कांग्रेस ने लॉकडाउन -2 का किया समर्थन पर सरकार से पूछा, जीविका का मुद्दा कहां है?


कांग्रेस ने लॉकडाउन -2 का किया समर्थन पर सरकार से पूछा, जीविका का मुद्दा कहां है?

पीएम नरेंन्द्र मोदी ने आज देशवासियो को संबोधित किया और कोरोना के बढ़ते प्रकोप के मद्देनजर उन्होने लॉकडाउन की अविधि को 3 मई तक कि लिए बढ़ा दिया. भारत सरकार के इस कदम का लोगो ने स्वागत किया है क्योकि ये समय की  मांग है.

 

इसी बीच विपक्षी पार्टी कांग्रेस ने भारत सरकार ने लॉकडाउन के बढ़ाने के फैसले का समर्थन तो किया है पर उसने सरकार पर राहत पैकेज का ऐलान ना करने का आरोप लगाया. लॉकडाउन पार्ट 2 को लेकर पूर्व वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने ट्विट किया और कहा कि हम 'हम लॉकडाउन बढ़ाने की मजबूरी समझते हैं और हम इस निर्णय का समर्थन करते हैं.

 

साथ ही चिदंबरम में आरोप लगाया, 'गरीबों को 40 दिनों (21+19) के लिए अपने हाल पर छोड़ दिया गया है. पैसा है, खाद्य सामग्री है, लेकिन सरकार इन्हें जारी नहीं कर रही. आपको बता दे कि उन्होने गरीब और मजदूर वर्ग के लिए राहत पैकेज का ऐलान ना करने को लेकर सरकार को घेरा है. वहीं कांग्रेस नेता अभिनषेक मनु सिंघवी ने ट्विटर के माध्यम से पीएम नरेन्द्र मोदी को घेरते हुए लिखा कि पीएम के भाषण में कुछ भी विशेष नहीं था.

 

वित्तीय पैकेज की घोषणा नहीं की गई, कोई विवरण नहीं दिया गया, कोई ठोस बात नहीं है। मध्य वर्ग, गरीब और कारोबारियों के लिए कुछ नहीं कहा गया. साथ ही सिंघवी ने सवाल किया कि 'लॉकडाउन तो अच्छा है, लेकिन जीविका का मुद्दा कहां है?' विपक्ष ने सरकार को राहत पैकेज के मुद्दे पर घेरा है.

 

अब आने वाले समय में ये देखना होगा कि सरकार अगले 20 दिनों यानि 3 मई तक के लॉकडाउन के दौरान दूसरे राहत पैकेजा का ऐलान कब करती है. आपको बता दे कि इससे पहले सरकारा ने लॉकडाउन के ऐलान के बाद ही एक बड़े राहत पैकेज की ऐलान की थी जिसका फायदा लॉकडाउन से प्रभावित हुए लोगो तक पहुंचाया जा रहा है.

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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