जानें बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जीवनी


जानें बिहार के डिप्टी सीएम सुशील कुमार मोदी की जीवनी

बीजेपी के वरिष्ठ नेता और बिहार के वर्तमान उप मुख्यमंत्री सुशील मोदी अपने कुशल राजनीति के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने अपने जीवन में कई ऐसे उत्कृष्ट काम किये हैं। जिससे समाज और देश का हित हुआ है। वर्तमान में सुशील मोदी बिहार के मंझे हुए नेता है। आइये आज हम आपको सुशील मोदी की जीवनी बताने जा रहे हैं। आइये जानते हैं।

 

सुशील मोदी का जन्म 5 जनवरी 1952 को पटना में हुआ था। इनके पिता का नाम  मोती लाल मोदी था और माता का नाम रत्ना देवी था। इन्होने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पटना के सेंट माइकल स्कूल से की और फिर माध्यमिक एवं उच्च शिक्षा बी.एन. कॉलेज, पटना से विज्ञान संकाय से प्राप्त की। सुशील मोदी ने 1987 में  जेसी जॉर्ज से शादी की।

 

राजनैतिक करियर

सुशील कुमार मोदी ने राजनीति करियर की शुरुआत 1968 में आरएसएस ज्वाइन कर की। इससे पहले सिविल डिफेन्स ने उन्हें 1962 में भारत चीन युद्ध के दौरान स्कूल के छात्रों को शारीरिक फिटनेस व परेड की प्रशिक्षण के लिए कमांडेंट नियुक्त किया था।

 

 

इसके बाद 1973 में पटना युनिवर्सिटी स्टूडेंड युनियन के जनरल सेक्रेटरी बनाये गये और फिर 1977 से 1986 तक वे स्टेट ऑर्गेनाइजिंग सेक्रेटरी, ऑल इंडिया सेक्रेटरी, इन-चार्ज ऑफ यूपी एंड बिहार और विद्यार्थी परिषद के ऑफ इंडिया जनरल सेक्रेटरी की जिम्मेवारी निभाई। जब आपातकाल के दौरान जयप्रकाश आंदोलन हुआ, उस समय इन्होने आंदोलन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जिस कारण इन्हें कई बार जेल की हवा खानी पड़ी।

 

हालांकि, सुशिल कुमार मोदी का सक्रिय राजनीति की शुरुआत 1990 में हुई। जब उन्होंने पटना सेंट्रल असेंबली से चुनाव लड़ी और इस चुनव में उन्हें जीत हासिल हुई। इसके बाद वे बिहार बीजेपी विधानसभा दल के मुख्य सचेतक बनाये गए। इसके बाद 1996 से 2004 तक वे बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता रहे। इसी दौरान उन्होंने लालू यादव के खिलाफ चारा घोटाला मामले में जनहित याचिका दायर की थी।

 

इसी वर्ष वे भागलपुर संसदीय क्षेत्र से सांसद चुने गये और जब 2005 विधान सभा चुनाव में बीजेपी और जदयू के समर्थन में सरकार बनी तो मोदी को बिहार पार्टी के नेता चुना गया। इस समय उन्होंने भागलपुर संसदीय सीट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद जब 2010 विधान सभा चुनाव में बीजेपी की जीत हुई तो उन्हें बिहार का उप मुख्यमंत्री बनाया गया। इसके बाद ये सरकार 2015 तक चली लेकिन नितीश कुमार का राजद के साथ हाथ मिलाने के बाद बीजेपी और जदयू की गठबंधन टूट गयी।

 

हालांकि, इस चुनाव में बीजेपी को अप्रत्याशित जीत हासिल नहीं हुई और फिर उन्होंने प्रतिपक्ष का नेता बनते हुए लगातार लालू परिवार के काले कारनामे को उजागर किया। जिसके बाद नितीश कुमार ने राजद से समर्थन वापस ले ली और बीजेपी के साथ मिलकर सरकार बनाई। इस सरकार में सुशील मोदी एक बार फिर बिहार के डिप्टी सीएम बने।

