लाभ हानि की चिंता छोड़ कर खड़े रहना होगा उद्योग को: अजय बंसल


लाभ हानि की चिंता छोड़ कर खड़े रहना होगा उद्योग को: अजय बंसल

यह सच है कि अभी कई युवा उद्यामियों के लिए परेशानी का सबब लेकर आया है। लेकिन, यकीन मानिए, आने वाला समय आपका है। पूरी दुनिया में युवा भारतीय उद्यमियों ने अपनी रचनात्मकता और लगनशीलता से धाक जमाया है। कारोबारी और समाजसेवी अजय बंसल कहते हैं कि कोरोना काल में भी छोटे स्तर पर जिस प्रकार से कई लोगों ने मास्क, सेनिटाइजर यहां तक कि वेंटिलेटर बनाने में आगे आए, वह इस बात का प्रमाण है कि युवा उद्यमी इस लाॅकडाउन में अपने लिए और समाज के लिए बेहतर सोच रखते हैं। हर परिस्थिति में बेहतर काम करना उनका पुराना शगल रहा है। मैं तो यही कहूंगा कि बनने दे एक किस्सा दिलचस्प नौजवानी, थोड़ा से हौसले से लिख दे नयी कहानी।

 

समाजसेवी अजय बंसल ने कहा कि हमारे उद्योग जगत के लोगों को मोटेतौर पर यह समझना होगा कि लाॅकडाउन के बाद जब वे अपना खाता बही देखेंगे, काम को पटरी पर लाने के लिए नए सिरे से मेहनत करेंगे, तो उन्हें लाभ हानि का हिसाब किताब छोडना होगा। साल 2020 लाभ हानि का नहीं है। इस साल तो स्वयं को अपने व्यापार में खडे रखने का है। बाजार में बने रहने के लिए अतिरिक्त मेहनत करनी होगी। कम लागत, अधिक मेहनत के साथ टिके रहना होगा। यही समय की मांग है।

 

लॉकडाउन के बाद असली समस्या खड़ी होने वाली है। पहले से तैयार माल गोदामों में पड़ा है। अब अगला ऑर्डर तैयार करना मुश्किल होगा, क्योंकि उद्योगों में काम नहीं होने के बावजूद श्रमिकों को वेतन दिया गया है। श्रमिक महानगरों को छोड कर जा चुके हैं। वहीं जो उद्योग पहले से ही लोन या कर्ज पर संचालित हैं। उनका ब्याज के साथ ही बिजली, लेबर आदि खर्च भी जारी है। यह सच है कि लॉकडाउन के कारण लघु उद्योग मरणासन्न स्थिति में पहुंच गए हैं। ऐसे में अगर सरकारी मदद नहीं मिली तो कारोबार कर पाना बेहद मुश्किल है। कुछ लोग आपसी मदद के सहारे भी कारोबार शुरू करेंगे।

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×