सेना की सेवाओं का बिल वसूलता है “रक्षा मंत्रालय”


सेना की सेवाओं का बिल वसूलता है “रक्षा मंत्रालय”

भारतीय सेना हर प्रकार के आपदा प्रबंधन से लड़ने के लिए तैयार रहती है. इस समय देश के कई राज्यों में बाढ़ आई हुई है, बाढ़ के कारण बहुत से घर पानी में तबदील हो गए हैं. बाढ़ में फंसे लोगों को जगह-जगह आर्मी और एयरफोर्स के जवान फंसे लोगों को बचा रहे हैं. इसना ही नहीं सेना अपनी जान जोखिम में डालकर सुरक्षित जगहों तक लोगों को पहुंचा रहे हैं. मगर आपको एक बात जानकर हैरानी होगी की केन्द्र की रक्षा मंत्रालय आपदा  पीड़ित राज्यों से आर्मी, नेवी और एयरफोर्स की मदद लेने पर बिल वसूलता है. army ministry of defence

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आपको बता दें कि, साल 2018 में केरल में भयंकर बाढ़ आई थी. सहायता के लिए आर्मी और एयरफोर्स को बुलाया गया था. एयरफोर्स के विमानों और चॉपर ने लगातार उड़ान भर के बाढ़ में फंसे लोगों को बचाया गया. बाढ़ के समय एयरफोर्स के विमानों ने 517 और हेलिकॉप्टर ने 634 उड़ान भरी थीं और इस विमानों से 3787 और हेलिकॉप्टर से 584 लोगों को बचाया गया था. इसके अलावा 1597 टन खाने-पीने सहित अन्य सामान हेलिकॉप्टर और विमानों से ढोया गया था. लेकिन आरटीआई से मिली एक जानकारी के अनुसार केरल सरकार पर अभी भी एयरफोर्स का 102 और नेवी का 3.18 करोड़ रुपये बकाया है. army ministry of defence

बता दें कि, लोकसभा में दी गई एक जानकारी के अनुसार रक्षा मंत्रालय प्राकृतिक आपदा राहत कार्य के दौरान भेजी गई आर्मी, एयरफोर्स और नेवी के काम का बिल राज्य सरकार को भेजता है. राज्य सरकार यह बिल राष्ट्रीय आपदा राहत निधि को भेज देती है. जहां गृहमंत्रालय की अनुमति मिलते ही बिल का पैसा राज्य सरकार को दे दिया जाता है. लेकिन नियमानुसार भुगतान के लिए रक्षा मंत्रालय हमेशा राज्य सरकार से ही संपर्क करता है.

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