जेनयू मारपीट मामले में दिग्विजय सिंह ने की अमित शाह की आलोचना कहा-नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दें


जेनयू मारपीट मामले में दिग्विजय सिंह ने की अमित शाह की आलोचना कहा-नहीं संभाल सकते तो इस्तीफा दें

जेएनयू में छात्रों के बीच हुई मारपीट ने अब राजनैतिक रूप ले लिया है। एक तरफ जहां विपक्षी पार्टियां इस हमले के लिए बीजेपी और बीजेपी समर्थित अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् को जिम्मेवार ठहरा रही है। कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने बीजेपी और सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि मोदी जी और अमित शाह जी की आख़िर देश के युवाओं और छात्रों से क्या दुश्मनी है? कभी फ़ीस वृधि के नाम पर युवाओं की पिटाई, कभी सविंधान पर हमले का विरोध हो तो छात्रों की पिटाई। आज जवाहर लाल नेहरू में हिंसा का नंगा नाच हो रहा है और वो भी सरकारी संरक्षण में!

 

इसके साथ कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने अमित शाह को जेनयू हमले का जिम्मेवार ठहराते हुए उनसे इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर देश संभाल नहीं पा रहे हैं तो आप इस्तीफा दें। कांग्रेस के अन्य नेता मनु सिंघवी ने भी जेनयू हमले के लिए बीजेपी को जिम्मेवार ठहराते हुए कहा कि'बंद करो छात्रों पर यह अत्याचार, जेएनयू में हिंसा बंद करो मोदी सरकार। 'ताकत का नशा अक्ल पे हावी है तुम्हारी, तुम देख न पाओगे जो हम देख रहे हैं।

 

वहीं दूसरी ओर बीजेपी ने विपक्षी पार्टियों के आरोपों का खंडन करते हुए कहा कि इस हमले से बीजेपी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् का कोई लेना देना नहीं है। इस हमले के पीछे लेफ्ट का हाथ है जो जांच के बाद सार्वजनिक हो जाएगी। इस बारे में मोदी सरकार की तरफ से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि जो कोई इस हमले के पीछे है, उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

 

 

गौरतलब है कि दिल्ली पुलिस ने रविवार को हुई हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। इस बारे में पुलिस ने मीडिया से ब्रीफिंग में कहा कि सभी नकाबपोशों की पहचान कर ली गयी है और जल्द ही उनको गिरफ्तार किया जाएगा। पीड़ित छात्रों से भी बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई होगी।

 

अमित शाह ने की एलजी से बात

इस मामले को लेकर गृह मंत्री अमित शाह सोमवार को तड़के दिल्ली के उप राजयपाल अनिल बैजल से बात की और जांच के आदेश दिये। दिल्ली के सीएम केजरीवाल भी सोमवार को तड़के अनिल बैजल से मिले और स्थिति से उन्हें अवगत कराया।

 

घायल छात्रों को मिली छुट्टी

जेनयू में नकाबपोश हमलावरों द्वारा घायल छात्रों 35 छात्रों प्राथमिकी उपचार के बाद एम्स व सफदरजंग से छुट्टी दे दी गयी है। घायलों की हालत अब पहले से बेहतर है।

 

सुरक्षा

रविवार की घटना के बाद डीसीपी देवेंद्र आर्या की अगुवाई में जेनयू परिसर और उसके आस पास सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये गए है और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिस पूरी तरह से मुस्तैद है।

 

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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