भविष्य में सांस लेना हो सकता है मुश्किल, जल कर खाक हो रहे है दुनिया के फेफड़े


भविष्य में सांस लेना हो सकता है मुश्किल, जल कर खाक हो रहे है दुनिया के फेफड़े

दुनिया का फेफड़ा कहे जाने वाले ब्राज़ील के अमेज़न जंगल में पिछले दो हफ्तों से भीषण आग लगी हुई है। यह आग शांत होने का नाम तक नहीं ले रही है, जिससे की जंगल में रहने वाले प्राणियों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.

 

कुछ जानवर इस आग की लपेट में आकर मर भी गए है। यह आग ब्राजील के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए खतरे की घंटी जैसा है। इस आग का सीधे तौर पर आपके जीवन पर क्या असर होगा।

 

अमेज़न के जंगलो को दुनिया का फेफड़ा इसलिए कहा जाता है क्योंकि यह पूरी दुनिया में मौजूद ऑक्सीजन का 20 फीसदी हिस्सा उत्सर्जित करते हैं। यहां 16 हजार से ज्यादा पेड़-पौधों की प्रजातियां हैं। अमेजन के जंगलों में करीब 39 हजार करोड़ पेड़ मौजूद हैं। यहां 25 लाख से ज्यादा कीड़ों की विभिन्न प्रजातियां पाई जाती हैं।

 

हाई ब्लड प्रेशर और लो ब्लड प्रेशर का परमानेंट समाधान

 

ब्राज़ील में आये दिन जंगलो में आग लग रही है और यह आग की घटनाएं दिन पर दिन बड़े ही जा रही है। इस साल जनवरी से अगस्त के बीच 73 हजार आग लगने की घटनाएं हुई हैं। जबकि 2018 में पूरे साल में कुल ऐसी 39,759 घटनाएं हुई थीं।

 

\"amazon

 

बात करें अमेज़न के जंगलो में रहने वाले आदिवासियों की तो अमेजन के जंगलों में 400 से 500 से ज्यादा स्वदेशी आदिवासी जातियां रहती हैं। इनमें से करीब 50 फीसदी आदिवासी प्रजातियों ने तो कभी बाहर की दुनिया से कोई संपर्क तक नहीं किया।

 

पेड़ों की ये घटती संख्या हमारे जीवन पर भी बहुत बुरा असर दाल रही है। पेड़ों का काम कार्बन को लेकर ऑक्सिजन देने का होता है, पेड़ों की संख्या घटने से ऐसा नहीं हो पाएगा। इतना ही नहीं पेड़ जिस कार्बन (CO2) को सोखते हैं, जलने पर उसे वापस छोड़ेंगे, जिससे कार्बन की मात्रा बढ़ती रहेगी।

 

रिमांड रूम में बीती दूसरी रात, आज होगी सुनवाई

और पढ़ें »

खास आपके लिए

-
-

रेसिपी

वायरल न्यूज़

×