जानें प्रतिभा के धनी महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और ईमानदार नेता देवेंद्र फडणवीस की जीवनी


जानें प्रतिभा के धनी महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और ईमानदार नेता देवेंद्र फडणवीस की जीवनी

महाराष्ट्र के पूर्व सीएम और आरएसएस नेता देवेंद्र फडणवीस अपनी ईमानदारी और कार्य कुशलता के देश विदेश में जाने जाते हैं। उनकी ईमानदारी के चर्चे न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में होती है। उन्होंने अपने कार्यकाल में कई ऐसे सराहनीय योजनाओं को लागू किया। जिससे महाराष्ट्र की जनता को नई ज़िंदगी मिली है। आज हम आपको देश के बड़े नेताओं में गिनती होने वाले राजनेता देवेंद्र फडणवीस की जीवनी बताने जा रहे हैं।

 

देवेंद्र फडणवीस का जन्म 22 जुलाई 1970 को नागपुर, महाराष्ट्र में हुआ था। इनके पिता का नाम स्वर्गीय गंगाधरराव फडणवीस था जोकि महाराष्ट्र राजनीति के मंझे एवं सधे हुए राजनेता रहे हैं। इनकी माता का नाम सरिता फडणवीस, भाई का नाम आशीष फडणवीस और पत्नी का नाम अमृता फडणवीस है। फडणवीस ने अपनी प्रारंभिक पढाई नई इंदिरा कान्वेंट बोरी स्कूल, नागपुर और माध्यमिक पढ़ाई सरस्वती विद्यालय स्कूल, नागपुर से पूरी की। जबकि उच्च शिक्षा धर्मपीठ जूनियर कॉलेज, नागपुर, गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, नागपुर से डिप्लोमा मेथड्स और टेक्निक्स ऑफ़ प्रोजेक्ट मैनेजमेंट की। साथ ही दहलेम स्कूल ऑफ़ एजुकेशन, बर्लिन, जर्मनी से पोस्ट ग्रेजुएट बिज़नेस मैनेजमेंट  की पढ़ाई की। 

 

 

राजनितिक करियर - फडणवीस को राजनीति करियर अपने विरासत से मिली। जब फडणवीस कॉलेज की पढ़ाई कर रहे थे। उन्हीं दिनों उन्होंने ABVP ज्वाइन की और अपने पिता के नक्शेकदम पर चलते हुए महाराष्ट्र के सीएम बने। सबसे पहले उन्होंने 1989 में भारतीय जनता युवा मोर्चा के वार्ड प्रेजिडेंट बने। इसके बाद 1990 में उन्हें भारतीय जनता युवा मोर्चा का धारक बनाया गया।

 

इसके दो वर्ष बाद उन्हें 1992 में नागपुर नगरपालिका कारपोरेशन के मेयर बने। इस समय उनकी आयु 22वर्ष थी। इसके दो वर्ष बाद 1994 में वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के राज्य उपाध्यक्ष बनाये गए और फिर से 1997 में नागपुर नगरपालिका कारपोरेशन के मेयर बने। इसके बाद उनकी राजनैतिक कद बढ़ा और पार्टी ने फडणवीस को 1999 में पहली बार विधानसभा का टिकट दी। इस चुनाव में वे भारी मतों से विजयी हुए। इस सीट से उन्होंने लगातार 4 बार चुनाव लड़ा और लगातार 4 बार जीत हासिल की।

 

2014 में महाराष्ट्र विधान सभा चुनाव में बीजेपी को बहुमत मिली तो बीजेपी की राष्ट्रीय इकाई ने देवेंद्र फडणवीस को सीएम के लिए चुना। इस तरह से फणडवीस महाराष्ट्र के 18वें मुख्यमंत्री थे और दूसरे सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने। हालांकि 2019 में शिवसेना की बगावत के कारण फडणवीस फिर से सीएम नहीं बन सके और वर्तमान में प्रतिपक्ष नेता की जिम्मेवारी निभा रहे हैं। इस चुनाव में बीजेपी को फडणवीस के नेतृत्व में सौ से अधिक सीटों पर विजयी हासिल हुई थी।

 

 

महाराष्ट्र, आरएसएस नेता देवेंद्र फडणवीस, देवेंद्र फडणवीस जीवनी, देवेंद्र फडणवीस भाषण, देवेंद्र फडणवीस माहिती

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×