजने में असमर्थ है, क्योंकि यह पीएमओ के नोटबंदी, GST, कर आतंकवाद, रेगुलेटरी ओवरकिल, संरक्षणवाद और केंद्रीकृत नियंत्रण जैसी अपनी गलतियों का बचाव करने की जिद में लगी हुई है.'

 

- 'कृपया मेरे द्वारा उठाए गए सवालों पर ध्यान दें. आने वाले दिनों में, मैं बोलूंगा, साक्षात्कार दूंगा और उनमें से प्रत्येक पर विस्तृत रूप से लिखूंगा. संख्या की इस घटती स्थिति के साथ अर्थव्यवस्था की स्थिति बेहतर नहीं है- 8, 7, 6.6, 5.8, 5 और अब 4.5.'

 

Breaking News : संसद पहुचे पी चिदंबरम कहा - वापस आकर खुश हूं

 

- 'पिछली 6 तिमाहियों में ये GDP की तिमाही वृद्धि दर हैं. 2019-20 की तीसरी और चौथी तिमाही में भी कोई बेहतर स्थिति होने की संभावना नहीं है. हम इस साल के अंत में भाग्यशाली होंगे, यदि विकास 5 प्रतिशत को छूता है.'

 

- 'निदान सबसे शुरूआती उपाय है. यदि निदान गलत है, तो नुस्खा बेकार होने के साथ और भी घातक हो सकता है. वित्तीय वर्ष में 7 महीने बीतने के बाद भी, BJP सरकार का मानना है कि अर्थव्यवस्था के सामने जो समस्याएं हैं, वे चक्रीय हैं.'

 

- 'सरकार को अर्थव्यवस्था का कोई ओर-छोर नहीं मिल रहा, वह नोटबंदी और दोषपूर्ण GST जैसी विनाशकारी गलतियों का बचाव बहुत ही अड़ियल और जिद्दी तरीके से कर रही है.'

 

- 'प्रधानमंत्री अर्थव्यवस्था पर असामान्य रूप से मौन रहे हैं. उन्होंने इसे अपने मंत्रियों के लिए छोड़ दिया है कि वे जनता को झांसा दें. जैसा कि Economist ने कहा है, शुद्ध परिणाम यह है कि सरकार अर्थव्यवस्था की अक्षम प्रबंधक बन गई है.'

 

- '8-9 महीने के भीतर ही आरबीआई ने विकास दर को 7.4 से घटा कर 5 फीसदी कर दिया. यह अनोखा है.'

 

- 'उद्योगपति राहुल बजाज के मुद्दे पर भी चिदंबरम ने कहा कि 'क्या आपको नहीं लगता कि डर का माहौल है? हर उद्योगपति कहता है कि बिना उनका नाम प्रकाशित किए कुछ लिखें.'

 

मौजूदा आर्थिक हालत को चिदंबरम ने मानव निर्मित समस्या बताया, इसके साथ ही कहा कि अगर केंद्र सरकार हमारी बात सुनने को तैयार होती है तो हम सलाह देंगे.

 

घरेलु नुस्खे : दिमाग को कंप्यूटर जैसे तेज बनाता है एक मुठी अंकुरित चना

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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