बच्चों एवं माताओं को लू के प्रकोप से बचाने के लिए आईसीडीएस करेगा सहयोग


बच्चों एवं माताओं को लू के प्रकोप से बचाने के लिए आईसीडीएस करेगा सहयोग

• तीन स्तर पर लू प्रबंधन के लिए दिए गए निर्देश 

• कोविड-19 प्रोटोकॉल का अनुपालन करते हुए किया जाएगा बचाव कार्य 

• होम क्वारंटाइन में रह रहे लोगों को भी किया जाएगा जागरूक 

 

भागलपुर/ 29 मई: 

गर्मी के महीनों की शुरुआत होते ही हीट स्ट्रोक यानी लू का खतरा बढ़ गया है. कोरोना के बढ़ते संक्रमण ने भी स्वास्थ्य चुनौतियाँ बढ़ा रखी है. ऐसे दौर में लोगों के लिए कोरोना संक्रमण के साथ लू से खुद को सुरक्षित रखने के लिए अधिक सतर्क होने की जरूरत है. इस दिशा में आईसीडीएस के निदेशक आलोक कुमार ने सभी जिला कार्यक्रम पदाधिकारी एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को पत्र लिखकर 6 साल से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती माताओं एवं धात्री माताओं को लू के प्रकोप से बचाने के संबंध में विस्तार से दिशानिर्देश दिया है. पत्र में बताया गया है कि पिछले वर्ष में अनियमित वर्षा के कारण राज्य के अधिकांश जिलों के प्रखंडों में सुखाड़ की स्थिति रही है. जिससे इस साल अधिक नमी की संभावना होगी एवं परिणाम स्वरुप गर्म हवाओं/ लू चलने की संभावना अधिक होगी. लू से सतर्क रहने की जरूरत तो सभी को है, लेकिन विशेषकर 6 साल से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती एवं धात्री माताओं को इससे अधिक खतरा है. इसलिए इन्हें सुरक्षित रखने के लिए परिवार, आंगनबाड़ी केंद्र एवं प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई करने की आवश्यकता है. साथ ही लू से बचाव के लिए की जाने वाली कार्रवाई के दौरान कोविड-19 के प्रोटोकॉल के पालन करने के भी निर्देश दिए गए हैं. 

 

 

परिवार स्तर पर लोगों को सचेत रहने की है जरूरत:

 

 

पत्र में बताया गया है कि लू से बच्चों को बचाने में परिवार के लोग महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर अकते हैं. इसके लिए बच्चों को घर से बाहर निकलने न दें. यदि अति आवश्यक कार्य हो तो बच्चों के मुँह एवं नाक को ठीक प्रकार से मास्क, रुमाल या छोटे गमछे से लपेट कर घर के बड़े लोगों की निगरानी में ही निकलने दें. बच्चों को थोड़े-थोड़े अंतराल पर पानी देते रहें. यथासंभव हो सके तो पानी में ग्लूकोज मिलाकर बच्चों के दें. बच्चों को हल्का भोजन दें. दिन में थोड़े-थोड़े कई बार खाना दें एवं ध्यान रखें कि खाना ताजा हो. लू लग जाने से तौलिया/ गमछा ठन्डे पानी में भिगों कर शरीर को बार-बार पोछें एवं आम का पन्ना, सत्तू का घोल एवं नारियल का पानी दें. ओआरएस का घोल एवं ग्लूकोज का नियमित सेवन करने से लू में बचाव होता है. यदि घर में ओआरएस का घोल नहीं हो तो इसके विकल्प के रूप में नामक एवं चीनी का घोल बनाकर लू/ डायरिया पीड़ित को दें.  

 

आंगनबाड़ी केन्द्रों पर मिलेगी बचाव की जानकारी: 

 

 

पत्र में बताया गया है कि टेकहोम राशन के लिए जब भी महिलाएं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर महिलाएं आये तो सेविका उन्हें लू से बचाव की जानकारी दें. साथ ही गृह भ्रमण के दौरान भी गर्भवती एवं धात्री माताएं को खुद से लू बचने के सलाह दें. साथ ही वे घर पर अपने बच्चों का कैसे बेहतर ध्यान रखकर उन्हें लू से बचा सकती है, इसकी भी जानकारी दें. महिला पर्यवेक्षिकाओं एवं आंगनबाड़ी सेविका द्वारा लू लगने के लक्षण, उसके कुप्रभाव एवं प्राथमिक उपचार के विषय में लोगों को जानकारी देते समय कोविड-19 प्रोटोकॉल के पालन करने की बात कही गयी है. यह बताया गया है कि जानकारी देते समय सामाजिक दूरी का ख्याल रखें या मोबाइल से जानकारी दें. 

