दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया की दिल्ली सरकार ने केंद्र को भेजे लॉकडाउन 4 के नए प्रस्ताव


दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बताया की दिल्ली सरकार ने केंद्र को भेजे लॉकडाउन 4 के नए प्रस्ताव

दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने दिल्ली कैंसर इंस्टीट्यूट के संविदा कर्मियों की तनख्वाह को लेकर कहा कि जानकारी मिली है कि साॅफ्टवेयर में तकनीकी गड़बड़ी की वजह से उन्हें तनख्वाह नहीं मिली है। इसे ठीक कर दिया गया है और अब सभी को तनख्वाह मिल रही है। लाॅकडाउन-4.0 में दी जाने वाली जरूरी ढील को लेकर दिल्ली की जनता से मिले सुझावों पर विचार के उपरांत प्रस्ताव बना कर दिल्ली सरकार ने केंद्र सरकार को भेज दिया है। जनता से बहुत सारे सुझाव आए थे। ज्यादातर लोगों ने दो मुख्य बातों पर ज़ोर दिया है। पहला, मास्क है। लोगों ने सुझाव दिया है कि जब भी कोई घर से बाहर निकले, वह मास्क जरूर पहनें और दूसरा, सोशल डिस्टेंसिंग है। जो भी चीजें खोली जाएं, वहां पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन होना चाहिए।

 

लोगों ने सुझाव दिया है कि बसें चलाईं जाएं, लेकिन पूरी क्षमता में नहीं, बल्कि कुछ बसें चलाई जाएं। इसी तरह, मेट्रो चलाने का सुझाव आया है। इसे भी सोशल डिस्टेंसिंग के साथ कम क्षमता में चलाने का सुझाव मिला है। मार्केट को लेकर लोगों ने कई सारे सुझाव दिए हैं। लोगों का कहना है कि लाॅकडाउन की वजह से मार्केट बंद है, उसे खोल दिया जाए। कुछ लोगों का कहना है कि अभी 25 या 50 प्रतिशत मार्केट खोली जाए। शाॅप को लेकर लोगों का कहना है कि इसे आॅड-ईवन करके खोला जाए। कुछ लोगों ने सप्ताह में तीन दिन खोलने का सुझाव दिया है।

 

स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि कोरोना वायरस कैसे व्यवहार करता है और कैसे संक्रमण बढ़ता है, पिछले दो महीने में इसके बारे में जानकारी धीरे-धीरे बढ़ी है। लाॅकडाउन से काफी फायदा मिला है। अगर लाॅकडाउन नहीं किया गया होता, तो संक्रमण और बढ़ सकता था। यह कह सकते हैं कि अगर हम मास्क लगाते हैं, सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करते हैं और बार-बार अपने हाथों को साफ करते हैं, तो 90-95 प्रतिशत तक संक्रमण से बचने की संभावना है।

 

स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि पहले लगता था कि गर्मी शुरू होगी, तो कोरोना चला जाएगा। हमें विश्वास था कि एक मई इसका आखरी दिन होगा और हमेशा के लिए चला जाएगा, लेकिन अब यह जाने वाला नहीं लग रहा है। ब्राजील समेत कई देशों में काफी अधिक गर्मी बढ़ गई है, इसके बाद भी कोरोना पर ज्यादा असर नहीं पड़ा है। अब हमें कोरोना के साथ जीना सीखना ही पड़ेगा। जहां तक कोरोना मरीजों की संख्या बढ़ने की बात है, तो हमें इसकी संख्या पर नहीं जाना चाहिए। हमें इसके बढ़ने के प्रतिशत को देखना चाहिए। कल इसके बढ़ने का दर करीब 5 प्रतिशत था। अभी यहां कोरोना मरीजों के बढ़ने का दर 5 से 5.5 प्रतिशत है। कभी इसके बढ़ने की दर 20 प्रतिशत थी। फिर 12 हुई। इसके बाद कम हुआ और अब 5-6 प्रतिशत है।

 

स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने कहा कि सरकार का मत है कि हमें जनता से मिले सुझावों में संतुलन बनाने की आवश्यकता है। हमारे लिए वायरस के संक्रमण को रोकना जरूरी है। इसे सिर्फ लाॅकडाउन से नहीं रोकना है। इसके साथ हमें अन्य कार्य भी करने होंगे। आज से दो माह पहले विशेषज्ञों का भी कहना था कि मास्क लगाने से ज्यादा फायदा नहीं होने वाला है। आज सबका कहना है कि यदि दोनों (मरीज और सामने वाला व्यक्ति) ने मास्क लगाया है, तो संक्रमण की संभावना बहुत कम रह जाती है। यदि आप साबुन से बार-बार हाथ धोते हैं और एक-दूसरे से थोड़ी दूरी बना कर रखते हैं, तो संक्रमण से बच सकते हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि जब कोरोना के केस बहुत कम थे, तब हमें इसके व्यवहार के बारे में जानकारी नहीं थी। तब हमें लगता था कि एक-दो महीने में खत्म हो जाएगा। अब हो सकता है कि यह एक, दो या तीन साल तक रहने वाला हो। दिल्ली में आ रहे केसों में कुछ कंटेन्मेंट जोन से भी हैं।

 

स्वास्थ्य मंत्री सतेंद्र जैन ने प्रवासी मजदूरों के संबंध में कहा कि कुछ प्रवासी मजदूर दूसरे राज्यों से दिल्ली होकर अपने मूल प्रदेश के लिए जा रहे हैं। दिल्ली के प्रवासी मजदूरों के लिए सरकार ने जगह-जगह रैन बसेरा बनाया हुआ है। इन रैन बसेरों में कोई भी रह सकता है। सभी रैन बसेरों में रहने के साथ खाने की भी व्यवस्था की गई है। दिल्ली में प्रतिदिन 10 लाख लोगों को दिन में लंच और रात में डिनर कराया जाता है। यदि 10 लाख की जगह 20 लाख लोग भी होंगे, तो हम इसके लिए तैयार हैं। वहीं, उन्होंने कहा कि शुरूआत में किसी भी फैक्ट्री को खोलना आसान नहीं है। इन्हें खुलने में 4-5 दिन लग सकते हैं।

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×