कंटेन्मेन्ट जोन में रह रहे प्रत्येक के परिवार को तुरंत प्रभाव से 10,000 रुपये राहत के रुप में दिए जाये - चौ0 अनिल कुमार


कंटेन्मेन्ट जोन में रह रहे प्रत्येक के परिवार को तुरंत प्रभाव से 10,000 रुपये राहत के रुप में दिए जाये - चौ0 अनिल कुमार

दिल्ली प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताआें ने आज दिल्ली भर में 1000 से भी अधिक जगहों पर प्रातः 10.30 बजे से 11.00 बजे तक भाजपा की नरेन्द्र मोदी सरकार और दिल्ली की केजरीवाल सरकार की कोविड-19 महामारी पर नियंत्रण न करने की विफलताओं के खिलाफ सामाजिक दूरी का ध्यान रखकर धरना दिया जबकि राजधानी में कोविड मामलें तेजी से बढ़ रहे है और कोरोना से होने वाली मौतों ने खतरे की घंटी बजा दी है। धरने पर बैठे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथ में काली पट्टी बांधकर अपना विरोध दर्ज कराया, क्योंकि मोदी और केजरीवाल दोनो सरकारों ने बैठक करके सिर्फ बातचीत में समय व्यर्थ किया है, कोई रणनीति नही बनाई जिसके कारण दिल्ली में कोरोना वायरस के मामलों में जबरदस्त बढ़ौतरी हुई है।


प्रदेश कार्यालय राजीव भवन में धरने पर प्रदेश अध्यक्ष चौ0 अनिल कुमार के साथ श्री आदर्श शास्त्री, श्री परवेज आलम, श्री संदीप गोस्वामी और श्री जावेद मिर्जा के साथ कांग्रेस कार्यकर्ता भी शामिल थे।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा और आम आदमी पार्टी की दोनो सरकारों ने पहले लॉकडाउन के बाद महत्वपूर्ण 84 दिनों का कीमती समय बर्बाद किया जबकि इस दौरान कोविड मामले एकल अंकों में थे जिन पर नियंत्रण पाया जा सकता था। उन्होंने कहा कि ये दोनों सरकारें कोई कार्यवाही न करके एक दूसरे की पीठ थपथपाने की आपसी कवायद में लगी है जबकि इसके बजाय इनको सुविधाओं को बढ़ाने, अस्पताल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और डॉक्टरों, नर्सों, पैरामेडिकल स्टाफ जैसे कोरोना योद्धाओं और सेनिटाईजेशन कर्मचारी जो सीधे कोविड लड़ाई से जुड़े है इनके लिए सभी आवश्यक उपकरण और सुविधाएं मुहैया करानी चाहिए।  


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि यह विडंबना ही है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने एलएनजेपी अस्पताल का दौरा किया और अस्पताल की प्रशंसा करते हुए कहा कि अस्पताल “अच्छा काम“ कर रहे हैं, हालांकि कई मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मरीजों को अस्पताल के बाहर स्ट्रेचर पर मरने के लिए छोड़ दिया गया था, शवों को वार्ड में स्ट्रेचर पर ही रखा हुआ था, अस्पताल की असामान्य स्थिति और अस्वच्छ परिस्थितियों इतनी गड़बड़ाई हुई थी कि लोग अस्पताल के अंदर जाने से परहेज कर रहे थो। उन्होंने कहा कि यही कारण है कि राजधानी में कोविड के मामलों में अचानक उछाल आया, लोग कोरोना टेस्ट और भर्ती के  के लिए अस्पताल पहुंच रहे है लेकिन अस्पताल अधिकारियों द्वारा उन्हें यह कहकर दूर कर रहे है कि कोई बिस्तर उपलब्ध नहीं है। हालांकि केजरीवाल को दिन प्रतिदिन दिल्ली के लोगों से झूठ बोलना पड रहा है कि कोविड मरीजों के लिए बिस्तर की कोई कमी नहीं है।


चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि अब केजरीवाल मोदी सरकार से मांग कर रहे है कि क्वारन्टाईन मरीजों को रखने के लिए ट्रेन की प्रदान करें, हालांकि दिल्ली सरकार इसका आसानी से हल निकाल सकती है क्योंकि दिल्ली सरकार के तीन नए अस्पतालों - अम्बेडकर नगर अस्पताल, बुराड़ी अस्पताल और द्वारका में इंद्रा गांधी अस्पताल, जिनमें 2600 से अधिक बेड़ों की क्षमता है, दिल्ली सरकार इनका इस्तेमाल कर सकती है।


चौ0 अनिल कुमार ने अपनी मांग को दोहराया कि निःशुल्क कोविड टेस्ट का अधिकार दिल्ली के प्रत्येक नागरिक को मिलना चाहिए। कोविड मरीज तथा कंटेन्मेन्ट जोन में रह रहे प्रत्येक के परिवार को तुरंत प्रभाव से 10,000 रुपये दिए जाये ताकि लॉकडाउन के कारण वित्तिय संकट से जूझ रहे लोगों को राहत मिल सके क्योंकि केजरीवाल सरकार ने बिना किसी योजना तैयार किए ही लॉकडाउन को दिल्ली पर लागू कर दिया। चौ0 अनिल कुमार ने कहा कि भाजपा की केन्द्र सरकार और दिल्ली की आम आदमी पार्टी की सरकार ने आखिर स्वीकर कर ही लिया, जिसे दिल्ली कांग्रेस पिछले कई हफ्तों से लगातार कह रही थी कि दोनो सरकारों की अक्षमता और विफलता के कारण कोविड-19 महामारी की राजधानी में तेजी से वृद्धि हुई है।

