'भारत में अब सहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं' : शशि थरूर


'भारत में अब सहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं' : शशि थरूर

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता शशि थरूर ने पुणे अंतरराष्ट्रीय साहित महोत्सव में कहा, "देश में अब सहिष्णुता नहीं है"। उन्होंने कहा कि भारत अब एक ऐसा देश बन गया है जहां या तो आप इस तरफ हैं या उस तरफ और इसके बीच सहिष्णुता के लिए कोई जगह नहीं है। इस राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए सत्ताधारी दल के कृत्यों और पसंद को जिम्मेदार ठहराया।

 

ट्रूली योर्स शीर्षक वाले एक सत्र में वाई आई एम ए हिंदू (मैं हिंदू क्यों हूं) पुस्तक के लेखक ने कहा कि कोई हिंदू तरीका नहीं है बल्कि यहां मेरा या उनका हिंदू तरीका है। उन्होंने कहा, 'यहां मेरा हिंदू नजरिया है, वहां हिंदूत्व का उनका नजरिया है और हर किसी का अपना हिंदूवादी तरीका है। यही जादू है क्योंकि हिंदूत्व कोई कठोर तरीका नहीं बताता है।'

 

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थरूर ने कहा, "मैं राम की पूजा कर सकता हूं, मैं हनुमान चालीसा पढ़ता हूं, इसलिए मैं हिंदू हूं लेकिन अचानक अगर कोई कहे कि मैं इनमें से कुछ नहीं करता और इसके बावजूद मैं हिंदू हूं तब वो दोनों सही हैं, और इसे बीजेपी तथा संघ परिवार नहीं समझ पाया है।' उन्होंने कहा, 'मैं मानता हूं कि मेरा एक सच है और आप मानते हैं कि आपके पास सच है... मैं अपने सच का सम्मान करूंगा और कृपया मेरे सच का सम्मान कीजिए... मेरे लिए यह हिंदुत्व की मूल भावना है।"

 

उन्होंने कहा कि सहिष्णुता से भी आगे स्वीकार्यता है। थरूर ने दावा किया कि हिंदुत्व न सिर्फ भारतीय समाज, सभ्यता और संस्कृति का आधार है बल्कि यह भारतीय लोकतंत्र की भी मजबूती है। थरूर ने बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि भारत में राजनीति का ध्रुवीकरण हुआ है और इसके लिए खासतौर पर सत्ताधारी दल के कृत्य और पसंद जिम्मेदार हैं।

 

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मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा


मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा

दिल्ली से मुंबई के बीच काफी तेज़ चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में सफर जल्द ही और छोटा होने वाला है। रेलवे अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को अब और बेहतर कर रहा है। delhi mumbai train

आपको बता दें, रेलवे ने 2023 तक इसके ट्रैवल टाइम को 5 घंटे 45 मिनट कम करने की योजना शुरू कर दी है। फिलहाल, इस सफर में 15 घंटे 45 मिनट लगते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लचर होने के कारण यह ट्रेन अपनी क्षमता के मुताबिक स्पीड नहीं पकड़ पा रही थी।

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हालांकि रेलवे ने 2016-17 में बजट मिशन रफ्तार के नाम से रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बदलने का प्लान भी किया था, लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इस पर ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रूट की क्षमता 20 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। लेकिन हर दिन यह सेक्टर 100 पैसेंजर और 80 गुड्स ट्रेनें हैंडल करता है। delhi mumbai train

बता दें, राजधानी एक्सप्रेस रेक जर्मनी की सुपीरियर लिंक हॉफमन बश टेक्नॉलजी से बने होते हैं और यह 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते है लेकिन इसको सपॉर्ट करने वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं है। जिस कारण यह 87 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलते है।

रेलवे के एक विश्लेषण से पता लगा है कि कुल 60,000 किमी के नेटवर्क में से सिर्फ 0.3 प्रतिशत 160 प्रति घंटा की रफ्तार को झेल सकता है, जबकि 5 प्रतिशत 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार का भार उठा सकता है।

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Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?


Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?

अब नहीं चलेगी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज क्योंकी अगर आपके फेसबुक अकाउंट से फेक न्यूज फैलती है तो इसका जवाब आपको खुद देना होगा. इसके अलावा फेसबुक को आधार से जोड़ना पड़ सकता है. इसका प्रयोग फेसबुक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा.

आपको बतादें कि, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दायर की गई थी जिसपर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में यह मामला मद्रास, बॉम्बे और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है. दूसरी तरफ मीडिया का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, गूगल, ट्विटर, यूट्यूब सहित अन्य को नोटिस जारी किया है. facebook aadhar link

इन्हें 13 सितंबर तक इस मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है. बता दें कि, तमिलनाडु सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फेक न्यूज, अश्लील कंटेट, राष्ट्रविरोधी कंटेट पर लगाम कसने के लिए जरूरी है. फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक किया जाए. ऐसा करने से आरोपियों की पहचान आसानी से हो पाएगी. facebook aadhar link

हालांकि, इसके विरोध में फेसबुक ने कोर्ट से कहा कि ऐसा करने से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा पहुंच सकता है. फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है.

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