कोविड-19 संचार में चुनौतियां व निराकरण पर कार्यशाला में स्वास्थ्य सचिव ने दिए टिप्स


  कोविड-19 संचार में चुनौतियां व निराकरण पर कार्यशाला में स्वास्थ्य सचिव ने दिए टिप्स

 

महोबा-

कोविड-19 के दौर में ‘संचार में चुनौतियाँ एवं उसके निराकरण विषय’ पर एक वर्चुअल कार्यशाला आयोजित की गयी। कार्यशाला को सम्बोंधित करते हुए स्वास्थ्य सचिव श्रीमती वी हिकाली झिमोमी ने कहा कि कोविड-19 के दौरान सभी व्यक्तिगत सुरक्षा को ध्यान में रखते हुये कार्य करें। उन्होंने कहा कि यह एक कठिन दौर है जिसको सभी मिलकर ही पार कर सकते हंै।

 

उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई (यूपीटीएसयू), यूनीसेफ और सेंटर फार एडवोकेसी एण्ड  रिसर्च (सीफॉर) के सहयोग से स्वास्थ्य विभाग के द्वारा आयोजित इस कार्यशाला में जूम एप के जरिए प्रभारी जिला स्वास्थ्य शिक्षा एवं सूचना अधिकारी और सभी ब्लाकों के ब्लाक स्वास्थ्य शिक्षाधिकारियों ने प्रतिभाग किया। स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि बाहर से आने वाले प्रवासियों को हर तरह की मदद दें। अगर कोई बाहर से आया है तो उसके साथ तमाम परेशानियां हैं। उन परेशानियों पर भी ध्यान देने की जरुरत है।

 

कार्यशाला में संचार की महत्वता को समझाते हुये यूनिसेफ से गीताली त्रिवेदी ने बताया कि इस समय ऐसे संदेशों को ज्यादा से ज्यादा प्रसारित करना चाहिए जो देश हित में हैं। मीडिया में छा रहे कोरोना योद्धा के बारें में बताते हुये उन्होंने कहा कि आज के समय में वह हर एक व्यक्ति कोरोना योद्धा है जो कोविड-19 से बचाव के तरीकों को गंभीरता से निभाता है, हम ऐसे हर एक व्यक्ति पर स्टोरी कर सकते है।

 

यूपीटीएसयू से डॉ. शालिनी रमन ने दोबारा शुरू हुई आरएमएनसीएच की सेवाओं को चालू करने में क्या सावधानियां रखे इस पर चर्चा की। सीफॉर की नेशनल प्रोग्राम लीड रंजना द्विवेदी ने बताया कोविड-19 के दौरान कैसे संवेदनशील भाषा और व्यवहार पर ध्यान दे और  किन मुद्दों को मीडिया साझा करे इस पर बात के साथ ही पिछले 6 माह के मीडिया ट्रेंड के बारें में बताया। इसके अलावा टीएसयू के राजेश प्रजापति, पनवाड़ी बीपीएम वसीम बेग, बीसीपीएम सरिता गुप्ता, राम कुमार ने आनलाइन प्रशिक्षण प्राप्त किया।

 

होम क्वारंटाइन पर विशेष ध्यान की जरुरत

 

प्रशिक्षणकर्ता निर्मल ने बताया कि होम क्वारंटाइन पर विशेष ध्यान देने की जरुरत है। अगर कोई भी व्यक्ति होम क्वारंटाइन छोड़कर कहीं बाहर निकलता है तो उसको समझाएं। नहीं समझता है तो अन्य जरुरी कार्यवाही करें। इसमें निगरानी समिति अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते है।

 

क्या कहते हैं कार्यशाला के प्रतिभागी

 

कार्यशाला में प्रतिभाग करने वाले प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी एवं जैतपुर ब्लाक के एचईओ शिवकुमार ने बताया कि कार्यशाला में विशेषज्ञों के द्वारा जो जानकारियां दी गई हैं वह काफी महत्वपूर्ण हैं। इन्हें जमीनी स्तर पर उतारने का प्रयास किया जाएगा। पनवाड़ी के प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी परमानंद बताते हैं कि प्रशिक्षण में प्रवासी मजदूरों पर निगरानी करने के लिए बनाई गयी निगरानी समिति को किस तरह से कार्य करना है इसके बारें में महत्वपूर्ण जानकारी दी गयी है।

 

चरखारी बीपीएम एवं प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी ने बताया कि इस प्रशिक्षण से कोरोना पर लोगों को जागरूक करने पर काफी मदद मिलेगी। कबरई ब्लाक में प्रभारी स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी महरूननिशां का कहना है कि प्रशिक्षण मिली जानकारियों व वह अपने क्षेत्र की आशाओं को साझा करेंगी। ताकि समुदाय में लोगों को जागरूक कर कोविड-19 पर जीत हासिल की जा सके।

 

- पुष्पेंद्र तिवारी

 

 

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इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

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22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

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दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

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