हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को राशन वितरण प्रणाली में हो रही लापरवाही को लेकर फटकार लगाई - मनोज तिवारी


हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को राशन वितरण प्रणाली में हो रही लापरवाही को लेकर फटकार लगाई - मनोज तिवारी

नई दिल्ली-

दिल्ली में ई-कूपन धारकों को राशन नहीं दिया जा रहा है, खासकर सुल्तानपुरी इलाके की घटना को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया और दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है जिस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दिल्ली भाजपा प्रदेश अध्यक्ष श्री मनोज तिवारी व दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। इस अवसर पर दिल्ली भाजपा मीडिया सह प्रभारी श्री नीलकांत बक्शी व मीडिया प्रमुख श्री अशोक गोयल देवराहा उपस्थित थे।

 

श्री मनोज तिवारी ने कहा कि राशन वितरण को लेकर हो रही लापरवाही से तो यही जाहिर हो रहा है कि दिल्ली सरकार की नीयत में खोट है। केंद्र की ओर से मिल रहे राशन की गुणवत्ता, मात्रा सीधे दिल्ली के लोगों तक कैसे पहुंचे इस पर दिल्ली सरकार कभी भी संजीदा नहीं हुई। इस लापरवाही को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट की ओर से कई बार निर्देशित किए जाने पर भी दिल्ली सरकार ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और लगातार उनके निर्देशों की अवमानना करते रहे। लॉक डाउन को 2 महीने होने जा रहे हैं लेकिन दिल्ली में आज भी हजारों लोगों को राशन नहीं मिल रहा है, यहां तक कि उन लोगों को भी राशन नहीं मिल रहा है जिनके पास ई-कूपन है। पहले ई-कूपन फर्जी दे दिया और बाद में उसे कैंसिल कर दिया। यही कारण लोगों को राशन के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ा और उन्होंने राशन के बिना दिल्ली से पलायन करने पर मजबूर हो गए।

 

श्री तिवारी ने कहा कि यह बहुत ही चिंताजनक दिल्ली सरकार की सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत ई-कूपन मिलने के बावजूद हज़ारों लोगों को राशन से वंचित है जबकि लॉकडाउन की घोषणा के तुरंत बाद दिल्ली सरकार ने घोषणा की थी कि जिनके पास राशन कार्ड नहीं है उनको भी राशन दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि लोगों ने कई दिनों तक राशन दुकान के चक्कर काटे लेकिन राशन न मिलने पर उन्होंने कोर्ट की मदद ली और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी यह साफ किया कि राशन को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट के 27 अप्रैल और 6 मई के आदेशों के अनुसार दिल्ली के सभी गरीब व जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाने का जो उद्देश्य था, वह दिल्ली सरकार ने पूरा नहीं किया है।

 

एक बार फिर से दिल्ली हाईकोर्ट की अलग-अलग पेंशन 18 मई और 20 मई को राशन वितरण में हो रही लापरवाही को लेकर दिल्ली सरकार को फटकार लगाई है। दिल्ली भाजपा ने हमेशा दिल्ली सरकार के राशन वितरण प्रणाली की असफलता को दिल्ली के लोगों के सामने रखा और दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अब दिल्ली सरकार को उसके राशन वितरण प्रणाली में हो रही लापरवाही को लेकर लताड़ लगाई है।

 

श्री तिवारी ने कहा यह दिल्ली सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी थी और उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली से गरीब, जरूरतमंद और हाशिए पर पड़े लोगों को अनाज की आपूर्ति की जाए। इन्हें राशन की दुकानों के अलावा दूसरे केंद्रों से भी अनाज दिया जाए लेकिन दिल्ली सरकार ने दिल्ली के निवासी मजदूरों को भी भूखा रखा और उन्हें दिल्ली छोड़कर जाने पर मजबूर कर दिया। ऐसे समय में दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का यह रवैया जानबूझकर की गई साजिश का हिस्सा है।

 

दिल्ली विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष श्री रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि केंद्र सरकार दिल्ली के 72 लाख लोगों के लिए 8 किलो गेंहू, 2 किलो चावल, 1 किलो दाल प्रति व्यक्ति मुफ्त में उपलब्ध करा रही है, दिल्ली सरकार की बस यह जिम्मेदारी थी कि उस राशन को गरीब व जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाएं जिसमें वह विफल रही। माननीय खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री राम विलास पासवान ने भी यह जानकारी दी थी कि दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने अप्रैल माह के लिए केंद्र सरकार की ओर से मुहैया राशन का 1% भी मई तक वितरित नहीं कर पाई है। अब दिल्ली हाईकोर्ट ने इस बात पर मुहर लगा दी है कि दिल्ली सरकार की राशन वितरण प्रणाली दिल्ली के लोगों तक राशन पहुंचाने में असफल रही।

 

श्री बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली के पहले लोगों को पोर्टल ई-कूपन के लिए आवेदन करने में समस्या हुई और जिन्हें ई-कूपन मिला उन्हें भी राशन वितरण केंद्रों पर राशन की उपलब्धता न होने के कारण उन्हें राशन नहीं मिला। 15-20 दिन लगातार राशन वितरण केंद्रों के चक्कर लगाने के बाद भी उन्हें राशन नहीं मिला। दिल्ली के राशन वितरण प्रणाली के ढुलमुल रवैए को लेकर जो बाद दिल्ली भाजपा कह रही थी उसपर अब दिल्ली हाईकोर्ट ने भी उस पर सहमति जताई है। केंद्र सरकार की ओर से दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए प्रत्येक माह दिल्ली सरकार को राशन मुहैया कराया जाता है लेकिन अरविंद केजरीवाल लगातार यह प्रचार कर रहे हैं कि वह दिल्ली के 72 लाख लोगों को मुफ्त राशन दे रहे हैं जो कि सरासर झूठ है।

 

श्री बिधूड़ी ने कहा कि दिल्ली सरकार से मेरा आग्रह है कि वह राशन वितरण प्रणाली को ठीक करें और हाईकोर्ट के निर्देशानुसार दिल्ली के गरीब और जरूरतमंद लोगों तक राशन पहुंचाएं। राशन से वंचित रखकर दिल्ली के मजदूरों को पलायन करने पर विवश करने के लिए दिल्ली के मुख्यमंत्री दिल्ली के लोगों से माफी मांगे। राशन वितरण के लिए किसी प्रकार की मदद की आवश्यकता होने पर दिल्ली भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता दिल्ली सरकार की सहायता देने को तैयार है, इस नेक कार्य में दिल्ली भाजपा अपना योगदान देने के लिए सदैव तत्पर है।

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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