 

प्रशासन के स्तर पर भी लू से बचाव को लेकर होगी कार्रवाई:

 

 

लू पीड़ितों को समुचित स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराने के लिए जिले के स्वास्थ्य विभाग से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि प्राथमिकता के आधार पर प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, अनुमंडलीय अस्पतालों में जरुरत के हिसाब से पीड़ित को भर्ती कराया जा सके. राज्य में आये जिन प्रवासियों को होम क्वारंटाइन किया गया है, उन्हें भी लू के विषय में जागरूक करने की बात कही गयी है. साथ ही राज्य के सभी आंगनबाड़ी केन्द्रों में पर्याप्त मात्रा में ओआरएस पाउडर की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं.

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बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय


बालों का झड़ना और डैंड्रफ के घरेलु उपाय

दोस्तों आज जो नुस्खा मैं आपके लिए लेकर आया हूँ वो है बालों का झड़ना, बालों में डैंड्रफ, रूखापन और असमय सफ़ेद होने जैसे समस्या के उपाय के सम्बन्ध में।

सबसे पहले हमें चाहिए : 

  • 2 चम्मच दही
  • 1 चम्मच निम्बू का रस
  • 1 मुठ्ठी करी पत्ता
  • 1 मुठ्ठी भृंगराज के पत्ते

अब क्या करें की करी पत्ता और भृंग राज के पत्ते को कूट पिस कर बारीक़ पाउडर बना लें फिर इसमें दही और निम्बू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें।

अब आप इसे अपने बालों में अच्छे तरह से लगा कर 25 – 30 मिनट छोड़ दें।

 

 

फिर सैम्पू से बाल धो कर नाहा लें। इस विधि को वीक में एक बार लगातार करने से आपके बालों की सभी समस्याएँ जैसे बालों में रुसी, डैंड्रफ, बालों का रूखापन, बाल झाड़ना, असमय सफ़ेद होना आदि ख़त्म हो जाते हैं।

 

दोस्तों ये घरेलु उपाय है जिसका कोई साइड इफेक्ट नहीं होता है इसलिए आप इसे बिना किसी संकोच के इस्तेमाल कर सकते हैं। क्योंकि पुराने ज़माने के लोग इन्हीं विधियों का यूज करते थे और उनका बाल 50 साल तक सफ़ेद नहीं होता था। दोस्तों उपरोक्त औषधियों में पाए जाने वाले तत्व से हमारे बाल न केवल मजबूत होते हैं बल्कि बालों में चमक सायनिंग भी आता है।

 

तो दोस्तों ये था हमारा आज का बालों से सम्बंधित स्पेशल रेमेडी और ये उपाय आपको कैसा लगा आप हमें कमेन्ट करके जरुर बताएं और अगर अच्छा लगा हो तो ज्यादा से ज्यादा लाइक करें शेयर करें और हमारे चैनल को सब्सक्राइब कर लें व घंटी को दबा कर आल पर क्लिक कर दें।

 

दोस्तों मैं हमेशा के तरह यही चाहता हूँ की आप सभी स्वस्थ्य रहें सुखी रहें और आपको डॉक्टर के पास न जाना परे इसी शुभकामनाओं के साथ नमस्कार धन्यवाद।

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जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips


जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान | Healthy Life Tips

घरेलु नुस्खा चैनल में आप सभी का एकबार फिर से स्वागत है. दोस्तों आज जिस टॉपिक पर मैं बात करने वाला हूँ वो है खड़े हो कर खाना खाने के नुक्सान। जी हाँ दोस्तों आज कल ये चलन हो गया है. वेस्टर्न लिफ़ स्टाइल के कारन लोग पार्टी में खड़े होकर खाना खाना स्टैण्डर्ड समझते हैं. और नीचे ज़मीं पर बैठ कर खाना खाने वालों को लोग गवार समझते हैं.

 

लेकिन अब ये एक रिसर्च में ये साफ़ हो गया है और वैज्ञानिकों ने भी ये मान लिया है के खड़े होकर खाना खाने से बहुत सारे नुक्सान होते हैं. खड़े होकर खाने से आपका पाचन तंत्र ख़राब होने लगता है और इतना ही नहीं, आपको खाने में स्वाद भी नहीं मिलता है. और जब आपको खाने में स्वाद नहीं लगेगा तो आपका खाने से भी मन उठता चला जायेगा.

 

जिससे आपके लिवर पर भी असर हो सकता है और आपका हॉर्मोन सिस्टम भी कमजोर हो सकता है, साथ ही आपके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी कम हो सकता है. जी हाँ दोस्तों, जैसे हमारे पूर्वज पालथी मार कर खाना खाया करते थे, अगर आप भी वही तरीका अपनाएं तो न केवल आपके शरीर में खाना लगता है बल्कि आपको भोजन करने में भी रूचि बनी रहती है. रुखा सूखा खाना भीं आपको स्वादिष्ट लगने लगता है.

 

पूरी रिसर्च पढ़ें: जाने खड़े होकर खाना खाने के नुकसान

 

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