मोदी सरकार 2.0 का एक साल पूरा होने पर देश के नाम पीएम की चिट्ठी, बोले हमें आत्मनिर्भर बनना ही होगा


नई दिल्ली-

2019 में 30 मई यानि आज के दिन की तारीख बेहद अहम थी। आज ही के दिन राष्ट्रपति भवन की लाल कालीन से फिर से उस आवाज को देश की आवाम ने सुना था ''मैं नरेंद्र दामोदर दास मोदी... '' ऐतिहासिक क्षण की वो तारीख के पूरे एक बरस गुजर गए। इस खास अवसर पर पीएम मोदी ने देश की जनता के नाम एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा कि यदि सामान्य स्थिति होती तो मुझे आपके बीच आकर आपके दर्शन का सौभाग्य मिलता।

 

चिठ्ठी की खास बातें

पिछले साल इस दिन, कई दशकों के बाद, देश के लोगों ने पूर्ण बहुमत के साथ पूर्ण सरकार का समर्थन किया। एक बार फिर, मैं भारत के 130 करोड़ लोगों और हमारे राष्ट्र के लोकतांत्रिक लोकाचार को नमन करता हूं आपके स्नेह, सद्भावना और सक्रिय सहयोग ने नई ऊर्जा, और प्रेरणा दी है। सामान्य समय होता तो मैं आपके बीच में होता। हालांकि, वर्तमान परिस्थितियों में इसकी अनुमति नहीं है। इसलिए मैं इस पत्र के माध्यम से आपका आशीर्वाद चाहता हूं।

 

2014 में, लोगों ने एक व्यापक परिवर्तन के लिए मतदान किया। पिछले पांच वर्षों में, राष्ट्र ने देखा कि कैसे प्रशासनिक तंत्र ने खुद को यथास्थिति से मुक्त किया और भ्रष्टाचार के दलदल से और साथ ही साथ दुर्व्यवहार से भी मुक्त हुआ। 'अंत्योदय' की भावना के अनुरूप, लाखों लोगों का जीवन बदल गया है

 

2014 से 2019 तक, भारत का कद काफी बढ़ गया। गरीबों की गरिमा को बढ़ाया गया। राष्ट्र ने वित्तीय समावेशन, मुफ्त गैस और बिजली कनेक्शन, कुल स्वच्छता कवरेज प्राप्त किया, और 'सभी के लिए आवास' सुनिश्चित करने की दिशा में प्रगति की।

 

भारत ने सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक के माध्यम से अपनी सूक्ष्मता का प्रदर्शन किया। इसी समय, किसानों के लिए वन रैंक वन पेंशन, वन नेशन वन टैक्स और बेहतर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) जैसी पुरानी मांगें पूरी हुईं।

 

2019 में, भारतीयों ने न केवल निरंतरता के लिए बल्कि भारत को एक वैश्विक नेता बनाने के लिए भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के सपने के साथ मतदान किया। आज, 130 करोड़ लोग राष्ट्र के विकास प्रक्षेप पथ में शामिल और एकीकृत महसूस करते हैं। जन शक्ति और राष्ट्र शक्ति के प्रकाश ने पूरे राष्ट्र को प्रज्ज्वलित किया है। सबका साथ, सबका साथ, सबका विकास ’के मंत्र द्वारा संचालित, भारत सभी क्षेत्रों में आगे बढ़ रहा है।

 

पिछले एक साल में, कुछ फैसलों पर व्यापक रूप से चर्चा हुई और सार्वजनिक चर्चा में बने रहे। धारा 370 ने राष्ट्रीय एकता और एकीकरण की भावना को आगे बढ़ाया। सुप्रीम कोर्ट द्वारा सर्वसम्मति से दिया गया राम मंदिर का फैसला, सदियों से चली आ रही बहस का एक सौहार्दपूर्ण अंत लेकर आया। ट्रिपल तालक की बर्बर प्रथा को इतिहास के कूड़ेदान तक सीमित कर दिया गया है।

 

