गुल्लक लेकर थाने पहुंचे बच्चे, इंस्पेक्टर मां का जीत लिया दिल


गुल्लक लेकर थाने पहुंचे बच्चे, इंस्पेक्टर मां का जीत लिया दिल

कोरोना संकट की घड़ी में पूरा विश्व एक होकर इस जंग को जीतने में लगा है. हर कोई जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. संकट की इस घड़ी में लोगों की सेवा के लिए जी-जान से जुटे पुलिसवालों के जज़्बे को भी लोग सलाम कर रहे हैं. ऐसे में उनके बच्चे भी लोगों की मदद में पीछे नहीं हैं. कोरोना संकट की इस घड़ी में पुलिस कालोनी के बच्चों के साथ गुल्लक लेकर महिला थाने पहुंचे बच्चों ने वहां की प्रभारी इंस्पेक्टर मां और सिपाहियों का दिल जीत लिया. बच्चों ने जरूरतमंदों की मदद के लिए गुल्लक के 4600 रुपए भी उन्हें सौंपे.


पूरे देश में 21 दिन के लॉक डाउन के समय ऐसे बहुत से उदाहरण देखने को मिल रहे हैं. कोई गरीब और जरूरतमंदों को खाना खिला रहा है. तो कोई राशन उपलब्ध करा रहा है. वहीं लोग रोजमर्रा की चीजें  और खाने-पीने का सामान लेकर घर-घर भी पहुंच रहे हैं. संकट की इस घड़ी में डॉक्टरों के साथ मेडिकल स्टाफ और पुलिस वालों ने भी हर संभव लोगों की मदद की कोशिश की है.

 

पुलिस वालों के इसी कर्तव्यनिष्ठा और दूसरों की मदद के जज्बे को देखकर गोरखपुर के महिला थाने की प्रभारी इंस्पेक्टर अर्चना सिंह के बच्चों अविराज और आन्या से भी रहा नहीं गया. वे अपनी ही पुलिस कॉलोनी के दो बच्चों के साथ महिला थाने गुल्लक लेकर चल दिए. यह भावुक क्षण जब चारों बच्चे महिला थाने पर गुल्लक लेकर पहुंचे उन्होंने इंस्पेक्टर मां के हाथों अपना गुल्लक सौंपा और इन रुपयों से जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की.

 

यह भावुक क्षण देखकर महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह और वहां मौजूद महिला सिपाहियों की आंखें भी नम हो गई. उन्होंने बच्चों की इतनी बड़ी सोच की तारीफ की और कहा कि सभी लोग जरूरतमंदों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं. ऐसे में उनके बच्चों ने कॉलोनी के बच्चों के साथ थाने पर आकर जो मदद की है, यह बहुत ही बड़ी बात है. उन्होंने कहा कि मां होने के नाते उनके लीजिए और भी बड़ा भावुक क्षण है. इसे शब्दों में बयां करना मुश्किल है.

 

पुलिस कॉलोनी की रहने वाली बच्ची ऋषिता ने कहा कि पुलिस वाले हर किसी की मदद कर रहे हैं उन्हें राशन से लेकर खाना तक उपलब्ध करा रहे हैं ऐसे में उनके भी मन में आया कि वे अपने गुल्लक से इस संकट की घड़ी में जरूरतमंदों की मदद करें और उन्होंने महिला थाने आकर अपना गुल्लक जरूरतमंदों की मदद के लिए सौंपा है उन्हें उम्मीद है कि उनके दिए हुए रुपयों से जरूरतमंदों की कुछ मदद हो पाएगी.

 

वही महिला थाना प्रभारी अर्चना सिंह के बेटे अविराज सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने गुल्लक के रुपए थाने पर दिए हैं. उसे उम्मीद है कि इन लोगों से जरूरतमंदों की मदद हो पाएगी. टीवी पर पुलिसवालों को दूसरों की मदद करते हुए देखकर उनके मन में भी यह ख्याल आया कि वह भी अपने गुल्लक में जमा किए हुए रुपए से दूसरों की मदद कर सकते हैं. उन्हें उम्मीद है कि यह रुपए जरूरतमंदों के काम आएंगे.

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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