आमदनी घटी, फिर भी CEOs की सैलरी 16% बढ़ी


आमदनी घटी, फिर भी CEOs की सैलरी 16% बढ़ी

कंपनियों के मुनाफे में कमजोरी बनने के बावजूद भी पिछले साल इंडिया इंक के टॉप बॉस की पगार में औसतन 16 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। नुकसान होने के बावजूद भी कंपनियों के मैनेजिंग डायरेक्टरों और सीईओ की सैलरी में अधिक बढ़ोतरी की गई क्योंकि बोर्ड चाहता था कि कंपनी के CEO और MD मुश्किल वक्त से कंपनी को बाहर निकालें और ऐसा तभी मुमकिन है जब कंपनी उन्हें आर्थिक स्थिति से खुश रखेगी और अच्छा पे करेगी।

 

पिछले वित्त वर्ष में सामान्य कर्मचारियों और अधिकारियों की सैलरी में 9-9.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। इससे कंपनियों के शीर्ष अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों की सैलरी में अंतर बढ़ने की चिंता भी सामने आई। इसी मुद्दे पर बात चीत में RPG ग्रुप के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने कहा, ‘मुश्किल कारोबारी हालात में कंपनियां अच्छे टैलेंट को साथ बनाए रखना चाहती हैं और ज्यादा सैलरी देके अपने दिग्गज एम्प्लाइज को कंपनी में बनाये रखना चाहती है।’ 

 

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उन्होंने कहा कि भारत और वैश्विक स्तर पर कारोबारी चुनौतियां दिन पर दिन बढ़ रही हैं, इसलिए सीईओ की सैलरी में शायद अधिक बढ़ोतरी हुई। गोयनका ने कहा, ‘शीर्ष स्तर पर अच्छे टैलेंट की भी कमी है। यह भी सैलरी अधिक बढ़ने की एक वजह हो सकती है।’

 

बता दें की वित्त वर्ष 2019 में कंपनियों के एमडी और सीईओ की औसत पगार 6.39 करोड़ रुपये रही, जो वित्त वर्ष 2018 में 5.53 करोड़ और 2017 में 4.49 करोड़ थी। इकनॉमिक टाइम्स के सीईओ की सैलरी के विश्लेषण से यह जानकारी मिली है। इसमें कंपनियों के प्रमोटरों को शामिल नहीं किया गया।

 

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