जानें झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जीवनी


जानें झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की जीवनी

झारखण्ड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने 29 दिसम्बर 2019 को राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू की उपस्थिति में राज्य के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। इस मौके पर आरजेडी विधायक सत्यानंद भोक्ता और कांग्रेस के विधायक आलमगीर आलम, रामेश्वर उरांव और ने भी शपथ ली। झारखंड मुक्ति मोर्चा के अध्यक्ष हेमंत सोरेन अपनी राजनैतिक पैठ के लिए जाने जाते हैं। इनके पिता शिबू सोरेन भी कुशल राजनेता रहे हैं। आज हम आपको झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन की जीवनी बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं।

 

सीएम हेमंत सोरेन का जन्म 10 अगस्त 1975 को तत्कालीन बिहार राज्य के रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम शिबू सोरेन और माता का नाम रूपी सोरेन था। सोरेन ने अपनी प्रारम्भिक पढ़ाई 1990 में पटना के एमजी हाई स्कूल से पूरी की। इसके बाद उच्च शिक्षा के लिए उन्होंने रांची का रुख किया और रांची के बीआईटी मैकेनिकल इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिसन लिया लेकिन किसी कारण बस सोरेन बीआईटी मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढाई पूरी नहीं कर सके और पढ़ाई बीच में ही छोड़ दी। इसी समय उनकी शादी कल्पना  के साथ हुई। आज उनके परिवार में दो बेटे हैं।

 

 

राजनैतिक करियर :

हेमंत सोरेन ने राजनैतिक करियर 2005 में विधानसभा चुनावों के साथ की। जब उन्होंने दुमका विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा। इस चुनाव में उनके प्रतिद्व्न्दी स्टीफन मरांडी थे और नतीजा स्टीफन मरांडी के पक्ष में रह। इस हार के बाद उन्होंने राजनीति से खुद को दूर कर लिया लेकिन 2009 में बड़े भाई दुर्गा की कडनी खराब से आकस्मिक मौत हो गयी और फिर हेमंत दुर्गा के उतराधिकारी बने।

 

इसके बाद सोरेन 24 जून, 2009 से लेकर 4 जनवरी, 2010 तक राज्य सभा सांसद रहे । इसी वर्ष वह संयुक्त गठबंधन में अर्जुन मुंडा की सरकार में उपमुख्यमंत्री बनाये गये। हालांकि बाद में वह गठबंधन से विमुक्त हो गये और फिर 2013 में राज्य के सबसे कम उम्र के सीएम बनने का गौरव हासिल की। इस पद पर वह दिसंबर 2014 तक रहे लेकिन 2014 में राज्‍य में बीजेपी की जीत हुई और रघुवर दास राज्य के दसवें  सीएम बने। इस समय सोरेन प्रतिपक्ष के नेता बने।

 

रघुवर दास सरकार के पांच साल के कार्यकाल के बाद झारखण्ड में विधान सभा चुनाव हुआ तो इस चुनाव में हेमंत सोरेन की गठबंधन पार्टी को पूर्ण बहुमत हासिल हुई। जिसके बाद उन्होंने राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू को सरकार बनाने का दावा पेश किया। जिसे राज्यपाल ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद 29 दिसम्बर 2019 को हेमन्त सोरेन ने सीएम पद की शपथ ली।

 

 

सीएम हेमंत सोरेन, हेमंत सोरेन राजनैतिक करियर, शिबू सोरेन, रघुवर दास, झारखण्ड मुक्ति मोर्चा अध्यक्ष, हेमंत सोरेन का भाषण, हेमंत सोरेन का ताज़ा खबर, हेमंत सोरेन का समाचार, हेमंत सोरेन कौन है, हेमंत सोरेन चुनाव, JMM, झारखण्ड न्यूज़, झारखण्ड हिंदी समाचार

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×