जानें अब 17 मई के बाद लॉकडाउन होगा समाप्त या मिलेगी छूट


जानें अब 17 मई के बाद लॉकडाउन होगा समाप्त या मिलेगी छूट

देश में अब कोरोना धीरे-धीरे एक विशाल रुप धारण कर लिया है, जिससे निजात पाने के लिए देश में राष्ट्रयव्यापी लॉकडाउन को तिसरी बार 17 मई तक बढ़ाया गया मगर फिर भी कोरोना बेकाबू होता जा रहा है. इसका असर सबसे ज्यादा दिहाड़ी मजदूरों पर पड़ा है दाने-दाने को तरस रहे मजदूर अब एक बार फिर पैदल और साईकल बिहार UP चल दिए हैं बहुत से एसे मजदूर हैं जिनके पैरों में चपल भी नहीं है.

 

बता दें कि लॉकडाउन से देश को बड़ा आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है, साथ ही लोगों के रोजगार भी छिन गए हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर 17 मई के बाद सरकार क्या कदम उठाने वाली है? क्या अब लॉकडाउन को खत्म किया जाएगा या प्रतिबंध अब भी जारी रहेंगे? सूत्रों के मुताबिक सरकार अब पूरे जिले या शहर में प्रतिबंध लगाने की जगह केवल हॉटस्पॉट को ही सील करेगी.

 

कोरोना के इस समय में आर्थिक गतिविधियों को गति देने का यही तरीका जानकार भी बता रहे हैं कि कन्टेनमेंट जोन के अलावा बाकी जगहों पर आर्थिक गतिविधियां शुरू कर दी जाएं. सरकार पहले भी इकॉनमी को रफ्तार देने के लिए कई तरह की ढील दे चुकी है. इसमें निर्माण, मैन्युफैक्चरिंग और रीटेल ऐक्टिविटीज शामिल हैं। कुछ राज्यों ने कोविड को फैलने से रोकने के लिए बड़े हिस्से में प्रतिबंध लागू किए हैं। मजदूरों की कमी की वजह से भी कई जगहों पर आर्थिक गतिविधियां शुरू नहीं हो पा रही हैं।

 

सूत्रों का कहना है कि मजदूरों की कमी, मैन्युफैक्चरिंग में गिरावट की वजह से गुड्स मूवमेंट भी ज्यादा नहीं हो रहा है। लॉकडाउन शुरू होने से पहले 22 लाख तक ई-वे बिल कटते थे जो कि अब महज 6 लाख रह गए हैं. लॉकडाउन की शुरुआत में तो यह संख्या महज 3.2 लाख ही रह गई थी. पिछले तीन सप्ताह में दोगुने की वृद्धि दर्ज की गई है. यह एक सकारात्मक संकेत है।

 

आगामी सोमवार को प्रधानमंत्री मोदी सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आगे की योजना पर विचार-विमर्श कर रहे हैं। इसके बाद ही आगे की रणनीति तय की जा सकती है. यह लॉकडाउन का तीसरा चरण है. इससे पहले भी मुख्यमंत्रियों ने लॉकडाउन को बढ़ाने की वकालत की थी. माना जा रहा है कि अब भी कई राज्य इसे बढ़ाने के पक्ष में हैं. वहीं तेलंगाना पहले ही 29 मई तक लॉकडाउन बढ़ा चुका है.

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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