CAA पर बोलीं मीनाक्षी लेखी, 'सरकार ने कुछ भी गलत नहीं किया'


CAA पर बोलीं मीनाक्षी लेखी, 'सरकार ने कुछ भी गलत नहीं किया'

राष्ट्रीय प्रवक्ता और नई दिल्ली से सांसद श्रीमती मीनाक्षी लेखी ने आज सिरी फोर्ट ऑडिटोरियम में एक जनसभा को संबोधित किया जिसमें 3 हजार से अधिक लोग नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में एकत्रित हुए थे। नई दिल्ली जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा, करोल बाग जिलाध्यक्ष भारत भूषण मदान इस कार्यक्रम में अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए। नागरिकता संशोधन कानून के मुख्य बिंदुओं को दर्शाने वाला एक वीडियो भी इस कार्यक्रम में दिखाया गया।

 

श्रीमती लेखी ने नागरिकता संशोधन कानून के समर्थन में आयोजित कार्यक्रम में आनेवालों का स्वागत किया और कहा कि सबसे पहले मैं आपको यह बताना चाहूंगी कि न्यायालय ने आज निर्भया मामले में डेथ वारंट जारी कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी सरकार ने इस मामले में भी देरी करने की कोशिश की और हैदराबाद में हुई घटना के बाद ही उन्हें यह अहसास हुआ कि इसमें विलंब होने से दिल्ली सरकार पर सवाल उठेंगे।

 

 

नागरिकता संशोधन कानून पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि हमें यह समझना होगा कि यह कानून क्या है और कुछ लोग दुर्भावनावश जानबूझ कर अपने राजनीतिक फायदे के लिए लोगों के गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या केवल 3 प्रतिशत रह गई है जबकि पहले 23 प्रतिशत थी। भारत में अल्पसंख्यकों की जनसंख्या आजादी के बाद बढ़ी है फिर भी कुछ लोग हमारे खिलाफ सवाल उठाते हैं, पाकिस्तान के खिलाफ नहीं।

 

इस कानून का भारतीय नागरिकों से कोई संबंध नहीं है और इसको लेकर समाज को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। श्रीमती लेखी ने नागरिकता संशोधन कानून का विरोध करनेवाले विपक्षी दलों की आलोचना करते हुए कहा कि यह अत्यंत दुखद है कि जो लोग भारत में 28 से 30 सालों से रह रहे हैं, वे अपने बच्चों का दाखिला स्कूलों में नहीं करवा सकते, घर नहीं खरीद सकते क्योंकि उन्हें नागरिकता नहीं मिली है। हमारे विरोधी दल वोट बैंक की राजनीति करने के अलावा कुछ नहीं कर सकते हैं। 

 

 

लेखी ने विस्तार से चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ने कुछ भी गलत नहीं किया क्योंकि इस कानून में पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है। हमें अफवाहों में विश्वास नहीं करना चाहिए और देश में शांति भंग नहीं होने देनी चाहिए। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन लोगों द्वारा भारत के छवि को धूमिल करने की कोशिश की जा रही है जो स्वंय भ्रष्टाचार में लिप्त हैं। उन्होंने बताया कि आज भी कोई बाहरी व्यक्ति नैचुरलाइजेशन की प्रक्रिया के माध्यम से भारत की नागरिकता प्राप्त कर सकता है।

 

31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में रह रहे इन अल्पसंख्यकों जिनके विरुद्ध अत्याचार हुआ है अब नागरिकता संशोधन कानून के माध्यम से नागरिकता प्राप्त कर सकेंगे। उन्होंने अपील की कि लोग नागरिकता संशोधन कानून के इस तथ्य को बताने के लिए लोगों के बीच जाएं और इस संबंध में विपक्षियों द्वारा फैलाई जा रही भ्रांतियों तो दूर करे। श्रीमती लेखी ने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत प्रगति कर रहा है और हम सबका साथ, सबका विकास के मंत्र के द्वारा सबकी उन्नति के लिए कार्य करते रहेंगे।

 

 

मीनाक्षी लेखी, सीएए समर्थन, भाजपा दि्ल्ली, सीएए अभियान, नरेंद्र मोदी, नागरिकता संशोधन कानून, CAA

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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