केजरीवाल ने किसी भी वादों को पूरा नहीं किया-कांग्रेस


केजरीवाल ने किसी भी वादों को पूरा नहीं किया-कांग्रेस

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष हारून यूसुफ ने कहा कि केजरीवाल की दिल्ली सरकार का दिल्ली की सड़कों पर 4 से 15 नवम्बर 2019 के बीच ऑड-ईवन योजना लागू करने का फैसला दिल्ली की जनता को प्रभावित करने वाली अन्य समस्याओं से ध्यान आकर्षित करने के लिए एक और हथकंडा है।

 

उन्होंने कहा कि केजरीवाल को लगता है कि वह एक जादूगर की तरह है जो यह भ्रम पैदा करने के लिए अपनी जादू की छड़ी को घुमाते है कि वह ऑड-ईवन स्कीम को वापस लाकर दिल्ली में प्रदूषण और ट्रैफिक की समस्या को दूर कर सकते है, लेकिन वे दिल्ली में प्रदूषण की समस्या पर कोई जवाब नहीं देते है। हारून यूसुफ ने कहा कि सभी जानते हैं कि 2016 में केजरीवाल सरकार द्वारा लागू की गई अंतिम विषम-सम योजना के बाद क्या हुआ था।

 

उन्होंने कहा कि सम-विषम योजना पर विभिन्न मुद्दों पर बहुत चर्चा हुई, लेकिन दिल्ली के लोग जानते हैं कि इसने दिल्ली में प्रदूषण के स्तर को नीचे नहीं लाया जा सका है। यूसुफ ने कहा कि केजरीवाल ने तब कहा था कि दिल्ली में वायु प्रदूषण का मुख्य कारण पड़ोसी राज्यों के खेतों में जल रही पराली है। उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने कई वादे भी किए थे और यहां तक कहा कि वह इस तथ्य से दुखी है कि प्रदूषण छोटे बच्चों के फेफड़ों को प्रभावित कर रहा है। यूसुफ ने पूछा कि केजरीवाल पिछले तीन वर्षों से चुप क्यों है?

 

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हारून यूसुफ ने कहा कि केजरीवाल अखबारों में विज्ञापन देने के लिए कर दाताओं के पैसे का इस्तेमाल कर रहे हैं कि राजधानी में प्रदूषण का स्तर 25 प्रतिशत कम हो गया है, फिर दिल्ली में एक और सम-विषम योजना की क्या आवश्यकता है उन्होंने कहा कि इसका मतलब है कि “आप पार्टी” की सरकार केजरीवाल के व्यक्तिगत प्रचार के लिए जनता के पैसे बर्बाद कर रही है। उ

 

न्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने यह भी वादा किया था कि दिल्ली में 1400 किमी पीडब्ल्यूडी सड़कों को मैकेनिकल स्वीपरों द्वारा साफ किया जाएगा और उस पर पानी छिड़का जाएगा, लेकिन दिल्ली के लोगों को अभी भी मैकेनिकल स्वीपरों से पीडब्लूडी सड़कों को  साफ देखना बाकी है। उन्होंने कहा कि दिल्ली की सड़कें अब गड्ढों से भरी हो गई हैं और ऐसी सड़कों पर मैकेनिकल स्वीपर से भी कोई फर्क नहीं पड़ेगा।

 

यूसुफ ने कहा कि जब से दिल्ली में “आप पार्टी” सत्ता में आई है दिल्ली में कैंसर के मरीजों की संख्या में काफी वृद्धि हुई है और उच्च न्यायालय ने देखा था कि वायु प्रदूषण के उच्च स्तर के कारण दिल्ली एक “गैस चैंबर” बन गया है जो कि ग्रीन कवर में कमी के कारण भी था।

 

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दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कार्यकारी अध्यक्ष राजेश लिलोठिया ने कहा कि ऑड-ईवन स्कीम से दिल्ली में वायु प्रदूषण में कुछ खास फर्क नहीं पड़ने वाला क्योंकि केवल 14 प्रतिशत वायु प्रदूषण वाहन यातायात से होता हैं जबकि 56 प्रतिशत प्रदूषण धूल से। लिलोथिया ने कहा कि दिल्ली सरकार प्रदूषण-रोधी शुल्क के रूप में दिल्ली में प्रवेश करने के लिए प्रति वाहन 700 रुपये से 2500 रुपये एकत्र कर रही है, और इस प्रकार दिल्ली सरकार ने लगभग 1500 करोड़ रुपये से अधिक एकत्र किए हैं।

 

श्री लिलोठिया जी ने केजरीवाल से पूछा कि उस पैसे से केजरीवाल सरकार ने क्या किया? लिलोथिया ने कहा कि जब श्रीमती शीला दिक्षित के नेतृत्व वाली कांग्रेस सरकार थी उस समय राजधानी में हरित आवरण को सुधारने और प्रदूषण को कम करने के लिए एक अभियान “मेरी दिल्ली, हरी भरी दिल्ली” शुरू किया गया था।

 

लेकिन केजरीवाल सरकार के दौरान पिछले साढ़े चार साल में 1,60,000 पेड़ों को काट दिया गया, जिससे दिल्ली को गंभीर वायु प्रदूषण का सामना करना पड़ रहा है। लिलोथिया ने कहा कि प्रदूषण के स्तर को दिल्ली में प्रभावी रूप से केवल हरे आवरण को बढ़ाकर और धूल प्रदूषण के स्तर की जाँच करके ही कम किया जा सकता है।

 

 

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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