घबराएं नहीं, सिर्फ जूते से नहीं फैलता है कोरोना


घबराएं नहीं, सिर्फ जूते से नहीं फैलता है कोरोना

कोरोना वायरस की चपेट में पूरी दुनिया आ गई है। इस वजह से लोग काफी सतर्क हैं। हालांकि इस सतर्कता के बीच कुछ भ्रांतियां भी लोगों के मन में घर कर गई है। इसी में से एक है जूते से कोरोनावायरस का संक्रमण होना। फेसबुक, ट्विटर समेत तमाम सोशल साइट्स पर इस तरह की अफवाह फैल रही है।

 

कहा जा रहा है कि कई लोग जूते की वजह से कोरोना की चपेट में आ गए हैं। एक ही जूते पहनने के कारण लोग बेडरूम में भी उसी का इस्तेमाल करते हैं, जो बाहर पहनते हैं। इसी के चलते घर के अन्य सदस्यों के संक्रमित होने का खतरा रहता है। हालांकि डॉक्टर इसे सही नहीं बता रहे हैं। उनका कहना है कि जूता कारण हो सकता है, लेकिन सिर्फ जूते से वायरस फैलता है यह कहना सही नहीं होगा।

 

कोरोना के संक्रमण का जरिया हो सकता है जूता: 

निजी चिकित्सक डॉ. विनय कुमार झा कहते हैं जूते कोरोनावायरस को लाने में जरिये हो सकते हैं, लेकिन यह संक्रमण का प्राथमिक कारण नहीं है। जूते भी शर्ट, ट्राउजर की तरह हैं जो बाहर से घर में वायरस ला सकते हैं, लेकिन कोरोना वायरस के संक्रमण का यह सीधा कारक नहीं है।

 

दरअसल, कोरोनावायरस सांस से संबंधित बीमारी है जो त्वचा के जरिये ट्रांसमिट नहीं हो सकती। सतर्कता बरतने की सलाह देते हुए वे कहते हैं घर में घुसने से पहले जूतों को बाहर उतारना चाहिए और साफ करना चाहिए। यह ध्यान रखें कि उन्हें घर या अपार्टमेंट के बाहर ही साफ किया जाए और सूखने दिया जाए। इससे वायरस के संक्रमण का खतरा कम होगा। 

 

हाथों से चेहरे को टच नहीं करना सबसे अच्छा बचाव: 

डॉक्टर कहते हैं घर आने के बाद जूतों और कपड़ों को निकालकर उन्हें धोएं और फिर तुरंत नहा भी लें, इससे संक्रमण का खतरा कम होता है। साबुन से हाथों को बार-बार धोना फिर हैंड सैनिटाइजर से साफ करना और हाथों को चेहरे पर टच न करना कोरोना वायरस से बचने का सबसे अच्छा तरीका है। 

 

बरतें ये सावधानी : 

• घर में अंदर जाने से पहले जूते बाहर ही निकालें। 

• पानी और साबुन से जूतों को अच्छी तरह से साफ करें। 

• जिन जूतों को मशीन में धोया जा सकता हो, उन्हें वॉशिंग मशीन में साफ करें। 

• लेदर के जूते जो धोए नहीं जा सकते, उन्हें क्लीनर से अच्छी तरह से साफ कर संक्रमण से मुक्त करें। 

• घर के अंदर के फुटवियर अंदर ही इस्तेमाल करें और बाहर वाले बाहर इस्तेमाल करें। बाहर के फुटवियर को अंदन न लाएं।

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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