सरकार के आदेश के बावजूद भी नहीं मिल रहा है गरीबों के राशन


 

रामपुर-

 

आज हमारे देश में करोना वायरस चीन के बाद और देशों की तरह हमारे भारतवर्ष में भी अपने पाऊं पसारना चालू कर दिया है. वह तो भला हो ऐसे प्रधानमंत्री का जिन्होंने एंड टाइम पर लॉकडाउन करवा कर वायरस को रोकने की कोशिश की है. इस वायरस की वजह से आज पूरा देश का हर गरीब आदमी भूखमरी के कगाल पर पहुंच चुका है.

 

लोगों के पास खाने के लाले पड़े हुए हैं और जाने कितने ही परिवार उनके मासूम बच्चे तो खाने के साथ-साथ दूध तक को तरस रहे प्रधानमंत्री मोदी के ऐलान के बावजूद भी अभी तक लोगों को राशन मुहैया नहीं हुआ है. राशन तो डिपो पर आ तो गया है लेकिन दीपू वाले कहते हैं कि अभी बांटने का आर्डर नहीं आया है.

 

इस बारे में जब यह कोटेदार से पूछा गया तो उन्होंने सीधा जवाब दिया. उन्होंने कहा कि जिस कोटे का प्रधानमंत्री मोदी ने आर्डर दिया है. वह कोटा अभी हमारे पास नहीं आया है. वहीं दूसरी तरफ बिलासपुर गेट पहाड़ी गेट डूंगरपुर में और शाहबाद गेट पर काशीराम कॉलोनी और आसरा कॉलोनी है.

 

जो हमने वहां पर जाकर देखा तो बच्चों को दूध से और बढ़ो को खाने से रोता हुआ देखा सरकार ने हेल्पलाइन के पोस्टर तो जगह-जगह लगा रखे लेकिन जब मालूम किया वहां वालों ने बताया कि जब भी मिलाओ नंबर बिजी आता है. यहां पर प्राइवेट लोग तो लोगों राशन देने की कोशिश कर रहे हैं. लेकिन इतने बड़े शहर में अगर चंद लोग लोगों का पेट भर ना चाहे तो कहां तक भरेंगे हैं.

 

अगर अभी सरकार ने अपना कदम आगे नहीं बढ़ाया आने वाले टाइम में शायद योग बीमारी से कम और भूख से ज्यादा मरेंगे उधर दूसरी तरफ जहां रामपुर में सफाई पर रामपुर के सफाई कर्मचारी जी जान लगाकर सफाई को अंजाम दे रहे तो वहीं दूसरी तरफ आसरा कॉलोनी में गंदगी का अंबार देखा जा सकता है जिस शहर में इतना मेहनती ईमानदार जिलाधिकारी हो वहां पर अगर किसी कॉलोनी में इतनी गंदी देखी जाए तो ऐसे इमानदार जिलाधिकारी के आदेशों का उल्लंघन नहीं तो और क्या है.

 

रामपुर की पुलिस की जितनी तारीफ की जाए उतनी कम है पूरा दिन रामपुर पुलिस दिन हो या रात अपने काम को बखूबी अपनी मेहनत और निष्ठा से रामपुर के रॉक डाउन को कामयाब कराने का अहम रोल रहा है. रामपुर पुलिस प्रशंसा के पात्र हैं.

 

-यासीन खान

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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