महामारी के कारण, हम निश्चित रूप से एक संकट का सामना कर रहे हैं। लेकिन हमारे लिए, यह भी एक दृढ़ संकल्प का समय है। 130 करोड़ भारतीय अपने सामर्थ्य से आर्थिक क्षेत्र में भी विश्व को चकित ही नहीं बल्कि प्रेरित भी कर सकते हैं। हम अपना वर्तमान और अपना भविष्य तय करेंगे। हम प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेंगे और जीत हमारी होगी।

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मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा


मुंबई से दिल्ली का सफ़र सिर्फ 10 घंटो में होगा पूरा

दिल्ली से मुंबई के बीच काफी तेज़ चलने वाली राजधानी एक्सप्रेस में सफर जल्द ही और छोटा होने वाला है। रेलवे अपने इन्फ्रास्ट्रक्चर को अब और बेहतर कर रहा है। delhi mumbai train

आपको बता दें, रेलवे ने 2023 तक इसके ट्रैवल टाइम को 5 घंटे 45 मिनट कम करने की योजना शुरू कर दी है। फिलहाल, इस सफर में 15 घंटे 45 मिनट लगते हैं। इन्फ्रास्ट्रक्चर के लचर होने के कारण यह ट्रेन अपनी क्षमता के मुताबिक स्पीड नहीं पकड़ पा रही थी।

घर से छिपकली भगाने के घरेलू उपाय।

हालांकि रेलवे ने 2016-17 में बजट मिशन रफ्तार के नाम से रेलवे के इन्फ्रास्ट्रक्चर को बदलने का प्लान भी किया था, लेकिन मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में इस पर ध्यान दिया जा रहा है। बताया जा रहा है कि रूट की क्षमता 20 प्रतिशत तक बढ़ाई जा सकती है। लेकिन हर दिन यह सेक्टर 100 पैसेंजर और 80 गुड्स ट्रेनें हैंडल करता है। delhi mumbai train

बता दें, राजधानी एक्सप्रेस रेक जर्मनी की सुपीरियर लिंक हॉफमन बश टेक्नॉलजी से बने होते हैं और यह 160 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ सकते है लेकिन इसको सपॉर्ट करने वाला इन्फ्रास्ट्रक्चर बेहतर नहीं है। जिस कारण यह 87 किमी प्रति घंटा की स्पीड से चलते है।

रेलवे के एक विश्लेषण से पता लगा है कि कुल 60,000 किमी के नेटवर्क में से सिर्फ 0.3 प्रतिशत 160 प्रति घंटा की रफ्तार को झेल सकता है, जबकि 5 प्रतिशत 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार का भार उठा सकता है।

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Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?


Facebook से आधार लिंक करना जरूरी है क्या?

अब नहीं चलेगी सोशल मीडिया पर फेक न्यूज क्योंकी अगर आपके फेसबुक अकाउंट से फेक न्यूज फैलती है तो इसका जवाब आपको खुद देना होगा. इसके अलावा फेसबुक को आधार से जोड़ना पड़ सकता है. इसका प्रयोग फेसबुक अकाउंट वेरिफिकेशन के लिए किया जाएगा.

आपको बतादें कि, इस मामले को लेकर सुप्रीम कोर्ट में एक PIL दायर की गई थी जिसपर कोर्ट ने कहा कि वर्तमान में यह मामला मद्रास, बॉम्बे और मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में लंबित है. दूसरी तरफ मीडिया का कहना है कि, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में केंद्र सरकार, गूगल, ट्विटर, यूट्यूब सहित अन्य को नोटिस जारी किया है. facebook aadhar link

इन्हें 13 सितंबर तक इस मामले में जवाब देने के लिए कहा गया है. बता दें कि, तमिलनाडु सरकार ने पिछले दिनों सुप्रीम कोर्ट में कहा था कि फेक न्यूज, अश्लील कंटेट, राष्ट्रविरोधी कंटेट पर लगाम कसने के लिए जरूरी है. फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म को आधार से लिंक किया जाए. ऐसा करने से आरोपियों की पहचान आसानी से हो पाएगी. facebook aadhar link

हालांकि, इसके विरोध में फेसबुक ने कोर्ट से कहा कि ऐसा करने से यूजर्स की प्राइवेसी को खतरा पहुंच सकता है. फेसबुक के लिए भारत एक बहुत बड़ा बाजार है.

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