ब्रिटिश अरबपति और पूर्व सांसद लॉर्ड स्वराज पॉल ने की मोदी की तारीफ कहा- मोदी है तो मुमकिन है


ब्रिटिश अरबपति और पूर्व सांसद लॉर्ड स्वराज पॉल ने की मोदी की तारीफ कहा- मोदी है तो मुमकिन है

देश की आयरन लेडी दिवंगत इंदिरा गांधी तेज़तरार्र फैसले लेने और बेबाक बोल वाली शख्स थी। उन्होंने अपने समय में न केवल करप्शन पर रोक लगाने का ऐतिहासिक कदम उठाया बल्कि देश की गिरती अर्थव्यवस्था को भी उठाया। कालांतर में इंदिरा गांधी ने जो काम देश हित के लिए किया था, वहीं काम वर्तमान में पीएम नरेंद्र मोदी कर रहे हैं और इसमें पीएम मोदी पूरी तरह से सफल हो रहे हैं।

 

इस बारे में भारतीय मूल के ब्रिटिश अरबपति बिज़नेसमैन और पूर्व सांसद लॉर्ड स्वराज पॉल ने एक विदेश समाचार पत्र को दिए इंटरव्यू में कहा कि मोदी और इंदिरा गांधी में काफी समानता है। दोनों ने देश को मजबूत करने की कसम खाई है लेकिन इंदिरा गांधी इसमें सफल नहीं हो पाई क्योंकि उनकी पार्टी के भीतर ही अराजकता जैसा माहौल था।

 

 

इंदिरा चाहकर भी कुछ नहीं कर पा रही थी, जबकि मोदी जी स्वतंत्र हैं, जिस कारण आज भारत की अर्थव्यवस्था विश्व की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गयी है। पश्चिमों देशों में मोदी की तूती बोल रही है। इंदिरा के समय में ऐसा बिलकुल नहीं था। जब पाकिस्तान का विभाजन हुआ और बांग्लादेश को स्थयित्व प्राप्त हुआ। उन दिनों पश्चिमी देश इंदिरा का खुलकर विरोध कर रहे थे।

 

वहीं, मोदी के नेतृत्व में भारतीय आर्मी ने पाक अधिकृत कश्मीर में दो बार सर्जिकल स्ट्राइक किया है। इसके बाबजूद पश्चिमी देश मोदी के समर्थन में खड़ा है। इस समर्थन के पीछे मोदी की नॉन रिक्वायर्ड इंडियंस से आगे बढ़ना है। इंदिरा ऐसा करने में असमर्थ हो गयी थी लेकिन मोदी ने विदेशी कंपनियों को भारत में आकर निवेश करने की इजाजत दी। जिससे पश्चिमी देशों के लिए व्यपार का मार्ग खुल गया। जिससे न केवल भारत की अर्थव्यवस्था सुधरी है बल्कि भारत एक शक्तिशाली देश भी बनने में कामयाब हो गया है।

 

 

उन्होंने आगे कहा कि पीएम मोदी ने न केवल करप्शन को जड़ से मिटाया बल्कि एनआरआई को भी बिजनस के लिए वेलकम किया। इस मामले में इंदिरा गांधी पिछड़ गयी थी क्योंकि उन्हें देश के उद्योगपतियों ने (जिनका शासन में बोलबाला था) एनआरआई को इजाजत देने से मना कर दिया था। एनआरआई का शाब्दिक अर्थ नॉन रिक्वायर्ड इंडियंस होता है।

 

इंदिरा की इसी कदम से देश की गिरती अर्थ व्यवस्था संभल नहीं पाई और देश को विकसित होने में तकरीबन 30वर्ष लग गए। आज आप देख लो चीन चाहकर भी भारत का कुछ बिगाड़ नहीं पा रहा है। जबकि इंदिरा के समय में ही चीन की तूती बोलती थी। इससे साफ जाहिर है कि इंदिरा के समकक्ष मोदी विश्व राजनीति करने में सफल हो रहे हैं।

 

बता दें कि भारतीय मूल के ब्रिटिश अरबपति बिज़नेसमैन और पूर्व सांसद लॉर्ड स्वराज पॉल दो बार दिवंगत इंदिरा गांधी के साथ स्टेज शेयर कर चुके हैं। जबकि एक बार भारत सरकार द्वारा आयोजित रात्रि भोज में भी शरीक हो चुके हैं। इस बात की पुष्टि स्वराज पॉल ने इंटरव्यू में की।

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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