घरों की बिक्री घटी, सरकार के पैकेज का नहीं हुआ कोई फायदा


घरों की बिक्री घटी, सरकार के पैकेज का नहीं हुआ कोई फायदा

रियल एस्टेट अभी भी मंदी के मार से उबरा नहीं है। मकानों की बिक्री में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। जुलाई-सितंबर में जो आंकड़े आए हैं उससे तो यही लग रहा है कि अभी कुछ दिन और सब्र करने की जरूरत है। खास बात यह है कि केंद्र सरकार लगातार पैकेज की घोषणा रियल एस्टेट सेक्टर में की है। लेकिन इसका कोई ज्यादा लाभ नहीं मिल पाया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अभी श्राद्ध पक्ष होने के कारण ऐसा हुआ है। बिक्री का समय अभी आ गया है।

 

गौरतलब है कि अभी देश के सात शहरों में जुलाई-सितंबर तिमाही के दौरान मकानों की बिक्री में गिरावट देखी गई है यह 18 फीसदी तक नीचे रही। कहा जा रहा है कि निवेश अभी भी रियल एस्टेट में निवेश करने में सतर्कता बरत रहे हैं। दिल्ली-एनसीआर, मुंबई महानगर क्षेत्र, कोलकाता, चेन्नई, बेंगलूरू, पुणे और हैदराबाद- इन प्रमुख शहरों में पिछले साल इसी अवधि में 67,140 मकान बिके थे। बेंगलूरू में गिरावट 35 प्रतिशत तक रही। 2019 की तीसरी तिमाही में करीब 55,080 इकाइयों की बिक्री हुई। यह 2019 की दूसरी तिमाही से 20 प्रतिशत और एक साल पहले की तीसरी तिमाही से 18 प्रतिशत कम है।

 

यह भी पढ़ें: मिनटों में हो जायेगे इतने गोरे की चाँद भी सुन्दरता देख शरमा जायेगा

 

हालांकि, ऐसा माना जा रहा है कि सरकार की ओर से किए गए उपायों से त्योहारी सीजन और उसके आगे आने वाली तिमाहियों में मकानों की मांग बढ़ेगी। हाल में की गई कॉरपोरेट कर में कटौती से घरेलू एवं विदेशी निवेशकों दोनों से निवेश आएगा। बेंगलूरू में, मकान बिक्री में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। यहां आवास बिक्री 35 प्रतिशत गिरकर 10,500 इकाइयों पर रही। इसके बाद हैदराबाद में बिक्री 32 प्रतिशत घटकर 3,280 इकाई रही।

 

कोलकाता में मकानों की बिक्री 27 प्रतिशत कम होकर 3,120 इकाइयों जबकि दिल्ली-एनसीआर में मांग 13 प्रतिशत घटकर 9,830 इकाइयों पर रह गई। इस साल जुलाई-सितंबर अवधि में चेन्नई में बिक्री 11 प्रतिशत गिरकर 2,620 इकाइयों, पुणे में 8 प्रतिशत गिरकर 8,550 इकाइयों और मुंबई महानगर क्षेत्र में मकान बिक्री 6 प्रतिशत गिरकर 17,180 इकाइयों पर रही।

 

शीर्ष सात शहरों में नहीं बिके मकानों की संख्या 6.56 लाख इकाइयों पर रही। यह जून तिमाही के अंत में 6.66 लाख इकाइयों से थोड़ा कम है। बहरहाल अब देखना है कि सरकार ने जो उपाय किए हैं उसका कितना फायदा रियल एस्टेट सेक्टर को मिलता है। बाजार को देखते हुए तो यही लग रहा है कि अभी कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। क्योंकि खरीदार लगातार सतर्कता बरत रहे हैं जिसका असर अर्थव्यवस्था पर सीधे तौर पर पड़ रहा है।

 

यह भी पढ़ें: आज बाजार में भारी गिरावट के साथ निवेशकों के डूबे 1.30 करोड़

 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

शेयर बाजार में भारी गिरावट से कारोबारी मायूस


शेयर बाजार में भारी गिरावट से कारोबारी मायूस

शेयर बाजार में भारी गिरावट से मायूस हुए देश भर में छोटे, मझले और बड़े कारोबारी. आज भारतीय शेयर बाजार में काफी कमजोरी देखी गई. शुरुआती कारोबार के दौरान सेंसेक्स 90 अंक से टूटा और निफ्टी भी सपाट खुलने के बाद फिसल गया. 

 

\"\"

आज सुबह 9.39 बजे सेंसेक्स पिछले सत्र से 68.36 अंकों यानी 0.18 फीसदी की कमजोरी के साथ 37,259.65 पर कारोबार कर रहा जबकि निफ्टी 34.20 अंक यानी 0.31 फीसदी फिसलकर 10,982.80 पर कारोबार कर रहा था. 

 

इसके साथ BSE के 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र के मुकाबले मामूली कमजोरी के साथ 37,298.73 पर खुला और 37,346.05 तक उछला. मगर, सुस्त कारोबारी रुझान के कारण सेंसेक्स करीब 90 अंक पिसलकर 37,237.47 पर आ गया.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

देश भर में 1 वर्ष में बंद किए गए 5500 ATM और 600 ब्रांच : RBI


देश भर में 1 वर्ष में बंद किए गए 5500 ATM और 600 ब्रांच : RBI

देश में मौजूद सरकारी बैंक बड़े-बड़े शहरों में अपने ATM और ब्रांच को बंद कर रहें हैं. इसकी वजह यह बताई जा रही है कि शहर में रहने वाले लोग इंटरनेट बैंकिंग पर बहुत ज्यादा जोर दे रहें शिफ्ट हो गए हैं, जिसकी वजह से सरकारी बैंकों का ऐसा मानना है कि ब्रांच और ATM जैसे फिजिकल इंफ्रास्ट्रक्चर को कम किया जा सकता है. बता दें कि, पिछले 1 वर्ष में देश के 10 सरकारी बैंक ने कुल मिलाकर 5,500 ATM और 600 ब्रांच बंद किए हैं.

 

P चिदंबरम CBI की हिरासत में, जानिए आज क्या होगी चिदंबरम से पूछ ताछ

 

बताया जा रहा है कि, देश के सबसे बड़े बैंक SBI ने जून 2018 से 2019 के बीच 420 ब्रांच और 768 ATM बंद किए हैं. वहीं विजया और देना बैंक को मिलाने के बाद बैंक ऑफ बड़ौदा ने कुल40 ब्रांच और 274 ATM पर इस बीच शटर गिराया है. इस लिस्ट में पंजाब नैशनल बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया,  केनरा बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, इंडियन ओवरसीज बैंक, यूनियन बैंक और इलाहाबाद बैंक भी शामिल हैं.

 

गौरतलब है कि, जहां एक तरफ सरकारी बैंक खर्च घटाने के लिए नेटवर्क में कटौती कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ प्राइवेट सेक्टर के एक्सिस बैंक, HDFC बैंक और ICICI बैंक ने अपने बैंकिंग नेटवर्क का विस्तार किया है. RBI के आंकड़ों से पता चलता है कि इन बैंकों ने खासतौर पर शहरी क्षेत्रों में अपने ATM लगाए हैं.

 

मंद बुद्धि बच्चों का मेमोरी पॉवर बढ़ने एवं बैक पैन, जॉइंट पैन, के चमत्कारी उपाय।

 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×