काम से ज्यादा विज्ञापनों पर खर्च कर रहे केजरीवाल : मनोज तिवारी


काम से ज्यादा विज्ञापनों पर खर्च कर रहे केजरीवाल : मनोज तिवारी

केजरीवाल सरकार दिल्ली की जनता से वसूले गये टैक्स के करोड़ों रूपयों को विज्ञापन पर खर्च कर जनता की गाढ़ी कमाई का दुरूपयोग कर रही है. ताजा मामला दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग द्वारा दिया गये विज्ञापन का है जिसमें 10  हफ्ते, 10 बजे, 10 मिनट, हर रविवार क्या आप हैं तैयार? 

 

इस तरह के भ्रामक विज्ञापन के उद्देश्य पर सवाल उठाते हुये दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी ने कहा कि यह विज्ञापन लोगों में भ्रम फैला रहा है, क्योंकि इससे पता नहीं चलता है कि विज्ञापन किस लिये दिया गया है, क्या केजरीवाल लोगों में भ्रम फैलाने के लिए जनता का पैसा बरबाद कर रहे हैं. केजरीवाल राजनीति में टीजर कैम्पेन चलाकर सरकार को प्राइवेट लिमिटेड कम्पनी की तरह चला रह हैं जो जनहित के फैसले करने की बजाये अपने हित के फैसले करती है. 

 

तिवारी ने कहा कि जनता से हर साल टैक्स के नाम पर दिल्ली सरकार के खजाने में हजारों करोड़ रूपये आते हैं, जिन्हें सरकार को दिल्ली के विकास कार्यों पर खर्च करना होता है. दिल्ली की सत्ता में पहली बार ऐसी सरकार आयी है जो काम कम करती है और दिखावे के लिए करोड़ों रूपयों का खर्च कर देती है. 

 

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साढ़े चार वर्ष के कार्यकाल बीत जाने के बाद भी केजरीवाल सरकार ने दिल्ली की जनता से जो भी चुनावी वादे किये थे उनमें से एक भी पूरा नहीं किया. जिन कामों को करने का नाटक दिल्ली सरकार ने शुरूआत की उनके विज्ञापन पर प्रोजेक्ट के कुल बजट से ज्यादा खर्चा कर दिया है.

 

तिवारी ने कहा कि केजरीवाल दिल्ली की जनता को बतायें की हर साल टैक्स के रूप में होने वाली करोड़ों रूपये की सम्पत्ति को दिल्ली के विकास कार्यों में खर्च करने की बजाय राजनीतिक उल्लू सीधा करने के लिए विज्ञापन में खर्च क्यों किया जा रहा है. इस बड़ी धनराशी का प्रयोग नई बसों को खरीदने के लिए, टूटी सड़कों का निर्माण करने के लिए, बेघरों को घर देने के लिए, स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए एवं आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के उत्थान के लिए किया जा सकता था. 

 

लेकिन केजरीवाल सरकार की नीयत व चरित्र को उजागर करने के लिए बड़े बड़े विज्ञापन ही काफी है क्योंकि विज्ञापनों में ही दिल्ली को प्रदूषण से मुक्त साफ सुथरा बना दिया जाता है, दिल्ली को हर छोटी बड़ी योजनाओं जिनका केवल शुभारंभ होता है उसको विज्ञापन के माध्यम से इस तरह से जनता के सामने परोसा जाता है कि जैसे कि सारा काम हो गया हो. केजरीवाल झूठे व भ्रामक विज्ञापनों के माध्यम से जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं.

 

तिवारी ने कहा कि केजरीवाल ने साढ़े चार वर्ष आरोप प्रत्यारोप की राजनीति में निकाल दिये लेकिन जब चुनावी वर्ष को नजदीक पाया और निगम व लोकसभा चुनावों में हार का मंथन किया तो खिसकती राजनीतिक जमीन को बचाने के लिए फिर रंग बदलना शुरू कर दिया है. नाटकीय ढ़ंग से केन्द्र सरकार के समर्थन का सारा प्रारूप व तमाम लंबित पड़ी योजनाओं को फटाफट हरी झण्डी दिखाना विधानसभा चुनाव को नजदीक आते देख कर किया जा रहा है. 

 

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स्वंय काम न करना, दूसरा करे तो उसमें कमी निकालना और हर बाधा के लिए केन्द्र सरकार को दोषारोपण करना केजरीवाल की पहचान रही है. दिल्ली के मुख्यमंत्री को महगें विज्ञापनों पर खर्च किये जाने वाले पैसों को जनता के हितों में खर्च करना चाहिये, क्योंकि जनता ने आपकों अपार समर्थन के साथ दिल्ली का भविष्य बदलने के लिए चुना था, दिल्ली का खजाना खाली करने के लिए नहीं. 

 

जनता समझदार है और वो सबकुछ जानती है, इसलिए आम आदमी पार्टी की सरकार बचे हुये कार्यकाल में दिल्ली के विकास पर ध्यान दे क्योंकि आने वाले विधानसभा चुनावों में भाजपा की पूर्ण बहुमत की सरकार बनाकर जनता दिल्ली को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने जा रही है.

 

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