जानें कांग्रेस के राजकुमार और वायनाड के सांसद राहुल गांधी की जीवनी


जानें कांग्रेस के राजकुमार और वायनाड  के सांसद राहुल गांधी की जीवनी

कांग्रेस पार्टी के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से वर्तमान सांसद राहुल गांधी अपने हास्यपद स्पीच के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने एक अच्छे और हास्य नेता के रूप में पहचान बनाई है, और अपने बेबाक बोल के लिए लोग उन्हें खूब प्यार और स्नेह देते हैं। ऐसे में आज हम आपको राहुल गांधी की जीवनी बताने जा रहे हैं। आइए जानते हैं।

 

 

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 राहुल गांधी का जन्म 19 जून 1970 को नई दिल्ली में हुआ था। उनके पिता का नाम देश के पूर्व प्रधानमंत्री दिवंगत राजीव गांधी है और माता का नाम सोनिया गांधी है जोकि वर्तमान में कांग्रेस की राष्ट्रिय कार्यकारणी इकाई की अध्यक्षा हैं। राहुल गांधी की बहन प्रियंका गांधी वाड्रा है।

 



राहुल गांधी ने अपनी प्रारंभिक पढ़ाई सेंट कोलंबस स्कूल, दिल्ली और द दून स्कूल, देहरादून से की है। इसके बाद उन्होंने माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा सेंट स्टीफन कॉलेज, दिल्ली और द हावर्ड यूनिवर्सिटी से पूरी की है और एम.फिल ट्रिनिटी कॉलेज, कैंब्रिज से पूरी की है।

 

 

इसके बाद उन्होंने अपने पिता की तरफ राजनीति को अपना करियर नहीं चुना, और लंदन में मॉनिटर ग्रुप नामक कंपनी में काम किया। इसके बाद 2002 में ये मुंबई बेस्ड टेक्नोलॉजी आउटसोर्सिंग कंपनी में कंपनी हेड के रूप में काम किया।

 


राजनितिक करियर

 


राहुल गांधी ने अपने राजनितिक करियर की शुरुआत  2004 में की। जब उन्होंने उत्तर प्रदेश के अमेठी से लोकसभा चुनाव लड़ा। इस चुनाव में राहुल गांधी ने जीत हासिल की। इसके बाद उन्होंने  2007 में उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में पार्टी के लिए प्रचार प्रसार किया। उस समय लाखों की संख्या में युवा कांग्रेस पार्टी में शामिल होकर राहुल गांधी के मान सम्मान को बढ़ाया। इसके बाद 2009 के लोकसभा चुनाव में राहुल गांधी फिर से अमेठी संसदीय क्षेत्र से चुनाव लड़ा और चुनाव में भी उन्हें जीत हासिल हुई।

 


 इसके बाद राहुल गांधी लाइम लाइट में आये और किसानों के हक के लिए उत्तर प्रदेश में कई रैलियां की। इस दरम्यां उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। इसके एक वर्ष 2012 में उन्होंने उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में 200 रेलिया आयोजित की और पार्टी को इससे फायदा मिला।

 

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जब पार्टी को विधान सभा चुनाव में 28 सीटे मिली। इसके एक वर्ष बाद 19 जनवरी 2013 को पार्टी ने सर्व सम्मति से राहुल गांधी को पार्टी का उपाध्यक्ष चुना।

 

 


 इस समय राहुल गांधी का जलवा सर चढ़कर बोल रहा था लेकिन 2014 लोक सभा चुनाव में मोदी के नेतृत्व में बीजेपी ने सभी पार्टियों की राजनीति पर ताला लगा दिया और मोदी लहर में राहुल गांधी भी बह गए।

 

 

 

इस चुनाव में कांग्रेस की करारी शिकस्त हुई और फिर अगले चुनाव में भी कांग्रेस को राहुल गांधी के नेतृत्व में करारी हार मिली। 2019 लोक सभा चुनाव में केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अमेठी सीट से राहुल गांधी को हराकर इतिहास रच दिया। फ़िलहाल राहुल गांधी वायनाड से सांसद हैं।

 

 

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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