नवसृजित एएनएम स्कूलों को मिलेगी बस की सुविधा


नवसृजित एएनएम स्कूलों को मिलेगी बस की सुविधा

• राज्य के 9 जिलों के लिए आवंटित हुई बसों की सुविधा 

• स्वास्थ्य मंत्री ने झंडी दिखाकर किया रवाना 

• कम्युनिटी विजिट तथा अस्पताल से क्षात्रावास में आवागमन के लिए होगा बसों का इस्तेमाल  

 

लखीसराय / 15 जून:  राज्य के 9 जिलों में 9 नए एएनएम स्कूल निर्मित किये गए हैं. अब इन सभी एएनएम स्कूलों में बस की सुविधा उपलब्ध होगी. सोमवार को राज्य स्वास्थ्य समिति के प्रांगन से स्वास्थ्य मंत्री, बिहार सरकार मंगल पाण्डेय ने राज्य के चयनित 9 जिलों के लिए 9 बसों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया.  

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पाण्डेय ने कहा राज्य में लगातार स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयास कर रही है. राज्य के 9 जिलों में नव-निर्मित एएनएम स्कूलों के लिए 9 बसों की खरीदारी की गयी है. इससे प्रशिक्षण प्राप्त कर रही एएनएम स्कूल की लड़कियों को कम्युनिटी विजिट तथा अस्पताल से क्षात्रावास में आवागमन में सुविधा होगी.  

 

9 जिलों के एएनएम स्कूलों को उपलब्ध होगी बस की सुविधा: 

 

राज्य में कुल 32 सरकारी ए.एन.एम., 11 जी.एन.एम. स्कूल तथा 1 स्टेट नोडल सेंटर संचालित है. प्री- सर्विस नर्सिंग प्रशिक्षण के सुदृढ़ीकरण के क्रम में केंद्र प्रायोजित योजना के तहत राज्य के 9 जिलों में बस की सुविधा उपलब्ध होगी. जिसमें नवादा(रजौली), सिवान(मैरवा), औरंगाबाद(दाऊदनगर), कैमूर(भभुआ), खगड़िया, लखीसराय, सुपौल(त्रिवेणीगंज), जमुई(लक्ष्मीपुर) एवं शिवहर जिले शामिल हैं. इन जिलों में केंद्र प्रायोजित योजना के अंतर्गत सरकारी एएनएम स्कूल नवनिर्मित हैं. 

 

 

नवनिर्मित एएनएम स्कूलों को किया जायेगा सुविधाओं से लैस:

 

एएनएम स्कूलों में बसों की उपलब्धता के साथ साथ स्कूल में अन्य सुविधाओं को भी उपलब्ध कराया जायेगा. सभी एएनएम एवं जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में कंप्यूटर लैब, स्किल लैब और पुस्तकालय की सुविधा प्रदान की जाएगी. पूर्व से सभी संचालित एएनएम एवं जीएनएम ट्रेनिंग सेंटर में यह सुविधा उपलब्ध है. 

 

नर्सिंग ट्यूटरों  के कौशल विकास पर दिया जा रहा है ध्यान:

 

एएनएम स्कूलों में प्रशिक्षुओं के नामांकन की संख्या 2120 तथा जीएनएम स्कूलों में प्रशिक्षुओं के नामांकन की संख्या 676 है. स्टेट नोडल सेंटर में संचालित 6 हफ़्तों के प्रशिक्षण के लर्निंग रिसोर्स पैकेज द्वारा नर्सिंग स्कूलों में कार्यरत नर्सिंग ट्यूटरों का कौशल विकास किया जा रहा है. नर्सिंग ट्यूटर के चार बैच को दक्ष टीओटी में सफलतापूर्वक प्रशिक्षित किया गया है. नर्सिंग स्कूलों की प्रशिक्षण व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण हेतु पाठ्यक्रम के अनुरूप नियमित रूप से कम्युनिटी विजिट के लिए राशी प्रदान की जा रही है.

 

इस मौके पर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति मनोज कुमार, राज्य टीकाकरण पदाधिकारी डॉ. एन.के.सिन्हा, राज्य परिवार नियोजन पदाधिकारी डॉ. मोहम्मद सज्जाद के अलावा विभिन्न सहयोगी संस्थानों के अधिकारीगण मौजूद थे

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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