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल


इस मंत्री ने गलती से ली मुख्यमंत्री पद की शपथ, हुए ट्रोल

आज सुबह से सोशल मीडिया पर एक खबर को काफी तेजी से वायरल किया जा रहा है. दरअसल, कर्नाटक में BS येदियुरप्पा के नेतृत्व वाली BJP सरकार के मंत्रियों ने बीते मंगलवार को पद और गोपनीयता की शपथ ली. इस दौरान जब BJP नेता और विधायक मधु स्वामी पद और गोपनीयता की शपथ ले रहे थे, तभी उन्होंने गलती से बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली. 

 

 

बता दें कि, मधु स्वामी जब शपथ ले रहे थे तो उन्हें मंत्री बोलना था, लेकिन जुबान फिसलने के चलते वह मुख्यमंत्री बोल पड़े. अब इस खबर को सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया जा रहा है. खास बात ये है कि इस दौरान CM येदियुरप्पा भी मौके पर मौजूद थे और मधु स्वामी की इस गलती पर मुस्कुरा दिए. इतना ही नहीं येदियुरप्पा ने मधु स्वामी को बाद में गले भी लगाया.

 

गौरतलब है कि, बीते मंगलवार को हुए शपथ ग्रहण समारोह में राज्यपाल वजुभाई वाला ने 17 विधायकों को मंत्री पद की शपथ दिलायी. जिन विधायकों को मंत्री पद से नवाजा गया है, उनमें बी. श्रीरमुलु, सीटी रवि, पूर्व भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केएस ईश्वरप्पा और पूर्व सीएम जगदीश शेट्टार का नाम शामिल है. बता दें कि, येदियुरप्पा के 26 जुलाई को CM बनने के बाद उनके मंत्रिमंडल का यह पहला विस्तार है. उन्होंने 29 जुलाई को विधानसभा में अपनी सरकार का बहुमत साबित किया था. 

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों


22 वर्ष पहले दफ़न हुए व्यक्ति का नहीं गला शरीर, मिला ज्यों का त्यों

उतर-प्रदेश के बांदा जिले से एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है, कई लोग इसे देखकर खुदा का करिश्मा मान रहें हैं तो वहीं कई लोग नेक इंसाल का दर्जा दे रहें हैं. बताया जा रहा है कि, यहां 22 वर्ष पहले कब्र मे दफनाए गए एक शख्स का जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला है.

 

ये मामला तब सामने आया जब मूसलाधार बारिश के चलते कब्रिस्तान में मिट्टी कटने से एक कब्र धंस गई और उसमें  22 वर्ष पहले दफन एक शख्स का कफन में लिपटा जनाजा़ दिखने लगा. यहां देखते ही देखते मौके पर काफी लोगों पहुंच गए. जब कफन में लिपटी लाश को निकाला गया तो वहां मौजूद सैकड़ों लोग देखकर दंग रह गए. क्योंकि 22 सालों बाद भी लाश ज्यों कि त्यों निकली.

 

फ़िल्म 'द जोया फैक्टर' और अभिनेत्री सोनम कपूर से जुड़ी रोचक बात

 

दरअसल, ये मामला उतर-प्रदेश के जिले बांदा के बबेरू कस्बे के अतर्रा रोड स्थित घसिला तालाब के कब्रिस्तान की है. यहां मूसलाधार बारिश से कई कब्रों की मिट्टी बह गई और एक कब्र में दफन जनाजा़ बाहर दिखने लगा. इसके बाद लोगों ने कब्रिस्तान कमेटी को इसकी जानकारी दी. कब्रिस्तान कमेटी के सदस्‍यों द्वारा जब कब्र की धंसी हुई मिट्टी को हटाकर देखा गया, तो उसमें दफनाया गया जनाजा ज्यों का त्यों पड़ा मिला.

 

गौरतलब है कि, इस कब्र में 22 वर्ष पहले 55 वर्षीय पेशे से नाई नसीर अहमद नाम के शख्स को दफनाया गया था. प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, नसीर अहमद पुत्र अलाउद्दीन निवासी कोर्रही, थाना बिसंडा बबेरू में नाई की दुकान थी. उन्‍हें लगभग 22 वर्ष पहले दफन किया गया था. जबकी दूसरी तरफ मृतक नसीर के एक रिश्तेदार बताते हैं कि उनका कोई बेटा नहीं था. 

 

22 वर्ष पहले उनका निधन हुआ था, जिसके बाद उनलोगों ने ही उनके शव को दफनाया था. लेकिन, आज उनका जनाजा मिटटी धंसने की वजह से बाहर निकल आया. न शव ख़राब हुई थी और न ही कफ़न पर कोई दाग लगा था. हालंकी, बाद में स्थानीय मौलानाओं की मौजूदगी में शव को कल देर रात उसे दूसरी कब्र में दोबारा से दफन किया गया.

 

पुराने से पुराने पिंपल्स और झाइयां के दाग को जड़ से मिटाने का नुश्खा

और पढ़ें »

खास आपके लिए

Senior Citizen Tiffin Seva

Viral अड्डा

  • news
  • news
  • news
  • news
-

वायरल न्यूज़

×