 

 

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बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार


बेबाक पत्रकार रवीश कुमार को मिला ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार

हिंदी पत्रकारिता जगत में अपनी अलग पहचान बना चुके NDTV के रवीश कुमार को बेस्ट अवार्ड से सम्मानित किया गया है. ये अवार्ड 2019 के ‘रैमॉन मैगसेसे’ पुरस्कार से सम्मानित किया गया. इस अवार्ड को ‘रैमॉन मैगसेसे’ को एशिया का नोबेल पुरस्कार के नाम से जाना जाता है. यह पुरस्कार फिलीपीन्स के भूतपूर्व राष्ट्रपति रैमॉन मैगसेसे की याद में दिया जाता है.

आपको बता दें कि, सम्मान के लिए पुरस्कार संस्था ने ट्वीट कर बताया कि रवीश कुमार को यह सम्मान “बेआवाजों की आवाज बनने के लिए दिया गया है.” रवीश कुमार का कार्यक्रम ‘प्राइम टाइम’ ‘आम लोगों की वास्तविक, अनकही समस्याओं को उठाता है.” साथ ही प्रशस्ति पत्र में कहा गया की, ‘अगर आप लोगों की अवाज बन गए हैं, तो आप पत्रकार हैं.’ 

आपको बता दें कि, रवीश कुमार ऐसे छठे पत्रकार हैं जिनको यह पुरस्कार मिला है. इससे पहले अमिताभ चौधरी (1961), बीजी वर्गीज (1975), अरुण शौरी (1982), आरके लक्ष्मण (1984), पी. साईंनाथ (2007) को यह सम्मान मिल चुका है.

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28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज


28,000 और जवानों को कश्मीर में किया गया तैनात, हाई अलर्ट पर फोर्सेज

हाल ही में जम्मू कश्मीर में 10,000 हजार अतिरिक्त जवानों की तैनाती के एक हफ्ते के भीतर बड़ा कदम उठाते हुए मोदी सरकार ने कश्मीर 28,000 और अतिरिक्त सुरक्षाबलों की तैनाती कर दिया है. इसके साथ ही सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर रहने को कहा है.

जिसके चलते स्थानीय नागरिकों में पहचल शुरु हो गई है और लोगों ने तेजी से राशन पानी जुटाना शुरु कर दिया है. इस बीच राज्य के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने सरकार के इस अप्रत्याशित कदम पर ट्वीट कर कहा कि “ऐसी कौन सी वर्तमान परिस्थिति है जिसके चलते केंद्र सरकार ने सेना और वायुसेना को ऑपरेशनल अलर्ट पर ऱखा हुआ है, निश्चित तौर पर यह मामला 35ए अथवा परिसीमन से जुड़ा नहीं हैं. अगर सच में इस तरह का कोई अलर्ट जारी किया गया है तो यह बिल्कुल अलग चीज है.”

खास बात यह है कि इन सभी सुरक्षाबलों की राज्य के अति संवेदनशील माने जाने वाले इलाकों में भारी मात्रा में तैनाती की गई हैं. इसके अलावा राज्य के सभी जगहों पर अर्धसैनिक बलों ने कब्जा कर लिया है और प्रदेश पुलिस सिर्फ प्रतीकात्मक बन कर रह गई है.

घाटी में इतनी अधिक मात्रा में सुरक्षाबलों की तैनाती को लेकर हमारे सूत्रों का कहना है कि सरकार 370 और 35ए को लेकर कुछ बड़ा करने की तैयारी कर रही है. हालांकि सरकार का कहना है कि सीमापार से आतंकवादी कश्मीर में बड़ा हमला करने की फिराक में हैं जिसके मद्देनजर किया है.

लेकिन राजनीति के जानकारों का मानना है कि सरकार यह सब ध्यान भटकाने के लिए कह रही है जबकि असल में सरकार कुछ अलग और बड़ा करने की तैयारी कर रही है.

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